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बाजार हुए गुलजार, नियमों की पग-पग पर अनेदखी
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सीतापुर। सावधान... अभी कोरोना की दूसरी लहर थमी नहीं है। अप्रैल व मई माह के भयावह हालत हर किसी के जेहन में आज भी जिंदा हैं। लोगों की सहूलियत और रोजी-रोटी के लिए एक जून से लॉकडाउन की पाबंदी हटाई गई है। बुरे दौर से गुजरने के बाद भी हम सबक लेने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को एक माह के लंबे लॉकडाउन के बाद जब बाजार खुले तो लोग कोविड प्रोटोकॉल को भूल गए। चेहरों से मास्क गायब दिखे तो दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी होती रही।
मंगलवार को सड़कों पर आवागमन बढ़ने से लोग ट्रिपलिंग करते हुए फर्राटा भरते दिखाई दिए। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। वजह, चिकित्सकों ने चेताया कि अगर प्रोटोकॉल भूले तो संक्रमण में एक बार फिर से इजाफा होने में देर नहीं लगेगी। लॉकडाउन हटने से मंगलवार को सुबह सात बजे से बाजार खुलने लगी। लेकिन बारिश ने थोड़ा मजा किरकिरा कर दिया।
पहले दिन बाजार में जिस तरह की भीड़ व बिक्री की उम्मीद की जा रही थी, इन पर पानी ने पानी ही फेर दिया। फिर भी करीब 10 बजे के बाद हालात थोड़ा बेहतर दिखाई दिए। अमर उजाला टीम ने सुबह 11 बजे शहर की मुख्य लालबाग बाजार की हकीकत देखी तो कई लोग ऐसे खरीदारी में व्यस्त दिखे मानो वह लॉकडाउन व कोरोना को जानते ही नहीं है। रेहड़ी पर कपड़े बेच रहे एक दुकान पर महिलाओं के चेहरे से मास्क गायब थे। वे सोशल डिस्टेंसिंग भूलकर खरीदारी में मशगूल दिखी।
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न तो हैंड सैनिटाइज किया न ही सामान खरीदने में होशियारी दिखाई। कपड़े की एक दुकान पर महिलाएं आपस में सटकर बैठी दिखाई दी। दुकानदार भी बिना मास्क के ही महिलाओं को कपड़े दिखाकर उनके रेट बता रहे थे। कुछ ऐसा ही हाल रोडवेज बस स्टॉप पर दिखाई दिया। बस स्टॉप पर भीड़भाड़ दिखी। यहां यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी नहीं की गई। सड़क पर लोग बाइक से फर्राटा भर रहे थे। बहुत से लोगों ने मास्क गर्दन पर पहन रखे थे।
प्रभावित हुई बिक्री
व्यापारी गौरव ने बताया कि बाजार तो खुल गए है। लेकिन पहले दिन अनुमान के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है। कुछ महिलाएं आई थी, वह भी बहुत जरूरी कपड़े खरीदकर ले गई है। बरसात की वजह से बिक्री प्रभावित हुई है। शोभित ने बताया कि बाजार खुल गई है लेकिन अभी संक्रमण का भय लोगों के अंदर बना हुआ है। इसलिए ग्राहक भी सावधानी बरत रहे हैं। पहले दिन अन्य दिनों की अपेक्षा महज 30 फीसदी बिक्री हुई है।
खुद सुधरे तो जग सुधरेगा
लालबाग बाजार में मंगलवार को जब दुकानें खुलीं तो भीड़ बढ़ने लगी। ऐसे में कई दुकानदार ही संक्रमण से अनजान दिखे। जिला प्रशासन ने कई बार व्यापारियों को चेतावनी दी। वह दुकान पर आने वाले लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रेरित करते रहे। लेकिन बाजार में खड़े एक महाशय बिना मास्क के ही लोगों को दुकान पर आने के लिए बुला रहे थे। इनकी दुकान में काम कर रहे कर्मचारी भी बिना मास्क के दिखाई दिए। कुछ इसी तरह के नजारे बाजार में कई दुकानों पर दिखाई दिए।
भूल रहे कायदे कानून
लालबाग चौराहे के निकट मिलिट्री कैंटीन बनी हुई है। लॉकडाउन के बाद जब कैंटीन खुली तो लोग सामान खरीदने के लिए दौड़े पड़े। कैश काउंटर पर काफी भीड़ रही। लोग सोशल डिस्टेंसिंग को भूलकर जल्दबाजी में दिखाई दिए। लोग मास्क भी नहीं लगाए थे। इसी तरह के हालात बैंकों में भी दिखाई दिए।
वर्जन...
लापरवाही ठीक नहीं है। मुश्किल से जिले में संक्रमण की रफ्तार कम हुई है। अगर इसी तरह बाजार में भीड़ आएगी और लोग प्रोटोकॉल भूलेंगे तो संक्रमण बढ़ने में देर नहीं लगेगी। इसलिए सभी लोग सावधानी के साथ ही कामकाज करें। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
- डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ
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मंगलवार को सड़कों पर आवागमन बढ़ने से लोग ट्रिपलिंग करते हुए फर्राटा भरते दिखाई दिए। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। वजह, चिकित्सकों ने चेताया कि अगर प्रोटोकॉल भूले तो संक्रमण में एक बार फिर से इजाफा होने में देर नहीं लगेगी। लॉकडाउन हटने से मंगलवार को सुबह सात बजे से बाजार खुलने लगी। लेकिन बारिश ने थोड़ा मजा किरकिरा कर दिया।
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पहले दिन बाजार में जिस तरह की भीड़ व बिक्री की उम्मीद की जा रही थी, इन पर पानी ने पानी ही फेर दिया। फिर भी करीब 10 बजे के बाद हालात थोड़ा बेहतर दिखाई दिए। अमर उजाला टीम ने सुबह 11 बजे शहर की मुख्य लालबाग बाजार की हकीकत देखी तो कई लोग ऐसे खरीदारी में व्यस्त दिखे मानो वह लॉकडाउन व कोरोना को जानते ही नहीं है। रेहड़ी पर कपड़े बेच रहे एक दुकान पर महिलाओं के चेहरे से मास्क गायब थे। वे सोशल डिस्टेंसिंग भूलकर खरीदारी में मशगूल दिखी।
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न तो हैंड सैनिटाइज किया न ही सामान खरीदने में होशियारी दिखाई। कपड़े की एक दुकान पर महिलाएं आपस में सटकर बैठी दिखाई दी। दुकानदार भी बिना मास्क के ही महिलाओं को कपड़े दिखाकर उनके रेट बता रहे थे। कुछ ऐसा ही हाल रोडवेज बस स्टॉप पर दिखाई दिया। बस स्टॉप पर भीड़भाड़ दिखी। यहां यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी नहीं की गई। सड़क पर लोग बाइक से फर्राटा भर रहे थे। बहुत से लोगों ने मास्क गर्दन पर पहन रखे थे।
प्रभावित हुई बिक्री
व्यापारी गौरव ने बताया कि बाजार तो खुल गए है। लेकिन पहले दिन अनुमान के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है। कुछ महिलाएं आई थी, वह भी बहुत जरूरी कपड़े खरीदकर ले गई है। बरसात की वजह से बिक्री प्रभावित हुई है। शोभित ने बताया कि बाजार खुल गई है लेकिन अभी संक्रमण का भय लोगों के अंदर बना हुआ है। इसलिए ग्राहक भी सावधानी बरत रहे हैं। पहले दिन अन्य दिनों की अपेक्षा महज 30 फीसदी बिक्री हुई है।
खुद सुधरे तो जग सुधरेगा
लालबाग बाजार में मंगलवार को जब दुकानें खुलीं तो भीड़ बढ़ने लगी। ऐसे में कई दुकानदार ही संक्रमण से अनजान दिखे। जिला प्रशासन ने कई बार व्यापारियों को चेतावनी दी। वह दुकान पर आने वाले लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रेरित करते रहे। लेकिन बाजार में खड़े एक महाशय बिना मास्क के ही लोगों को दुकान पर आने के लिए बुला रहे थे। इनकी दुकान में काम कर रहे कर्मचारी भी बिना मास्क के दिखाई दिए। कुछ इसी तरह के नजारे बाजार में कई दुकानों पर दिखाई दिए।
भूल रहे कायदे कानून
लालबाग चौराहे के निकट मिलिट्री कैंटीन बनी हुई है। लॉकडाउन के बाद जब कैंटीन खुली तो लोग सामान खरीदने के लिए दौड़े पड़े। कैश काउंटर पर काफी भीड़ रही। लोग सोशल डिस्टेंसिंग को भूलकर जल्दबाजी में दिखाई दिए। लोग मास्क भी नहीं लगाए थे। इसी तरह के हालात बैंकों में भी दिखाई दिए।
वर्जन...
लापरवाही ठीक नहीं है। मुश्किल से जिले में संक्रमण की रफ्तार कम हुई है। अगर इसी तरह बाजार में भीड़ आएगी और लोग प्रोटोकॉल भूलेंगे तो संक्रमण बढ़ने में देर नहीं लगेगी। इसलिए सभी लोग सावधानी के साथ ही कामकाज करें। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
- डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ