{"_id":"68bb2c64c085def12000da1c","slug":"notice-to-985-principals-sitapur-news-c-102-1-slko1053-139725-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: 985 प्रधानाध्यापकों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: 985 प्रधानाध्यापकों को नोटिस
Sat, 06 Sep 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में तमाम प्रयासों के बाद भी नौनिहालों की हाजिरी नहीं बढ़ पा रही है। एमडीएम की समीक्षा में मालूम हुआ कि 985 विद्यालयों में 75 फीसदी से कम नौनिहाल स्कूल पहुंच रहे हैं। बीएसए ने इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस दिया है। एक सप्ताह के अंदर कारण सहित जवाब मांगा है।
विद्यालय में नौनिहालों को रोजाना मध्याह्न भोजन दिया जाता है। विद्यालय में रोजाना कितने बच्चे आए और कितने बच्चों ने खाना खाया, इसकी मॉनिटरिंग होती है। दैनिक अनुश्रवण प्रणाली की समीक्षा हुई। इससे पता चला कि एक अगस्त से 31 अगस्त के बीच नौनिहालों की संख्या बेहद कम रही। 985 विद्यालयों में 75 फीसदी से कम नौनिहाल पहुंचे।
प्रधानाध्यापकों को कई बार चेतावनी दी गई थी कि हर हाल में विद्यालय में 75 फीसदी से अधिक नौनिहालों का आना सुनिश्चित करें। इसके बावजूद प्रधानाध्यापकों ने कोई ध्यान नहीं दिया। मॉनिटरिंग में कमी मिलने पर नोटिस दिया गया है। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक एक सप्ताह के अंदर कारण सहित जवाब प्रस्तुत करें। अगर सही जवाब नहीं मिलता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्यालय में नौनिहालों को रोजाना मध्याह्न भोजन दिया जाता है। विद्यालय में रोजाना कितने बच्चे आए और कितने बच्चों ने खाना खाया, इसकी मॉनिटरिंग होती है। दैनिक अनुश्रवण प्रणाली की समीक्षा हुई। इससे पता चला कि एक अगस्त से 31 अगस्त के बीच नौनिहालों की संख्या बेहद कम रही। 985 विद्यालयों में 75 फीसदी से कम नौनिहाल पहुंचे।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापकों को कई बार चेतावनी दी गई थी कि हर हाल में विद्यालय में 75 फीसदी से अधिक नौनिहालों का आना सुनिश्चित करें। इसके बावजूद प्रधानाध्यापकों ने कोई ध्यान नहीं दिया। मॉनिटरिंग में कमी मिलने पर नोटिस दिया गया है। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक एक सप्ताह के अंदर कारण सहित जवाब प्रस्तुत करें। अगर सही जवाब नहीं मिलता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन