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Sitapur News: 18 करोड़ से अधिक नहीं खर्च पाया पंचायत राज विभाग
Fri, 03 Apr 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:19 AM IST
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सीतापुर। शासन ने विकास कार्यों के लिए विभागों को बीते वित्तीय वर्ष में लाखों रुपये का बजट आवंटित किया था। इस बजट को खर्च करने में पंचायत राज विभाग सबसे निचले पायदान पर रहा। जिम्मेदारों की उदासीनता से विभागीय स्तर पर बिना खर्च रही 18 करोड़ से अधिक की बजट राशि खर्च न हो पाने के कारण वापस करना पड़ी।
कोषागार के आंकड़ों के अनुसार पंचायत राज विभाग को ग्रांट संख्या 14 के तहत 1,06 अरब रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसके सापेक्ष विभाग की ओर से 98.59 करोड़ की राशि ही खर्च की गई। जबकि 8.30 करोड़ से अधिक की राशि बिना खर्च रह गई। इसी तरह ग्रांट संख्या 83 के तहत विभाग को 88.79 करोड़ का आवंटन शासन ने किया था। इसमें से 78.64 करोड़ की राशि ही खर्च हो सकी। 10.14 की राशि बिना खर्च रह गई।
इसी तरह सिंचाई विभाग को ग्रांट संख्या 58 के तहत आवंटित राशि में से 10.56 करोड़ रुपये बिना खर्च किए ही वापस करना पड़े। इसी विभाग को ग्रांट संख्या 83 के तहत प्राप्त धनराशि से 1.13 करोड़ की राशि भी बिना खर्च रह गई। जबकि समाज कल्याण विभाग को डेढ़ करोड़ की बजट राशि खच न हो पाने के कारण वापस करना पड़ी। इसी तरह कई अन्य विभागों को आवंटित विभिन्न मंदों का लाखों का बजट बीते वित्तीय वर्ष में खर्च न हो पाने के कारण सरकार को वापस करना पड़ा।
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कोषागार के आंकड़ों के अनुसार पंचायत राज विभाग को ग्रांट संख्या 14 के तहत 1,06 अरब रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसके सापेक्ष विभाग की ओर से 98.59 करोड़ की राशि ही खर्च की गई। जबकि 8.30 करोड़ से अधिक की राशि बिना खर्च रह गई। इसी तरह ग्रांट संख्या 83 के तहत विभाग को 88.79 करोड़ का आवंटन शासन ने किया था। इसमें से 78.64 करोड़ की राशि ही खर्च हो सकी। 10.14 की राशि बिना खर्च रह गई।
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इसी तरह सिंचाई विभाग को ग्रांट संख्या 58 के तहत आवंटित राशि में से 10.56 करोड़ रुपये बिना खर्च किए ही वापस करना पड़े। इसी विभाग को ग्रांट संख्या 83 के तहत प्राप्त धनराशि से 1.13 करोड़ की राशि भी बिना खर्च रह गई। जबकि समाज कल्याण विभाग को डेढ़ करोड़ की बजट राशि खच न हो पाने के कारण वापस करना पड़ी। इसी तरह कई अन्य विभागों को आवंटित विभिन्न मंदों का लाखों का बजट बीते वित्तीय वर्ष में खर्च न हो पाने के कारण सरकार को वापस करना पड़ा।
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