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Sitapur News: स्नान तो दूर आचमन लायक भी नहीं तीर्थ का जल
Wed, 01 Feb 2023 08:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 01 Feb 2023 08:12 PM IST
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गोंदलामऊ/सीतापुर। 84 कोसी परिक्रमा 21 फरवरी से शुरू होगी। परिक्रमा में महज 20 दिन बचे हैं। परिक्रमा पथ अव्यवस्थाओं का शिकार है। कदम-कदम पर जलभराव, कीचड़ व खस्ताहाल मार्ग श्रद्धालुओं के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा। द्वारिकाधीश मंदिर के तीर्थ के जल में काई जमी है। स्नान तो दूर जल आचमन लायक भी नहीं है।
समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन संजीदा नहीं है। बैठकों और दावों में परिक्रमा मार्ग दुरुस्त कराया जा रहा है, जबकि धरातल पर तस्वीर फिलहाल बदरंग है। हर साल फाल्गुन माह में नैमिषारण्य से डंका बजने के साथ प्रसिद्ध 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ होता है। मोक्ष की कामना में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु परिक्रमा करने आते हैं। परिक्रमा में 11 पड़ाव हैं। इनमें चार पड़ाव पड़ोसी जनपद हरदोई में पड़ते हैं।
नैमिष से शुभारंभ होते ही श्रद्धालु पहले पड़ाव कोरौना की ओर चल पड़ेंगे। कोरौना में रात्रि विश्राम कर द्वारिकाधीश मंदिर के तीर्थ में अगले दिन भोर पहर स्नान-पूजन कर दूसरे पड़ाव के लिए रवाना होंगे। परिक्रमा प्रारंभ होने में महज 20 दिन बचे हैं लेकिन अब तक पहले और दूसरे पड़ाव के साथ परिक्रमा मार्ग की अव्यवस्थाएं दूर नहीं की जा सकी हैं।
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नैमिष से कुनेरा होते हुए प्रथम पड़ाव कोरौना जाने वाला मार्ग बेहद जर्जर है। सड़क के गड्ढे व बिखरी पड़ीं गिट्टियां श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बनेंगी। पहले पड़ाव कोरौना स्थित प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर प्रांगण की सफाई नहीं कराई गई है। तीर्थ का जल गंदा है, इसमें काई जम गई है। इसमें स्नान करना तो दूर यह जल आचमन के लायक भी नहीं है। पहले पड़ाव कोरौना से आगे बढ़ने पर रामगढ़ में रास्ते पर जलभराव व कीचड़ है।
पहला चौराहे पर सड़क बदहाली का शिकार है। इसके बाद घटमापुर, अलीनगर, सोनारी व ककरघटा तक जगह-जगह सड़क पर बिखरी गिट्टियों व कीचड़ से श्रद्धालुओं का सामना होगा। ककरघटा घाट से गोमती नदी पार कर परिक्रमा हरदोई जनपद में प्रवेश कर जाएगी। परिक्रमा पथ पर अव्यवस्थाओं का आलम तब है, जब डीएम अनुज सिंह, एसडीएम मिश्रिख अनिल कुमार समेत कई अफसर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दे चुके हैं।
जल्द दुरुस्त कराई जाएं व्यवस्थाएं
84 कोसी परिक्रमा के कुछ ही दिन बचे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते परिक्रमा मार्ग जर्जर होने के साथ कीचड़ युक्त है। कई जगह मार्ग में गंदगी की भरमार है। यह अव्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगी। जल्द सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं।
- नारायण दास नन्हकू, अध्यक्ष 84 कोसी परिक्रमा
जस की तस हैं समस्याएं
जिलाधिकारी को बैठक के दौरान जर्जर परिक्रमा मार्ग समेत अन्य दुश्वारियों को लेकर बताया जा चुका है। इसके बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। यही हाल रहा तो श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं से जूझते हुए परिक्रमा करनी पड़ेगी।
- महंत संतोष दास, सचिव 84 कोसी परिक्रमा
कभी भी ढह सकती है पुलिया
पहले पड़ाव कोरौना जाने वाले मार्ग पर भैरमपुर में नहर पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह से पुलिया चिटक गई है। कमजोर होने पर पुलिया के एक तरफ झुकने की वजह से सड़क में भी दरारें पड़ गई हैं। पुलिया किसी भी समय ढह सकती है।
इसी पुलिया से पहले पड़ाव जाना होता है। परिक्रमा मार्ग के किनारे कई जगह पर खतरनाक रेन कट भी बन गए हैं। यह रेन कट भी श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन सकते हैं।
हफ्ते भर में दूर होगी समस्या
84 कोसी परिक्रमा मार्ग की सभी समस्याएं एक हफ्ते में दूर कर ली जाएंगी। संबंधित अधिकारियों को सभी समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। भैरमपुर की क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण भी जल्द कराया जाएगा।
- अनिल रस्तोगी, एसडीएम मिश्रिख
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समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन संजीदा नहीं है। बैठकों और दावों में परिक्रमा मार्ग दुरुस्त कराया जा रहा है, जबकि धरातल पर तस्वीर फिलहाल बदरंग है। हर साल फाल्गुन माह में नैमिषारण्य से डंका बजने के साथ प्रसिद्ध 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ होता है। मोक्ष की कामना में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु परिक्रमा करने आते हैं। परिक्रमा में 11 पड़ाव हैं। इनमें चार पड़ाव पड़ोसी जनपद हरदोई में पड़ते हैं।
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नैमिष से शुभारंभ होते ही श्रद्धालु पहले पड़ाव कोरौना की ओर चल पड़ेंगे। कोरौना में रात्रि विश्राम कर द्वारिकाधीश मंदिर के तीर्थ में अगले दिन भोर पहर स्नान-पूजन कर दूसरे पड़ाव के लिए रवाना होंगे। परिक्रमा प्रारंभ होने में महज 20 दिन बचे हैं लेकिन अब तक पहले और दूसरे पड़ाव के साथ परिक्रमा मार्ग की अव्यवस्थाएं दूर नहीं की जा सकी हैं।
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नैमिष से कुनेरा होते हुए प्रथम पड़ाव कोरौना जाने वाला मार्ग बेहद जर्जर है। सड़क के गड्ढे व बिखरी पड़ीं गिट्टियां श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बनेंगी। पहले पड़ाव कोरौना स्थित प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर प्रांगण की सफाई नहीं कराई गई है। तीर्थ का जल गंदा है, इसमें काई जम गई है। इसमें स्नान करना तो दूर यह जल आचमन के लायक भी नहीं है। पहले पड़ाव कोरौना से आगे बढ़ने पर रामगढ़ में रास्ते पर जलभराव व कीचड़ है।
पहला चौराहे पर सड़क बदहाली का शिकार है। इसके बाद घटमापुर, अलीनगर, सोनारी व ककरघटा तक जगह-जगह सड़क पर बिखरी गिट्टियों व कीचड़ से श्रद्धालुओं का सामना होगा। ककरघटा घाट से गोमती नदी पार कर परिक्रमा हरदोई जनपद में प्रवेश कर जाएगी। परिक्रमा पथ पर अव्यवस्थाओं का आलम तब है, जब डीएम अनुज सिंह, एसडीएम मिश्रिख अनिल कुमार समेत कई अफसर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दे चुके हैं।
जल्द दुरुस्त कराई जाएं व्यवस्थाएं
84 कोसी परिक्रमा के कुछ ही दिन बचे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते परिक्रमा मार्ग जर्जर होने के साथ कीचड़ युक्त है। कई जगह मार्ग में गंदगी की भरमार है। यह अव्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगी। जल्द सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं।
- नारायण दास नन्हकू, अध्यक्ष 84 कोसी परिक्रमा
जस की तस हैं समस्याएं
जिलाधिकारी को बैठक के दौरान जर्जर परिक्रमा मार्ग समेत अन्य दुश्वारियों को लेकर बताया जा चुका है। इसके बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। यही हाल रहा तो श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं से जूझते हुए परिक्रमा करनी पड़ेगी।
- महंत संतोष दास, सचिव 84 कोसी परिक्रमा
कभी भी ढह सकती है पुलिया
पहले पड़ाव कोरौना जाने वाले मार्ग पर भैरमपुर में नहर पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह से पुलिया चिटक गई है। कमजोर होने पर पुलिया के एक तरफ झुकने की वजह से सड़क में भी दरारें पड़ गई हैं। पुलिया किसी भी समय ढह सकती है।
इसी पुलिया से पहले पड़ाव जाना होता है। परिक्रमा मार्ग के किनारे कई जगह पर खतरनाक रेन कट भी बन गए हैं। यह रेन कट भी श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन सकते हैं।
हफ्ते भर में दूर होगी समस्या
84 कोसी परिक्रमा मार्ग की सभी समस्याएं एक हफ्ते में दूर कर ली जाएंगी। संबंधित अधिकारियों को सभी समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। भैरमपुर की क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण भी जल्द कराया जाएगा।
- अनिल रस्तोगी, एसडीएम मिश्रिख