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विवाहिता की हत्या में पति व सास को उम्रकैद
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सीतापुर। जिला सत्र न्यायाधीश डा. अजय कृष्ण विश्वेसा ने एक विवाहिता की प्रताड़ना के बाद गला दबाकर की गई हत्या के मामले में उसके पति व सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत शुक्ल व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आफान हसन सिद्दीकी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। मालूम हो, कि सीतापुर के मोहल्ला राधिका पुरी निवासी ओमप्रकाश मिश्र की पुत्री का विवाह 9 फरवरी 1993 को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मिश्रिख के मोहल्ला रन्नूपुर निवासी हिमांशु पांडेय के साथ हुआ था।
विवाह के कुछ समय तक सब ठीक चलने के बाद हिमांशु और उसकी मां कुसमावती द्वारा अपनी बहू रागिनी पांडेय को तरह-तरह के उलाहनों से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी क्रम में 30 अगस्त 2000 की सुबह करीब 10 बजे रागिनी की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रागिनी की गला दबाकर हत्या का कृत्य सामने आने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत मृतका के पति हिमांशु पांडेय व सास कुसमावती के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन व बचाव पक्ष की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य को तथ्य परक व चिकित्सीय साक्ष्य को सत्य पाते हुए दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह व्यवस्था भी दी गई कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत शुक्ल व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आफान हसन सिद्दीकी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। मालूम हो, कि सीतापुर के मोहल्ला राधिका पुरी निवासी ओमप्रकाश मिश्र की पुत्री का विवाह 9 फरवरी 1993 को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मिश्रिख के मोहल्ला रन्नूपुर निवासी हिमांशु पांडेय के साथ हुआ था।
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विवाह के कुछ समय तक सब ठीक चलने के बाद हिमांशु और उसकी मां कुसमावती द्वारा अपनी बहू रागिनी पांडेय को तरह-तरह के उलाहनों से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी क्रम में 30 अगस्त 2000 की सुबह करीब 10 बजे रागिनी की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रागिनी की गला दबाकर हत्या का कृत्य सामने आने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत मृतका के पति हिमांशु पांडेय व सास कुसमावती के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन व बचाव पक्ष की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य को तथ्य परक व चिकित्सीय साक्ष्य को सत्य पाते हुए दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह व्यवस्था भी दी गई कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।