{"_id":"65171a7bc89fb24feb088f54","slug":"mothers-will-learn-the-tricks-of-child-rearing-sitapur-news-c-102-1-slko1053-3276-2023-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: मम्मियां सीखेंगी बच्चे के लालन-पालन के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: मम्मियां सीखेंगी बच्चे के लालन-पालन के गुर
Sat, 30 Sep 2023 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 30 Sep 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। माताओं को अब बच्चों के लालन-पालन के तरीके सिखाए जाएंगे। यह संभव होगा माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम से। परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में हर माह के अंतिम सप्ताह में यह कार्यक्रम होगा।
इसके लिए हर विद्यालय को पांच सौ रुपये की धनराशि दी गई है। आठ माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए एक विद्यालय को चार हजार रुपये मिले हैं। इसमें माताओं को बच्चों की देखभाल करने सहित उन्हें साक्षर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कई अन्य जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बच्चों की देखभाल के साथ औपचारिक शिक्षा के लिए उन्हें तैयार करना है। साथ ही उन्हें खुद ही शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में होगा।
विज्ञापन
हर माह के लिए विषय तय कर दिए गए हैं। सितंबर में पशु-पक्षी पर्यावरण पर कार्यक्रम होगा। अक्तूबर में हमारे मददगार, वे सहयोगी जो हमारे दैनिक जीवन में हमारी मदद करते हैं। जैसे डॉक्टर, पुलिस, पोस्टमैन, बढ़ई, कुम्हार व लोहार आदि हैं।
नवंबर में यातायात के साधन। दिसंबर में त्योहार व पर्व। जनवरी में मौसम व ऋतु। फरवरी में जल के विभिन्न रूप। मार्च में फल एवं सब्जियां शामिल है। बीईओ इसकी निगरानी करेंगे। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि 1577 विद्यालयों के लिए करीब 63 लाख का बजट विद्यालयों को दिया गया है।
विज्ञापन
इसके लिए हर विद्यालय को पांच सौ रुपये की धनराशि दी गई है। आठ माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए एक विद्यालय को चार हजार रुपये मिले हैं। इसमें माताओं को बच्चों की देखभाल करने सहित उन्हें साक्षर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कई अन्य जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
विज्ञापन
माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बच्चों की देखभाल के साथ औपचारिक शिक्षा के लिए उन्हें तैयार करना है। साथ ही उन्हें खुद ही शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में होगा।
विज्ञापन
हर माह के लिए विषय तय कर दिए गए हैं। सितंबर में पशु-पक्षी पर्यावरण पर कार्यक्रम होगा। अक्तूबर में हमारे मददगार, वे सहयोगी जो हमारे दैनिक जीवन में हमारी मदद करते हैं। जैसे डॉक्टर, पुलिस, पोस्टमैन, बढ़ई, कुम्हार व लोहार आदि हैं।
नवंबर में यातायात के साधन। दिसंबर में त्योहार व पर्व। जनवरी में मौसम व ऋतु। फरवरी में जल के विभिन्न रूप। मार्च में फल एवं सब्जियां शामिल है। बीईओ इसकी निगरानी करेंगे। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि 1577 विद्यालयों के लिए करीब 63 लाख का बजट विद्यालयों को दिया गया है।