{"_id":"6aca862328cb8904fe0f4f9f","slug":"kalash-sthapana-takes-place-today-the-form-of-shailaputri-will-be-worshipped-sitapur-news-c-102-1-stp1002-165620-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: कलश स्थापना आज, होगा शैलपुत्री के स्वरूप का पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: कलश स्थापना आज, होगा शैलपुत्री के स्वरूप का पूजन
Sun, 11 Oct 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 11 Oct 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र रविवार 11 अक्तूबर को कलश स्थापना के साथ प्रारंभ होगा। नवरात्र के पहले दिन भक्तजन मां दुर्गा के शैलपुत्री के स्वरूप का पूजन कर आशीष मांगेंगे। घरों से लेकर सभी देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियों को अंतिम स्वरूप देने में शनिवार को श्रद्धालुगण जुटे रहे। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिनों के हैं। इसका समापन 19 अक्तूबर को नवमी के हवन के साथ होगा। इसके बाद 20 अक्तूबर को विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा।
नवरात्र के अवसर पर शहर के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर आलमनगर, मां काली मंदिर, पंजाबी धर्मशाला व आंख अस्पताल मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
नैमिषारण्य के आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि देवी भागवत के अनुसार रविवार के दिन माता का हाथी पर आना बेहद शुभ और कल्याणकारी संदेश लाता है। नवमी को माता घोड़े पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। शहर के बाजार में नवरात्र की पूर्व संध्या पर खासी रौनक रही। लोग देर रात तक व्रत व पूजन में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री की खरीददारी में जुटे रहे। इस दौरान खास तौर पर मिट्टी के कलश, माता की तस्वीर, चुनरी व शृंगार की दुकानों के साथ फल व सूखे मेवों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटी दिखी।
विज्ञापन
कलश स्थापना का मुहूर्त
नैमिषारण्य के प्राचार्य प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से लेकर सुबह 10:12 बजे तक रहेगा। कलश स्थापना के लिए करीब 3 घंटे 52 मिनट का समय मिलेगा। अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक भी कलश स्थापना कर सकते हैं। तीर्थ स्थित मां ललिता देवी मंदिर और कालीपीठ में भी नवरात्र की तैयारियां पूरी हो गई हैं। कालीपीठाधीश्वर व मंदिर के प्रधान पुजारी आचार्य गोपाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र महोत्सव को भव्य बनाने के लिए मंदिर परिसर में रंग-रोगन, आकर्षक विद्युत सजावट और साफ-सफाई कराई जा रही है।
विज्ञापन
नवरात्र के अवसर पर शहर के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर आलमनगर, मां काली मंदिर, पंजाबी धर्मशाला व आंख अस्पताल मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
विज्ञापन
नैमिषारण्य के आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि देवी भागवत के अनुसार रविवार के दिन माता का हाथी पर आना बेहद शुभ और कल्याणकारी संदेश लाता है। नवमी को माता घोड़े पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। शहर के बाजार में नवरात्र की पूर्व संध्या पर खासी रौनक रही। लोग देर रात तक व्रत व पूजन में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री की खरीददारी में जुटे रहे। इस दौरान खास तौर पर मिट्टी के कलश, माता की तस्वीर, चुनरी व शृंगार की दुकानों के साथ फल व सूखे मेवों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटी दिखी।
विज्ञापन
कलश स्थापना का मुहूर्त
नैमिषारण्य के प्राचार्य प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से लेकर सुबह 10:12 बजे तक रहेगा। कलश स्थापना के लिए करीब 3 घंटे 52 मिनट का समय मिलेगा। अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक भी कलश स्थापना कर सकते हैं। तीर्थ स्थित मां ललिता देवी मंदिर और कालीपीठ में भी नवरात्र की तैयारियां पूरी हो गई हैं। कालीपीठाधीश्वर व मंदिर के प्रधान पुजारी आचार्य गोपाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र महोत्सव को भव्य बनाने के लिए मंदिर परिसर में रंग-रोगन, आकर्षक विद्युत सजावट और साफ-सफाई कराई जा रही है।