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Sitapur News: नौकरी दिलाने के नाम पर अवर अभियंता ने की ठगी, जांच में भी दोषी
Sun, 21 Jan 2024 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:06 AM IST
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सीतापुर। बिजली विभाग के अवर अभियंता ने नौकरी वापस दिलाने के नाम पर धनउगाही की। पीड़ित की शिकायत पर हुई जांच में मामला सही पाया गया। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए अधीक्षण अभियंता को रिपोर्ट भेज दी है।
तंबौर थाना क्षेत्र के सीकरी गांव निवासी प्रदीप कुमार अवस्थी विद्युत उपखंड रेउसा में ऑपरेटर थे। 13 अगस्त को अवर अभियंता रेउसा संतोष कुमार ने मौखिक रूप से बताया कि आपको कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है।
आरोप है कि दोबारा नौकरी पर रखने के बदले में अवर अभियंता ने 50 हजार रुपये की मांग की। जिसके बाद पीड़ित ने 10 हजार नकद व यूपीआई के माध्यम से 30 हजार रुपये खाते से ट्रांसफर किए। बाकी 10 हजार देने में असमर्थता जताने पर जेई ने गुस्से में आकर कहा कि अगर शेष रुपये न दिए तो नौकरी पर नहीं रखूंगा। लेनदेन की बात कहीं बताने पर झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी।
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पीड़ित ने आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। डीएम ने एसडीएम महमूदाबाद को जांच सौंपी। जांच में जेई पर आरोप सही मिले है। एसडीएम शिखा शुक्ला ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की गई। जांच में अवर अभियंता प्रथम दृष्टया दोषी मिले है। अधीक्षण अभियंता को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
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तंबौर थाना क्षेत्र के सीकरी गांव निवासी प्रदीप कुमार अवस्थी विद्युत उपखंड रेउसा में ऑपरेटर थे। 13 अगस्त को अवर अभियंता रेउसा संतोष कुमार ने मौखिक रूप से बताया कि आपको कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है।
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आरोप है कि दोबारा नौकरी पर रखने के बदले में अवर अभियंता ने 50 हजार रुपये की मांग की। जिसके बाद पीड़ित ने 10 हजार नकद व यूपीआई के माध्यम से 30 हजार रुपये खाते से ट्रांसफर किए। बाकी 10 हजार देने में असमर्थता जताने पर जेई ने गुस्से में आकर कहा कि अगर शेष रुपये न दिए तो नौकरी पर नहीं रखूंगा। लेनदेन की बात कहीं बताने पर झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी।
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पीड़ित ने आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। डीएम ने एसडीएम महमूदाबाद को जांच सौंपी। जांच में जेई पर आरोप सही मिले है। एसडीएम शिखा शुक्ला ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की गई। जांच में अवर अभियंता प्रथम दृष्टया दोषी मिले है। अधीक्षण अभियंता को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।