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Sitapur News: सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखकर की सौभाग्य की मंगलकामना
Sun, 17 May 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 May 2026 12:08 AM IST
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सीतापुर। जिले में शनिवार को वट सावित्री पर्व पारंपरिक श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिनों नेसौभाग्य की मंगलकामना के लिए निर्जला व्रत रखकर वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए विधि-विधान से पूजन अनुष्ठान किया।
सत्यवान व सावित्री की कथा का श्रवण कर सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। पूजन के बाद व्रत का पारण किया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक वट वृक्षों के आसपास उत्सव जैसा माहौल बना रहा। वट सावित्री व्रत को लेकर सुहागिनों में उत्साह दिखाई दिया। सुहागिनें शनिवार सुबह से पूजन की तैयारियों में जुट गईं।
विमला, अंजू व सुनीता ने बताया कि वट सावित्री व्रत सुहागिनों के लिए बेहद खास होता है। सुबह पूजन सामग्री तैयार कर स्नान के बाद सोलह श्रंगार किया। इसके बाद पूजन सामग्री लेकर वट वृक्ष की ओर चल पड़ीं। शहर के नई बस्ती मंदिर, होली नगर के लक्ष्मी नारायण मदिर, श्यामनाथ मंंदिर, इस्माइलपुर काली माता मंदिर परिसर, ताड़क नाथ मंदिर, जेल रोड के गायत्री माता मंदिर परिसर व रामलीला मैदान समेत विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थित वट वृक्षों के नीचे सुहागिनों की भीड़ सुबह से उमड़ने लगी।
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सुहागिनें पूरे श्रृंगार और पूजन सामग्री, मौसमी फल, मिठाई लेकर पहुंचीं। शुभ मुहूर्त लगते ही सोलह श्रृंगार से सजी सुहागिनों ने वट वृक्ष के तने में रक्षा सूत्र बांधा और वट वृक्ष की परिक्रमा की। विधिवत पूजन कर सुहागिनों ने पति की दीर्घायु तथा वंश वृद्धि की कामना की। यह पूजा उन महिलाओं के लिए खास रही, जिनकी शादी इसी वर्ष हुई है।
इस दौरान सुहागिनों ने सावित्री-सत्यवान की कथा को भी सुना। पूजन समापन के बाद सुहागिनों ने अपने निर्जला व्रत का पारण किया। महमूदाबाद नगर में पांडेय हाता, संकटा देवी मंदिर, बाबा परमहंस मंदिर, बरदही बाजार, सरैंया, सिरौली, बाबाकुटी, समेत विभिन्न स्थानों पर लगे वट वृक्षों के आसपास सुबह से सुहागिनों का तांता लगा रहा।
सुहागिनों ने रोली, फूल अक्षत, चना, पापड़, गुलगुला, फल और मिठाई से पूजन अर्चन किया। इसमें महिलाओं ने वट (बरगद) वृक्ष को जल आदि अर्पित कर वृक्ष की परिक्रमा करते हुए सात फेरे लगाकर उसमें सूत का धागा बांधा। वट वृक्ष के नीचे बैठकर सुहागिनें सत्यवान-सावित्री की कथा का भी गुणगान करती दिखीं।
जहांगीराबाद क्षेत्र में केवानी नदी के तट पर स्थित राधाकृष्ण आश्रम में वट वृक्ष की पूजा अर्चना व परिक्रमा कर सुहागिनों ने अपने पतियों के दीर्घायु की कामना की। सिधौली के रामलीला मैदान, चिंताहरण मंदिर व नगर पंचायत कार्यालय के निकट लगे वट वृक्षों के तने पर पवित्र बंधन बांधकर सुहागिनों ने पूजन-अर्चन किया। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा एवं भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया।
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सत्यवान व सावित्री की कथा का श्रवण कर सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। पूजन के बाद व्रत का पारण किया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक वट वृक्षों के आसपास उत्सव जैसा माहौल बना रहा। वट सावित्री व्रत को लेकर सुहागिनों में उत्साह दिखाई दिया। सुहागिनें शनिवार सुबह से पूजन की तैयारियों में जुट गईं।
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विमला, अंजू व सुनीता ने बताया कि वट सावित्री व्रत सुहागिनों के लिए बेहद खास होता है। सुबह पूजन सामग्री तैयार कर स्नान के बाद सोलह श्रंगार किया। इसके बाद पूजन सामग्री लेकर वट वृक्ष की ओर चल पड़ीं। शहर के नई बस्ती मंदिर, होली नगर के लक्ष्मी नारायण मदिर, श्यामनाथ मंंदिर, इस्माइलपुर काली माता मंदिर परिसर, ताड़क नाथ मंदिर, जेल रोड के गायत्री माता मंदिर परिसर व रामलीला मैदान समेत विभिन्न चौक-चौराहों पर स्थित वट वृक्षों के नीचे सुहागिनों की भीड़ सुबह से उमड़ने लगी।
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सुहागिनें पूरे श्रृंगार और पूजन सामग्री, मौसमी फल, मिठाई लेकर पहुंचीं। शुभ मुहूर्त लगते ही सोलह श्रृंगार से सजी सुहागिनों ने वट वृक्ष के तने में रक्षा सूत्र बांधा और वट वृक्ष की परिक्रमा की। विधिवत पूजन कर सुहागिनों ने पति की दीर्घायु तथा वंश वृद्धि की कामना की। यह पूजा उन महिलाओं के लिए खास रही, जिनकी शादी इसी वर्ष हुई है।
इस दौरान सुहागिनों ने सावित्री-सत्यवान की कथा को भी सुना। पूजन समापन के बाद सुहागिनों ने अपने निर्जला व्रत का पारण किया। महमूदाबाद नगर में पांडेय हाता, संकटा देवी मंदिर, बाबा परमहंस मंदिर, बरदही बाजार, सरैंया, सिरौली, बाबाकुटी, समेत विभिन्न स्थानों पर लगे वट वृक्षों के आसपास सुबह से सुहागिनों का तांता लगा रहा।
सुहागिनों ने रोली, फूल अक्षत, चना, पापड़, गुलगुला, फल और मिठाई से पूजन अर्चन किया। इसमें महिलाओं ने वट (बरगद) वृक्ष को जल आदि अर्पित कर वृक्ष की परिक्रमा करते हुए सात फेरे लगाकर उसमें सूत का धागा बांधा। वट वृक्ष के नीचे बैठकर सुहागिनें सत्यवान-सावित्री की कथा का भी गुणगान करती दिखीं।
जहांगीराबाद क्षेत्र में केवानी नदी के तट पर स्थित राधाकृष्ण आश्रम में वट वृक्ष की पूजा अर्चना व परिक्रमा कर सुहागिनों ने अपने पतियों के दीर्घायु की कामना की। सिधौली के रामलीला मैदान, चिंताहरण मंदिर व नगर पंचायत कार्यालय के निकट लगे वट वृक्षों के तने पर पवित्र बंधन बांधकर सुहागिनों ने पूजन-अर्चन किया। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा एवं भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया।