{"_id":"62f40328f051b52cfe657008","slug":"opreation-sitapur-news-lko64354302","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्जन की कमी के चलते जिला अस्पताल में टले 20 ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्जन की कमी के चलते जिला अस्पताल में टले 20 ऑपरेशन
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सीतापुर। जिला अस्पताल पहले से ही सर्जन की कमी से जूझ रहा है। एक ही सर्जन की इमरजेंसी ड्यूटी लगने से हालात खराब होते जा रहे है। अस्पताल में इस समय 25 से अधिक आपरेशन पेडिंग चल रहे है। इन मरीजों को कई बार आपरेशन की तिथियां दी जा चुकी है। लेकिन समय के अभाव के चलते इनके आपरेशन हो नहीं पा रहे है। इससे मरीजों को आपरेशन के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल इस समय चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में दो सर्जन के पद है। जिसमें महज एक ही सर्जन डॉ. गौरव मिश्रा की तैनाती बनी हुई है। जब अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है तो सर्जन की भी इमरजेंसी ड्यूटी लगाई जा रही है। जबकि आमतौर पर सर्जन की इमरजेंसी ड्यूटी नहीं लगती है।
जब सर्जन इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे है तो आपरेशन पर इसका असर पड़ रहा है। इस समय अस्पताल में करीब 25 आपरेशन पेडिंग चल रहे है। इन मरीजों को पहले समय दिया गया था, लेकिन डॉक्टर साहब व्यस्त होने के चलते वह आपरेशन नहीं कर पाए है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
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अधिक पड़ रहा है भार
सर्जन डॉ. गौरव मिश्रा का कहना है कि सुबह के समय रोजाना 11 बजे तक ओपीडी करते है। उसके बाद आपरेशन रूम में चले जाते है। रोजाना आठ से 10 आपरेशन करते है। शाम के समय अस्पताल आकर वार्डों में भर्ती मरीजों को देखते है। इस दौरान अगर इमरजेंसी ड्यूटी पड़ जाती है तो उसे भी करते रहते है।
डीएम के आदेश के बाद भी नहीं पहुंचे चिकित्सक
ट्रामा सेंटर के लिए इस बार ट्रांसफर पॉलिसी में दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर मिले थे। लेकिन ट्रामा में सुविधाएं न होने के कारण इन चिकित्सकों को डीएम ने जिला अस्पताल में बढ़ती समस्या को देखते हुए इन्हें अस्पताल में अटैच करने के निर्देश सीएमओ को दिए थे। इस पर सीएमओ ने इन दोनों चिकित्सकों को अस्पताल में अटैच कर दिया था। लेकिन अभी तक इन लोगों ने जॉइनिंग नहीं दी है। अगर यह चिकित्सक आ जाए तो सर्जन सहित अन्य चिकित्सकों से भार कम पड़ जाएगा। जिससे अस्पताल की सुविधाएं कुछ पटरी पर आ जाएगी।
बनी है कमी
अस्पताल में इस समय चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इससे एक ही चिकित्सक पर अधिक भार पड़ रहा है। इसी वजह से आपरेशन में देरी होती है। जिला अस्पताल को सीएमओ की तरफ से मिले दो चिकित्सक अभी तक जॉइनिंग नहीं दी है। अगर यह लोग आ जाए तो काफी मदद मिलेंगी।
डॉ. डीके गंगवार, प्रभारी सीएमएस
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जिला अस्पताल इस समय चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में दो सर्जन के पद है। जिसमें महज एक ही सर्जन डॉ. गौरव मिश्रा की तैनाती बनी हुई है। जब अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है तो सर्जन की भी इमरजेंसी ड्यूटी लगाई जा रही है। जबकि आमतौर पर सर्जन की इमरजेंसी ड्यूटी नहीं लगती है।
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जब सर्जन इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे है तो आपरेशन पर इसका असर पड़ रहा है। इस समय अस्पताल में करीब 25 आपरेशन पेडिंग चल रहे है। इन मरीजों को पहले समय दिया गया था, लेकिन डॉक्टर साहब व्यस्त होने के चलते वह आपरेशन नहीं कर पाए है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
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अधिक पड़ रहा है भार
सर्जन डॉ. गौरव मिश्रा का कहना है कि सुबह के समय रोजाना 11 बजे तक ओपीडी करते है। उसके बाद आपरेशन रूम में चले जाते है। रोजाना आठ से 10 आपरेशन करते है। शाम के समय अस्पताल आकर वार्डों में भर्ती मरीजों को देखते है। इस दौरान अगर इमरजेंसी ड्यूटी पड़ जाती है तो उसे भी करते रहते है।
डीएम के आदेश के बाद भी नहीं पहुंचे चिकित्सक
ट्रामा सेंटर के लिए इस बार ट्रांसफर पॉलिसी में दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर मिले थे। लेकिन ट्रामा में सुविधाएं न होने के कारण इन चिकित्सकों को डीएम ने जिला अस्पताल में बढ़ती समस्या को देखते हुए इन्हें अस्पताल में अटैच करने के निर्देश सीएमओ को दिए थे। इस पर सीएमओ ने इन दोनों चिकित्सकों को अस्पताल में अटैच कर दिया था। लेकिन अभी तक इन लोगों ने जॉइनिंग नहीं दी है। अगर यह चिकित्सक आ जाए तो सर्जन सहित अन्य चिकित्सकों से भार कम पड़ जाएगा। जिससे अस्पताल की सुविधाएं कुछ पटरी पर आ जाएगी।
बनी है कमी
अस्पताल में इस समय चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इससे एक ही चिकित्सक पर अधिक भार पड़ रहा है। इसी वजह से आपरेशन में देरी होती है। जिला अस्पताल को सीएमओ की तरफ से मिले दो चिकित्सक अभी तक जॉइनिंग नहीं दी है। अगर यह लोग आ जाए तो काफी मदद मिलेंगी।
डॉ. डीके गंगवार, प्रभारी सीएमएस