{"_id":"643ae47d7cf753fa520fea89","slug":"how-did-the-compensation-amount-come-to-the-bank-passbook-account-burnt-in-the-fire-sitapur-news-c-13-1-185639-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: आग में जल गईं बैंक पासबुक खाते में कैसे आए मुआवजा राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: आग में जल गईं बैंक पासबुक खाते में कैसे आए मुआवजा राशि
Sat, 15 Apr 2023 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 15 Apr 2023 11:23 PM IST
विज्ञापन
रेउसा/सीतापुर। नगीनापुरवा और सुंदरनगर में भीषण अग्निकांड से बेघर हुए परिवार टेंट-पंडाल में दिन गुजार रहे हैं। प्रशासन व समाजसेवियों की ओर से वितरित राहत सामग्री पीड़ितों की भूख तो मिटा रही है पर लपटों में सबकुछ राख होने के बाद इनके हाथ खाली हैं। बैंक पासबुक जल जाने से आर्थिक सहायता मिलने में भी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में अपने आशियाने का पुर्ननिमाण इनके सामने चुनौती है।ब्लॉक रेउसा क्षेत्र के नगीनापुरवा व सुंदरनगर में गत 13 अप्रैल की दोपहर गैस के चूल्हे पर खाना बनाते समय भड़की चिंगारी ने तबाही मचाई थी। आग में 86 मकान पूरी तरह से जल गए थे। आग से तबाही के बाद पीड़ित परिवारों के लिए विधायक ज्ञान तिवारी व प्रशासन ने टेंट-पंडाल लगाकर भोजन का प्रबंध किया। कपड़े, राशन व तिरपाल भी मुहैया कराया गया।
कई स्वयंसेवी संगठनों ने भी राहत सामग्री प्रदान की। मगर पीड़ितों के सामने अपने आशियाने का पुर्ननिर्माण करवाना सबसे बड़ी चुनौती है। पीड़ितों ने बताया कि अग्निकांड में नगदी व बैंक पासबुक जलने से हाथ खाली है। मकान को रहने लायक बनाने के लिए अब सरकार से मिलने वाली मदद का इंतजार है। लेकिन बैंक पासबुक जल जाने से मुआवजे की धनराशि भी नहीं मिल पा रही है।
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया अग्निकांड का सर्वे कर लिया गया है। आग में 80 मकान जले हैं और 15 लाख की संपति का नुकसान हुआ है। पीड़ितों की बैंक पासबुक जलने से खाते में मुआवजे की धनराशि भेजने में समस्या आ रही है। तहसीलदार ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर आधार कार्ड के जरिए मुआवजे की राशि पीड़ितों के बैंक खाते में पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
बच्चों को वितरित की जाएंगी किताबें
डीएम अनुज सिंह ने बीएसए को बच्चों को किताबें वितरित कराने का निर्देश दिया है। बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया सूची बनाई जा रही है, जल्द बच्चों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। पीड़ितों को बर्तन भी दिए जाएंगे।
विज्ञापन
कई स्वयंसेवी संगठनों ने भी राहत सामग्री प्रदान की। मगर पीड़ितों के सामने अपने आशियाने का पुर्ननिर्माण करवाना सबसे बड़ी चुनौती है। पीड़ितों ने बताया कि अग्निकांड में नगदी व बैंक पासबुक जलने से हाथ खाली है। मकान को रहने लायक बनाने के लिए अब सरकार से मिलने वाली मदद का इंतजार है। लेकिन बैंक पासबुक जल जाने से मुआवजे की धनराशि भी नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया अग्निकांड का सर्वे कर लिया गया है। आग में 80 मकान जले हैं और 15 लाख की संपति का नुकसान हुआ है। पीड़ितों की बैंक पासबुक जलने से खाते में मुआवजे की धनराशि भेजने में समस्या आ रही है। तहसीलदार ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर आधार कार्ड के जरिए मुआवजे की राशि पीड़ितों के बैंक खाते में पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
बच्चों को वितरित की जाएंगी किताबें
डीएम अनुज सिंह ने बीएसए को बच्चों को किताबें वितरित कराने का निर्देश दिया है। बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया सूची बनाई जा रही है, जल्द बच्चों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। पीड़ितों को बर्तन भी दिए जाएंगे।