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डेंगू से बालिका की मौत
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सीतापुर। शहर में डेंगू अब जानलेवा बनता जा रहा है। एक बालिका की डेंगू की चलते शुक्रवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई जबकि दो दिन पहले ही सिविल लाइन की एक किशोरी डेंगू का शिकार हो चुकी है। वहीं चिल्ड्रेन वार्ड में निमोनिया के चलते एक बच्चे की मौत हो गई है। चार बच्चे तेज बुखार के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। हालांकि अफसर बालिका की मौत डेंगू से होने की बात से इंकार कर रहे हैं।
शहर के चौबेटोला निवासी वर्षा (8) को तेज बुखार आ रहा था। परिवारीजनों ने पहले प्राइवेट चिकित्सालयों में दिखाया। वहां पर बच्ची की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई है। परिवारीजनों का कहना है चिकित्सकों ने डेंगू होने की बात बताई थी।
हालांकि अस्पताल प्रशासन बालिका की मौत डेंगू से होने की बात से इंकार कर रहा है जबकि दो दिन पहले शहर के सिविल लाइन निवासी आर्या चौधरी की डेंगू के चलते लखनऊ ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो चुकी है। वहीं लल्लूपुरवा निवासी शिवा (दो माह) को निमोनिया होने के चलते जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में गुरुवार को भर्ती कराया गया था।
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इलाज के दौरान शिवा की मौत हो गई जबकि रामकोट इलाके के यश (1), पिसावां के बरगांवा निवासी सुहैल (2), खैराबाद इलाके की शालिनी (13) व कोतवाली देहात इलाके के धन्नाग निवासी विवेक (2) को तेज बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि इस समय भर्ती होने वाले बच्चों में वायरल बुखार, एनीमिया, कोल्ड डायरिया व झटके आने जैसी शिकायत होती है। अगर किसी के दिमाग में कोई गांठ है और उसने इलाज में लापरवाही बरती तो उसे झटके आने लगते हैं। अगर समय से इलाज मिल जाए तो बच्चे ठीक हो जाते हैं।
सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू के चलते किसी की मौत नहीं हुुई है। जिन बच्चों की मौत हो रही है, उनमें ज्यादातर निमोनिया व सिपटीमिया से ग्रसित होते हैं। इनके तीमारदार बहुत देरी से इलाज कराने पहुंचते हैं।
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शहर के चौबेटोला निवासी वर्षा (8) को तेज बुखार आ रहा था। परिवारीजनों ने पहले प्राइवेट चिकित्सालयों में दिखाया। वहां पर बच्ची की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई है। परिवारीजनों का कहना है चिकित्सकों ने डेंगू होने की बात बताई थी।
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हालांकि अस्पताल प्रशासन बालिका की मौत डेंगू से होने की बात से इंकार कर रहा है जबकि दो दिन पहले शहर के सिविल लाइन निवासी आर्या चौधरी की डेंगू के चलते लखनऊ ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो चुकी है। वहीं लल्लूपुरवा निवासी शिवा (दो माह) को निमोनिया होने के चलते जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में गुरुवार को भर्ती कराया गया था।
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इलाज के दौरान शिवा की मौत हो गई जबकि रामकोट इलाके के यश (1), पिसावां के बरगांवा निवासी सुहैल (2), खैराबाद इलाके की शालिनी (13) व कोतवाली देहात इलाके के धन्नाग निवासी विवेक (2) को तेज बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि इस समय भर्ती होने वाले बच्चों में वायरल बुखार, एनीमिया, कोल्ड डायरिया व झटके आने जैसी शिकायत होती है। अगर किसी के दिमाग में कोई गांठ है और उसने इलाज में लापरवाही बरती तो उसे झटके आने लगते हैं। अगर समय से इलाज मिल जाए तो बच्चे ठीक हो जाते हैं।
सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू के चलते किसी की मौत नहीं हुुई है। जिन बच्चों की मौत हो रही है, उनमें ज्यादातर निमोनिया व सिपटीमिया से ग्रसित होते हैं। इनके तीमारदार बहुत देरी से इलाज कराने पहुंचते हैं।