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Sitapur News: 18 साल बाद हत्थे चढ़ा जलजला डकैत, पंजाब में हुई गिरफ्तारी
Sat, 05 Apr 2025 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 05 Apr 2025 11:44 PM IST
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सीतापुर। जिले में 18 वर्ष पूर्व आपराधिक वारदातों से पुलिस को चुनौती देने वाला डकैत जलजला शनिवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सर्विलांस सेल की मदद से संदना पुलिस ने पंजाब के पटियाला से आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि आरोपी बस डकैती कांड का वांछित था। इस पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
वहीं, एएसपी दक्षिणी डॉ प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि डकैत झब्बू उर्फ जलजला मूलरूप से कमलापुर थाना क्षेत्र के भानपुर गांव का निवासी है। जब सीतापुर पुलिस ने शिकंजा कसा तो वह भागकर पंजाब चला गया। वहां पटियाला में शटरिंग का काम करने लगा। बताया कि जलजला कमलापुर थाने का ए श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है।
लोगों को आज भी याद है 8 नवंबर का डकैती कांड
सीओ दीपक राय ने बताया कि डकैत जलजला ने वर्ष 2001 से अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद लगातार गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा। 8 नवंबर 2007 डकैत जलजला ने सिंधौली मिश्रिख मार्ग पर स्थित भरौना गांव के पास एक बस को रोक लिया। बस के अंदर बैठे यात्रियों से डकैत ने अपने साथियों के साथ जमकर लूटपाट की। इस डकैती कांड की गूंज लखनऊ तक पहुंची। पुलिस सक्रिय हुई तो जलजला फरार हो गया। उसने कोर्ट में भी आत्मसमर्पण नहीं किया था। वर्ष 2017 में उसपर ढाई हजार का ईनाम घोषित किया गया था जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया।
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वहीं, एएसपी दक्षिणी डॉ प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि डकैत झब्बू उर्फ जलजला मूलरूप से कमलापुर थाना क्षेत्र के भानपुर गांव का निवासी है। जब सीतापुर पुलिस ने शिकंजा कसा तो वह भागकर पंजाब चला गया। वहां पटियाला में शटरिंग का काम करने लगा। बताया कि जलजला कमलापुर थाने का ए श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है।
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लोगों को आज भी याद है 8 नवंबर का डकैती कांड
सीओ दीपक राय ने बताया कि डकैत जलजला ने वर्ष 2001 से अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद लगातार गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा। 8 नवंबर 2007 डकैत जलजला ने सिंधौली मिश्रिख मार्ग पर स्थित भरौना गांव के पास एक बस को रोक लिया। बस के अंदर बैठे यात्रियों से डकैत ने अपने साथियों के साथ जमकर लूटपाट की। इस डकैती कांड की गूंज लखनऊ तक पहुंची। पुलिस सक्रिय हुई तो जलजला फरार हो गया। उसने कोर्ट में भी आत्मसमर्पण नहीं किया था। वर्ष 2017 में उसपर ढाई हजार का ईनाम घोषित किया गया था जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया।
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