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चारपाई से बाढ़ के पानी में गिरी बच्ची, मौत
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तंबौर के मीतमऊ में घरों में भरे पानी में खेलते बच्चें। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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तंबौर/लहरपुर। तराई इलाके में उफना रही शारदा व सरयू से हालात खराब होते जा रहे हैं। लहरपुर तहसील के 10 गांवों में बुधवार को पानी घुस गया। इससे यहां के करीब 100 परिवारों पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। तंबौर इलाके में देर रात अचानक बाढ़ का पानी घुस गया। इस दौरान सो रही बच्ची चारपाई से गिरकर पानी में डूब गई। संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। जिला प्रशासन की तरफ से इन लोगों को अभी तक राहत सामग्री नहीं मिल सकी है।
बैराजों से बुधवार को 1,68,497 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिलाधिकारी ने लखनीपुर गांव का निरीक्षण करके बाढ़ के हालात देखे। तंबौर इलाके में शारदा नदी का पानी अब धीरे-धीरे गांवों को अपनी चपेट में ले रही है। बुधवार को बढ़रिया, क्योटाना, पूरनसरायं, बसंतापुर, जयपालपुर, कोल्हूपुरवा, रोहिया, शिवपुर व लखनीपुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे यहां के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई है। अब तंबौर इलाके के करीब 15 गांवों में पानी भरा हुआ है। इन गांवों के संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए है। इससे लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है।
दुबाईबाजार में रात में अचानक पानी घुस गया। गांव में राजेंद्र की पत्नी अपनी एक साल की बच्ची के साथ चारपाई पर सो रही थी। रात में अचानक पानी गांव में पहुंच गया। इसी दौरान चारपाई से मासूम पानी में गिर गई। सुबह जब परिजन जागे तो उसका शव पानी में तैरता हुआ मिला। इसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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नदी के टापू पर बसे मीतमउ, नकहा के कई घरों में अब भोजन पकाने के लिए सूखी लकड़ी तक नहीं बची है। अमृतपाल व रामखेलवान ने बताया कि घर में सात सदस्य है। लकड़ी है नहीं आखिर भोजन कैसे पकाए। प्रशासन की तरफ से कोई राहत सामग्री नहीं मिल सकी है। वहीं बसंतापपुर व देवपारपुर के बीच कोल्हुआ पुरवा में सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए बांध में अब दरारें पड़नी लगी है।
इससे सीमावर्ती गांवों में पानी का भराव शुरू हो गया है। शाम को जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज, एसडीएम लहरपुर व अधिशाषी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल ने लखनीपुर गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ के हालात देखे। अफसरों को राहत कार्य तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए।
बाढ़ के पानी में एक बच्ची डूब गई है। जब उसका पोस्टमार्टम होगा, तभी सहायता दिलाना संभव है। जिन गांवों में जलभराव है, वहां पर बराबर नजर रखी जा रही है।
- पीएल मौर्या, एसडीएम, लहरपुर
रेउसा : कटान की चपेट में आए चार मकान
रेउसा/सीतापुर। रेउसा इलाके में जलस्तर घटने से लोगों की मुसीबतें तो कम हो रही है लेकिन कटान जारी है। बुधवार को कटान की चपेट में आकर चार घर समा गए। यह लोग पहले ही पलायन कर चुके थे। फौजदारपुरवा, चौकीपुरवा व परमेश्वरपुरवा में करीब तीन फिट जलस्तर कम हुआ है। फौजदार पुरवा के ललन, रामचन्द्र, भरत व हरिहर के पक्के मकान सरयू की धारा में बह गए। यह लोग पहले ही पलायन कर चुके थे। एसडीएम बिसवां अनुपम मिश्रा ने बताया कि जलस्तर में गिरावट आई है। 114 विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई है।
तिरपाल डालकर बनाया आशियाना
लहरपुर/सीतापुर। लहरपुर कोतवाली इलाके के ग्राम रतौली व रतौलीढीह में शारदा नदी के उफनाने से मुसीबतें बढ़ गई हैं। यहां के ग्रामीण अब तीन नंबर पुलिया के निकट अपना आशियाना बनाया है। इन लोगों ने बाढ़ की वजह से अपना घर छोड़ दिया है। साबिर, मुन्ना, कमाल, इसरार, मतनी, गोपाल तिवारी आदि परिवार सड़क के किनारे तिरपाल डालकर रह रहे है। जबकि तेजवापुर, भदफर, खनियापुर, दहेली, पट्टी दहेली, कुसेपा, रमपुरवा, सोंसरी व सुजाबाद में जाने के संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है।
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बैराजों से बुधवार को 1,68,497 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिलाधिकारी ने लखनीपुर गांव का निरीक्षण करके बाढ़ के हालात देखे। तंबौर इलाके में शारदा नदी का पानी अब धीरे-धीरे गांवों को अपनी चपेट में ले रही है। बुधवार को बढ़रिया, क्योटाना, पूरनसरायं, बसंतापुर, जयपालपुर, कोल्हूपुरवा, रोहिया, शिवपुर व लखनीपुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे यहां के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई है। अब तंबौर इलाके के करीब 15 गांवों में पानी भरा हुआ है। इन गांवों के संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए है। इससे लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है।
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दुबाईबाजार में रात में अचानक पानी घुस गया। गांव में राजेंद्र की पत्नी अपनी एक साल की बच्ची के साथ चारपाई पर सो रही थी। रात में अचानक पानी गांव में पहुंच गया। इसी दौरान चारपाई से मासूम पानी में गिर गई। सुबह जब परिजन जागे तो उसका शव पानी में तैरता हुआ मिला। इसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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नदी के टापू पर बसे मीतमउ, नकहा के कई घरों में अब भोजन पकाने के लिए सूखी लकड़ी तक नहीं बची है। अमृतपाल व रामखेलवान ने बताया कि घर में सात सदस्य है। लकड़ी है नहीं आखिर भोजन कैसे पकाए। प्रशासन की तरफ से कोई राहत सामग्री नहीं मिल सकी है। वहीं बसंतापपुर व देवपारपुर के बीच कोल्हुआ पुरवा में सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए बांध में अब दरारें पड़नी लगी है।
इससे सीमावर्ती गांवों में पानी का भराव शुरू हो गया है। शाम को जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज, एसडीएम लहरपुर व अधिशाषी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल ने लखनीपुर गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ के हालात देखे। अफसरों को राहत कार्य तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए।
बाढ़ के पानी में एक बच्ची डूब गई है। जब उसका पोस्टमार्टम होगा, तभी सहायता दिलाना संभव है। जिन गांवों में जलभराव है, वहां पर बराबर नजर रखी जा रही है।
- पीएल मौर्या, एसडीएम, लहरपुर
रेउसा : कटान की चपेट में आए चार मकान
रेउसा/सीतापुर। रेउसा इलाके में जलस्तर घटने से लोगों की मुसीबतें तो कम हो रही है लेकिन कटान जारी है। बुधवार को कटान की चपेट में आकर चार घर समा गए। यह लोग पहले ही पलायन कर चुके थे। फौजदारपुरवा, चौकीपुरवा व परमेश्वरपुरवा में करीब तीन फिट जलस्तर कम हुआ है। फौजदार पुरवा के ललन, रामचन्द्र, भरत व हरिहर के पक्के मकान सरयू की धारा में बह गए। यह लोग पहले ही पलायन कर चुके थे। एसडीएम बिसवां अनुपम मिश्रा ने बताया कि जलस्तर में गिरावट आई है। 114 विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई है।
तिरपाल डालकर बनाया आशियाना
लहरपुर/सीतापुर। लहरपुर कोतवाली इलाके के ग्राम रतौली व रतौलीढीह में शारदा नदी के उफनाने से मुसीबतें बढ़ गई हैं। यहां के ग्रामीण अब तीन नंबर पुलिया के निकट अपना आशियाना बनाया है। इन लोगों ने बाढ़ की वजह से अपना घर छोड़ दिया है। साबिर, मुन्ना, कमाल, इसरार, मतनी, गोपाल तिवारी आदि परिवार सड़क के किनारे तिरपाल डालकर रह रहे है। जबकि तेजवापुर, भदफर, खनियापुर, दहेली, पट्टी दहेली, कुसेपा, रमपुरवा, सोंसरी व सुजाबाद में जाने के संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है।