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फिर बाढ़ आई तो कट जाएगा बरछता का संपर्क, ग्रामीण चिंतित

Tue, 29 Jun 2021 11:13 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jun 2021 11:13 PM IST
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If there is a flood then the contact of Barchhata will be cut, the villagers are worried
तंबौर (सीतापुर)। बाढ़ ग्रस्त गांजर इलाके के लोगों ने नदी में पानी कम होने और कटान थमने से राहत की सांस भले ही ली हो, लेकिन आने वाले दिनों में नदियों के उफनाने से समस्याएं भी उफान पर होंगी। इसी चिंता में गांजरवास डूबे हैं। बाढ़ के पानी से कटे रास्तों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया, इससे आने वाले समय में लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। अगर दोबारा बाढ़ आई तो बरछता गांव का संपर्क ही पूरी तरह से कट जाएगा।
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बैराजों से पिछले दिनों लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गांजर के लोगों की नींदे उड़ गई थीं। कईयों के घर, खेत पानी में समा गए तो बहुत से लोग पलायन करने को मजबूर हुए, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से नदियों में पानी कम होने से बाढ़ और कटान का खतरा भी कम हो गया है। इसको लेकर लोगों ने सुकून की सांस ली है। पर ये सुकून बहुत लंबे समय तक रहने वाला नहीं है। अभी बारिश का पूरा मौसम बाकी है।
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इसको लेकर क्षेत्र के नदी तराई बेल्ट में बसे लहरपुर तहसील के बरछता, बोधवा, बड़रिया, क्योटना, बरेला, बसंतापपुर , देवपारपुर , चन्दीभानपुर, लखनीपुर, अकबरपुर, खानामंडोर, रायमडोर, नदी के बीच टापू पर बसे जनकपुर, मीतमउ, सेतुही, नकहा, परेवा, बिसवां तहसील के रतनगंज, काशीपुर, मल्लापुर, कम्हरिया शेखूपुर के हजारों परिवारों के सामने फिर से बाढ़ डर सता रहा है।
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हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है। बाढ़ की त्रासदी का दंश गांजरवासी सालों साल से झेलते चले आ रहे हैं। पानी घटने से रास्ते तो खुल गए हैं, लेकिन इन बदहालों रास्तों पर चलना कितना दूभर है, ये इन बाढ़ पीड़ितों से बेहतर कौन जान सकता है।
बाढ़ से कट सकता है संपर्क मार्ग, प्रधान ने खरीदी तीन नावें
लोगों को चिंता इस बात की है कि अगर दोबारा बाढ़ आई तो ये रास्ते फिर से बंद हो जाएंगे। रजनापुर से बरछता जाने वाला एकमात्र रास्ता कई जगह से बाढ़ के पानी में कट गया था। एक किमी. की इस दूरी में तीन जगह से रास्ता कटा है, लेकिन अभी तक उसे दुरुस्त कराने की सुध जिम्मेदारों ने नहीं ली है। सड़क पर खड़ंजा लगा होने की वजह से चलने में भी समस्या आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगली बाढ़ आने से पहले इस रास्ते में दो जगह पुलिया बनाकर इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो फिर बाढ़ आने पर हमारे गांव का संपर्क पूरी तरह से कट जाएगा। रास्ते के किनारे मकान बनाकर रह रहे बरछता निवासी रमाकांत मंगलवार को अपने दरवाजे पर इसी चिंता में बैठे थे।

बरछता के प्रधान अजय सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा बाढ़ की तबाही ग्राम पंचायत के मजरा बोधवा, बरछता, बरेला, हनुमान सिंह पुरवा, जनकपुर में होती है। कहा कि संपर्क मार्ग बंद हो जाने से इन मजरों से आवागमन प्रभावित होने से लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। इसलिए तीन नावें खरीदी हैं, ये नावें तीन से चार दिन में आ जाएंगी।
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