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कवि नरोत्तम दास के स्मारक का होगा जीर्णोद्घार
अमर उजाला ब्यूरो/ सीतापुर
Updated Mon, 03 Aug 2015 11:45 PM IST
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इसी सिलसिले में विधायक ने बाड़ी पहुंचकर नरोत्तम दास के स्मारक का जायजा लिया। जल्द ही बदहाल बाउंड्री, तालाब, मुख्य द्वार व सड़क का जीर्णोद्घार कराने की बात कही है।
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बता दें कि प्रख्यात कवि नरोत्तम दास का जन्म कस्बा बाड़ी में वर्ष 1550 में हुआ था। बचपन से ही इनकी साहित्य व लेखनी में गहरी रुचि थी। वर्ष 1582 में इन्होंने सुदामा चरित नामक 34 पृष्ठों की काव्य पुस्तक की रचना की। जिसमें कृष्ण व सुदामा की मित्रता व अन्य वृतांत का भावपूर्ण विवरण है।
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नरोत्तम दास का हिन्दी साहित्य में योगदान अविस्मरणीय है। वर्ष 1605 में उनका निधन हो गया। जिसके बाद बाड़ी में ही इनकी समाधि बनवाई गई।
इनके लेखन से प्रभावित आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने वर्ष 1953 में यहां स्मारक निर्मित कराया। दो एकड़ जमीन पर स्मारक स्थित है। स्मारक के चारों ओर बाउंड्रीवाल, प्रवेश द्वार, एक हालनुमा भवन के अलावा पड़ोस में 17 बीघे का एक तालाब है। स्मारक की देख-रेख करने वाले बाबा मुरलीदास के मुताबिक शासन-प्रशासन की अनदेखी से नरोत्तम दास का स्मारक आज जीर्ण-शीर्ण हालत में है। तालाब की ओर चहारदीवारी गिर गई है।
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स्मारक तक जाने वाली सड़क जर्जर हो चुकी है। तालाब अपना अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। स्मारक के जीर्णोद्घार की पहल क्षेत्रीय विधायक ने की है। स्मारक स्थल का जायजा लेकर उन्होंने जल्द ही कार्य शुरू कराने का आश्वासन बाबा मुरलीदास को दिया है।