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Sitapur News: बाल रोग विशेषज्ञ के बिना चल रहा पोषण पुनर्वास केंद्र

Tue, 01 Jul 2025 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 01 Jul 2025 12:12 AM IST
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Nutrition rehabilitation center running without a pediatrician
बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में बच्चे का इलाज करते अधीक्षक डॉ अरविंद बाजपेयी। 
लहरपुर(सीतापुर)। सीएचसी में कुपोषित बच्चों की सेहत दुरुस्त करने के लिए स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र विशेषज्ञ चिकित्सक के बिना अधूरा है। केंद्र तो शुरू कर दिया गया, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ न होने से बच्चों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। सीएचसी अधीक्षक व अन्य चिकित्सक बच्चों का इलाज करते हैं।
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सीएचसी में 11 अप्रैल को 10 बेड के एनआरसी का शुभारंभ जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व सीएमओ ने किया था। इसका उद्देश्य था कि आसपास गांव के कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती करके उन्हें चुस्त दुरुस्त किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र तो चालू करवा दिया, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करना भूल गए। इसकी वजह से विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से बच्चों को अन्य बीमारियों के चिकित्सक इलाज करते हैं। जबकि सीएचसी में रोजाना करीब 100 बच्चे विभिन्न बीमारियों के आते हैं। अगर यहां पर बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हो जाए तो काफी हद तक बच्चों को सही इलाज मिलेंगा।
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किया गया है पत्राचार
अधीक्षक डॉ. अरविंद वाजपेयी ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में अब तक 23 बच्चों में से 22 बच्चे ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। केंद्र में गोरिया प्रहलादपुर की कुपोषित डेढ़ वर्ष की सायरा भर्ती है। उन्होंने बताया कि विभिन्न केंद्रों से आने वाले एक से पांच वर्ष तक कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में 14 दिन रोककर उन्हें पोषण से भरपूर डाइट दी जाती है। उनके साथ आने वाले अभिभावक को भी प्रोटीनयुक्त भोजन दिया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति को लेकर सीएमओ को पत्राचार किया जा चुका है।
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इस समय फैल रहा मलेरिया
इस समय संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। बच्चे भी इनकी चपेट में आ रहे हैं। कोई बुखार से परेशान है तो किसी की तेजी से प्लेटलेट्स गिर रही है। इससे बच्चे सामान्य इलाज तो पा जाते है। अगर उन्हें कोई गंभीर बीमारी होती है तो उन्हें सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। यह समस्या बच्चों के इलाज पर भारी पड़ रही है।
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