{"_id":"5d4087ec8ebc3e6ce13933de","slug":"increased-patient-duw-to-weather-sitapur-news-lko4737225121","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम में बदलाव से बढ़े मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम में बदलाव से बढ़े मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल मेें जून के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकतर मरीज उल्टी, दस्त, बुखार व डायरिया के है। अस्पताल के बेड फुल हो रहे है। इस समय ओपीडी में करीब तीन हजार मरीज आ रहे है। जून तक तेज धूप निकली है। इससे एलर्जी के मरीज बढ़ गए थे।
इसके बाद जुलाई में बरसात शुरू हो गई है। इससे दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। दिन में गर्मी से पंखा चलाने की जरूरत पड़ती तो रात में लोग चादर ओढ़ने को मजबूर हो जाते है। इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ा है।
जून माह में ओपीडी में जहां करीब दो हजार रोजाना मरीज आते थे।
अब यह संख्या करीब तीन हजार के आसपास पहुंच रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मरीज उल्टी, दस्त, बुखार व डायरिया के आ रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि कई मरीज ऐसे आते है, जिनको तत्काल भर्ती करके इलाज करने की जरूरत होती है।
विज्ञापन
ऐसे में इनको भर्ती किया जाता है। इसी वजह से बेड फुल हो जाते है। चिकित्सकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। जैसे-जैसे मौसम में आर्द्रता बढ़ेगी। मरीजों की संख्या में इजाफा होना तय है।
हल्का करें भोजन
डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि सिर ढककर धूप में निकलें। तेज धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। गर्मी के दिनों में हल्का भोजन करें। भोजन में ककड़ी, खीरा, नीबू, टमाटर को तरजीह दें।
विज्ञापन
इसके बाद जुलाई में बरसात शुरू हो गई है। इससे दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। दिन में गर्मी से पंखा चलाने की जरूरत पड़ती तो रात में लोग चादर ओढ़ने को मजबूर हो जाते है। इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ा है।
विज्ञापन
जून माह में ओपीडी में जहां करीब दो हजार रोजाना मरीज आते थे।
अब यह संख्या करीब तीन हजार के आसपास पहुंच रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मरीज उल्टी, दस्त, बुखार व डायरिया के आ रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि कई मरीज ऐसे आते है, जिनको तत्काल भर्ती करके इलाज करने की जरूरत होती है।
विज्ञापन
ऐसे में इनको भर्ती किया जाता है। इसी वजह से बेड फुल हो जाते है। चिकित्सकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। जैसे-जैसे मौसम में आर्द्रता बढ़ेगी। मरीजों की संख्या में इजाफा होना तय है।
हल्का करें भोजन
डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि सिर ढककर धूप में निकलें। तेज धूप से आते ही और ज्यादा पसीना आने पर फौरन ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। गर्मी के दिनों में हल्का भोजन करें। भोजन में ककड़ी, खीरा, नीबू, टमाटर को तरजीह दें।