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पांच लाख किसानों की अटक सकती सम्मान निधि
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सीतापुर। जिले के पांच लाख से अधिक किसानों की सम्मान निधि अटक सकती है। कारण, पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकृत सभी किसानों को 31 मार्च तक पंजीकरण का ई-केवाईसी (उपभोक्ता के बारे में आवश्यक जानकारी) हर हाल में कराना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर उन्हें एक अप्रैल से किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। केवाईसी सत्यापन किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर खुद कर सकते हैं।
जिले के छह लाख 54 हजार किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक साल में उन्हें तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपये के अनुसार छह हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। इससे किसान अपनी फसलों की जरूरतों को आसानी से पूरा कर लेते है। नवीन व्यवस्था के अनुसार सभी लाभार्थी किसानों को अब ई-केवाईसी सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
बिना सत्यापन के उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन जिले के करीब पांच लाख से अधिक किसानों ने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है। जबकि मार्च माह समाप्त होने में महज 10 दिन बाकी है। अगर इस दौरान किसानों ने सत्यापन में लापरवाही बरती तो उन्हें सम्मान निधि पाने के लिए दिक्कतें उठानी पड़ सकती है। इसके लिए किसान खुद ही अपना सत्यापन कर सकते है। बस आपका मोबाइल नंबर आधार नंबर से लिंक होना चाहिए। इस लिंक के आधार पर ही आपका सत्यापन पूर्ण हो जाएगा।
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यह है प्रक्रिया
केवाईसी सत्यापन पीएम किसान पोर्टल पर कराया जाना है। इसके लिए संबंधित किसान को मोबाइल, कंप्यूटर पर ई-केवाईसी आप्शन पर क्लिक करना है। इसके बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा का विवरण दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं। अपना आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसे दर्ज करने पर मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करना है।
ओटीपी सत्यापन के लिए सबमिट बटन दबाना होगा। ई-केवाईसी इज सक्सेज फुली सब्मीटेड मैसेज स्क्रीन पर दिखाई देगा। यदि आपका ई-केवाईसी पहले से ही हो चुका है तो ई-केवाईसी इज आलरेडी सब्मीटेड का मैसेज दिखेगा। जिन किसानों के मोबाइल नंबर आधार पंजीकृत नहीं हैं या सत्यापन करते समय ओटीपी नहीं आ रहा है। वह जन सेवा केंद्र पर जाकर बायोमैट्रिक सत्यापन करा सकते हैं।
पोस्टमैन की मदद से आधार में दर्ज कराएं मोबाइल नंबर
जिन लाभार्थियों के मोबाइल नंबर आधार से पंजीकृत नहीं है या नंबर गलत है, वह अपने क्षेत्र के पोस्टमैन से संपर्क करके मोबाइल नंबर आधार से जोड़वा सकते हैं। साथ ही वह पोस्ट ऑफिस से भी संपर्क कर इस समस्या का समाधान करा सकते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसके लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित है। सभी तहसीलों में 140 पोस्टमैन इस सुविधा का लाभ दे रहे हैं। इनके द्वारा पांच साल तक के बच्चों के आधार भी बनाए जा रहे हैं।
31 मार्च तक कराएं सत्यापन
पीएम सम्मान निधि के सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी सत्यापन 31 मार्च तक कराना है। सत्यापन के बाद ही अगले वित्तीय साल से सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। इसके लिए न्याय पंचायतवार नियुक्त प्राविधिक सहायक गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर सहयोग कर रहे हैं। संबंधित किसान अपने ब्लॉक के बीज गोदाम के प्रभारी से भी संपर्क कर लाभ उठा सकते हैं।
- अरविंद मोहन मिश्रा, उप कृषि निदेशक
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जिले के छह लाख 54 हजार किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक साल में उन्हें तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपये के अनुसार छह हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। इससे किसान अपनी फसलों की जरूरतों को आसानी से पूरा कर लेते है। नवीन व्यवस्था के अनुसार सभी लाभार्थी किसानों को अब ई-केवाईसी सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
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बिना सत्यापन के उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन जिले के करीब पांच लाख से अधिक किसानों ने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है। जबकि मार्च माह समाप्त होने में महज 10 दिन बाकी है। अगर इस दौरान किसानों ने सत्यापन में लापरवाही बरती तो उन्हें सम्मान निधि पाने के लिए दिक्कतें उठानी पड़ सकती है। इसके लिए किसान खुद ही अपना सत्यापन कर सकते है। बस आपका मोबाइल नंबर आधार नंबर से लिंक होना चाहिए। इस लिंक के आधार पर ही आपका सत्यापन पूर्ण हो जाएगा।
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यह है प्रक्रिया
केवाईसी सत्यापन पीएम किसान पोर्टल पर कराया जाना है। इसके लिए संबंधित किसान को मोबाइल, कंप्यूटर पर ई-केवाईसी आप्शन पर क्लिक करना है। इसके बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा का विवरण दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं। अपना आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसे दर्ज करने पर मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करना है।
ओटीपी सत्यापन के लिए सबमिट बटन दबाना होगा। ई-केवाईसी इज सक्सेज फुली सब्मीटेड मैसेज स्क्रीन पर दिखाई देगा। यदि आपका ई-केवाईसी पहले से ही हो चुका है तो ई-केवाईसी इज आलरेडी सब्मीटेड का मैसेज दिखेगा। जिन किसानों के मोबाइल नंबर आधार पंजीकृत नहीं हैं या सत्यापन करते समय ओटीपी नहीं आ रहा है। वह जन सेवा केंद्र पर जाकर बायोमैट्रिक सत्यापन करा सकते हैं।
पोस्टमैन की मदद से आधार में दर्ज कराएं मोबाइल नंबर
जिन लाभार्थियों के मोबाइल नंबर आधार से पंजीकृत नहीं है या नंबर गलत है, वह अपने क्षेत्र के पोस्टमैन से संपर्क करके मोबाइल नंबर आधार से जोड़वा सकते हैं। साथ ही वह पोस्ट ऑफिस से भी संपर्क कर इस समस्या का समाधान करा सकते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसके लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित है। सभी तहसीलों में 140 पोस्टमैन इस सुविधा का लाभ दे रहे हैं। इनके द्वारा पांच साल तक के बच्चों के आधार भी बनाए जा रहे हैं।
31 मार्च तक कराएं सत्यापन
पीएम सम्मान निधि के सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी सत्यापन 31 मार्च तक कराना है। सत्यापन के बाद ही अगले वित्तीय साल से सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। इसके लिए न्याय पंचायतवार नियुक्त प्राविधिक सहायक गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर सहयोग कर रहे हैं। संबंधित किसान अपने ब्लॉक के बीज गोदाम के प्रभारी से भी संपर्क कर लाभ उठा सकते हैं।
- अरविंद मोहन मिश्रा, उप कृषि निदेशक