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एमपी: शिविर में भाजपा नेता ने मंच से प्रशासन को घेरा, हिसाब मांगते हुए बोले- पहले बताएं कितने मामले सुलझे?
Tue, 06 Oct 2026 12:21 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:21 PM IST
सार
शहडोल के ब्यौहारी में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में भाजपा जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी ने मंच से जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने करीब 15 दिन पहले हुए शिविर में मिले आवेदनों के निराकरण की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
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मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में भाजपा नेता ने अधिकारियों को घेरा
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
शहडोल जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब भाजपा के जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी ने मंच से ही जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने अधिकारियों से पुराने शिविरों में प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
मंच से अधिकारियों से मांगा पुराने आवेदनों का हिसाब
दुर्गेश तिवारी ने कहा कि करीब 15 दिन पहले भी इसी तरह का शिविर आयोजित किया गया था। उस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे और अधिकारियों को आवेदन सौंपे गए थे। अब दोबारा शिविर लगाया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पिछली बार प्राप्त कितने आवेदनों का निराकरण किया गया। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बार-बार जनसमस्या समाधान के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं तो इनका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचना भी दिखाई देना चाहिए। केवल लोगों से आवेदन लेना और उनकी समस्याएं सुनना पर्याप्त नहीं है। आवेदनों पर तय समय सीमा में कार्रवाई होनी चाहिए और उसकी जानकारी संबंधित आवेदकों को भी दी जानी चाहिए।
बोले- उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचते हैं ग्रामीण
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि ग्रामीण बड़ी उम्मीद लेकर जनविश्वास शिविर में पहुंचते हैं। उन्हें भरोसा रहता है कि शिविर में अधिकारी उनकी समस्या सुनेंगे और उसका समाधान होगा। ऐसे में यदि पुराने आवेदनों पर कार्रवाई नहीं हुई है तो नए आवेदन लेने से पहले उनकी प्रगति की समीक्षा होनी चाहिए।
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ये भी पढ़ें- आस्था, कला और हुनर का संगम: सागर में 50 साल से बन रही दुर्गा प्रतिमाएं, देशभर में रहती है डिमांड
मंच से अधिकारियों को घेरने का वीडियो वायरल
मंच से भाजपा के ही जिला पंचायत सदस्य द्वारा अधिकारियों को घेरने का यह मामला शिविर में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने प्रशासन से पुराने आवेदनों के निराकरण की स्थिति सार्वजनिक करने और लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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मंच से अधिकारियों से मांगा पुराने आवेदनों का हिसाब
दुर्गेश तिवारी ने कहा कि करीब 15 दिन पहले भी इसी तरह का शिविर आयोजित किया गया था। उस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे और अधिकारियों को आवेदन सौंपे गए थे। अब दोबारा शिविर लगाया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पिछली बार प्राप्त कितने आवेदनों का निराकरण किया गया। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बार-बार जनसमस्या समाधान के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं तो इनका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचना भी दिखाई देना चाहिए। केवल लोगों से आवेदन लेना और उनकी समस्याएं सुनना पर्याप्त नहीं है। आवेदनों पर तय समय सीमा में कार्रवाई होनी चाहिए और उसकी जानकारी संबंधित आवेदकों को भी दी जानी चाहिए।
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बोले- उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचते हैं ग्रामीण
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि ग्रामीण बड़ी उम्मीद लेकर जनविश्वास शिविर में पहुंचते हैं। उन्हें भरोसा रहता है कि शिविर में अधिकारी उनकी समस्या सुनेंगे और उसका समाधान होगा। ऐसे में यदि पुराने आवेदनों पर कार्रवाई नहीं हुई है तो नए आवेदन लेने से पहले उनकी प्रगति की समीक्षा होनी चाहिए।
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मंच से अधिकारियों को घेरने का वीडियो वायरल
मंच से भाजपा के ही जिला पंचायत सदस्य द्वारा अधिकारियों को घेरने का यह मामला शिविर में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने प्रशासन से पुराने आवेदनों के निराकरण की स्थिति सार्वजनिक करने और लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग रखी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
