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थानेदार चोरी से करते रहे इंकार, कप्तान ने सिपाहियों को कर लाइन हाजिर
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इमलिया सुल्तानपुर (सीतापुर)। इमलिया सुल्तानपुर के थानेदार की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है। घटना को दबाने और छिपाने के आरोप उन पर लग रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व थाना क्षेत्र में पुलिस पिकेट से चंद कदम दूर सराफा की दुकान में हुई चोरी के मामले में एसपी ने वहां तैनात दोनों सिपाहियों को देर रात लाइन हाजिर कर दिया। हैरानी की बात है कि शुरुआत से घटना नकार रहे एसओ ने अब तक केस तक दर्ज नहीं किया है।
शुक्रवार की रात चोरों ने शहर कोतवाली इलाके के नई बस्ती निवासी सराफा की दुकान का शटर तोड़कर एक लाख का माल पार कर दिया था। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन एसओ इमलिया सुल्तानपुर अनिल सिंह ने घटना को संदिग्ध मान कर केस दर्ज नहीं किया था। एसओ ने उलटा पीड़ित से दुकान के पंजीकरण से लेकर चोरी गए सामान का ब्योरा, धातु बेचने का प्रमाणपत्र मांगा था।
बृहस्पतिवार एसपी आरपी सिंह ने पुलिस पिकेट पर शनिवार को थाने के वहां तैनात दोनों सिपाही कुलदीप कुमार व वेदप्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया। उधर, एसओ घटना को आपसी रंजिश मान रहे हैं। मामले को तूल पकड़ने पर दुकान स्वामी को बुलाकर तहरीर ली पर कार्रवाई नहीं की। अब दोनों सिपाहियों पर की गई लाइन हाजिर की कार्रवाई उसी चोरी की घटना से जोड़कर देखी जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिले के मुखिया आरपी सिंह हर छोटी-बड़ी घटना को संज्ञान में लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, फिर उन्हीं के मातहत एसओ हर मामले को दबाने और छिपाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं। एसओ अनिल सिंह कहते हैं कि मामले में क्या कार्रवाई हुई है, यह बताना जरूरी नहीं है। विभाग अपने हिसाब से मामला दर्ज करेगा।
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शुक्रवार की रात चोरों ने शहर कोतवाली इलाके के नई बस्ती निवासी सराफा की दुकान का शटर तोड़कर एक लाख का माल पार कर दिया था। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन एसओ इमलिया सुल्तानपुर अनिल सिंह ने घटना को संदिग्ध मान कर केस दर्ज नहीं किया था। एसओ ने उलटा पीड़ित से दुकान के पंजीकरण से लेकर चोरी गए सामान का ब्योरा, धातु बेचने का प्रमाणपत्र मांगा था।
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बृहस्पतिवार एसपी आरपी सिंह ने पुलिस पिकेट पर शनिवार को थाने के वहां तैनात दोनों सिपाही कुलदीप कुमार व वेदप्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया। उधर, एसओ घटना को आपसी रंजिश मान रहे हैं। मामले को तूल पकड़ने पर दुकान स्वामी को बुलाकर तहरीर ली पर कार्रवाई नहीं की। अब दोनों सिपाहियों पर की गई लाइन हाजिर की कार्रवाई उसी चोरी की घटना से जोड़कर देखी जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिले के मुखिया आरपी सिंह हर छोटी-बड़ी घटना को संज्ञान में लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, फिर उन्हीं के मातहत एसओ हर मामले को दबाने और छिपाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं। एसओ अनिल सिंह कहते हैं कि मामले में क्या कार्रवाई हुई है, यह बताना जरूरी नहीं है। विभाग अपने हिसाब से मामला दर्ज करेगा।
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