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Sitapur News: कंधई घाट पर बनने वाले पुल का शिलान्यास
Sun, 17 May 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 17 May 2026 12:06 AM IST
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सीतापुर। 28 करोड़ की लागत से कंधई घाट पर बनने पुल का शिलान्यास शनिवार को विधायक ज्ञान तिवारी ने किया। उन्होंने इस पुल को बाढ़ पीड़ित क्षेत्र के लोगो के आवागमन की सुगमता के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।
विधायक ज्ञान तिवारी ने कहा कि अभी तक यहां पीपा पुल से लोग पूरे वर्ष भर जोखिम भरा आवागमन करते थे। बाढ़ के समय वह भी हटा दिया जाता था और इस स्थान पर नाव से आवागमन की मजबूरी होती थी। उन्होंने बताया कि पुल के निर्माण में जिन लोगो की जमीनें आएंगी उन्हें मुवावजा व पुल के दोनों ओर डेढ-डेढ़ किलोमीटर सड़क के निर्माण की धनराशि भी इसी में शामिल है।
पुल के निर्माण से बगस्ती, रेती, शुकुल पुरवा, कोठार, लोधन पुरवा, रामरूप पुरवा, नया पुरवा, धांधी, बचऊं पुरवा, खरगी बांग्ला, बालेश्वर पुरवा, पीतांबर पुरवा, कनरखी, अर्जुनपुरवा, क्योंड़ा, चंद्रिका पुरवा, भजन पुरवा, अर्जुन पुरवा समेत करीब 50 गांव की लगभग 35 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद ग्रामीण रामफल ने बताया कि हम सब करीब 30 वर्ष से इस रास्ते से आवागमन करते आ रहे हैं।
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बाढ़ के समय जान जोखिम में डालकर जीविका के लिए नदी पार करना पड़ता था। उन्होंने विधायक व मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। ग्रामीण कैलाश ने बताया कि पूरे वर्ष सरकारी नाव की सुविधा नहीं मिलती थी। लोगो को कुछ वर्ष पूर्व उतराई भी देनी पड़ती थी। देर रात्रि में कोई समस्या होने पर नदी पार करना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में पुल का निर्माण होने से आवागमन सुगम हो जाएगा।
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विधायक ज्ञान तिवारी ने कहा कि अभी तक यहां पीपा पुल से लोग पूरे वर्ष भर जोखिम भरा आवागमन करते थे। बाढ़ के समय वह भी हटा दिया जाता था और इस स्थान पर नाव से आवागमन की मजबूरी होती थी। उन्होंने बताया कि पुल के निर्माण में जिन लोगो की जमीनें आएंगी उन्हें मुवावजा व पुल के दोनों ओर डेढ-डेढ़ किलोमीटर सड़क के निर्माण की धनराशि भी इसी में शामिल है।
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पुल के निर्माण से बगस्ती, रेती, शुकुल पुरवा, कोठार, लोधन पुरवा, रामरूप पुरवा, नया पुरवा, धांधी, बचऊं पुरवा, खरगी बांग्ला, बालेश्वर पुरवा, पीतांबर पुरवा, कनरखी, अर्जुनपुरवा, क्योंड़ा, चंद्रिका पुरवा, भजन पुरवा, अर्जुन पुरवा समेत करीब 50 गांव की लगभग 35 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद ग्रामीण रामफल ने बताया कि हम सब करीब 30 वर्ष से इस रास्ते से आवागमन करते आ रहे हैं।
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बाढ़ के समय जान जोखिम में डालकर जीविका के लिए नदी पार करना पड़ता था। उन्होंने विधायक व मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। ग्रामीण कैलाश ने बताया कि पूरे वर्ष सरकारी नाव की सुविधा नहीं मिलती थी। लोगो को कुछ वर्ष पूर्व उतराई भी देनी पड़ती थी। देर रात्रि में कोई समस्या होने पर नदी पार करना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में पुल का निर्माण होने से आवागमन सुगम हो जाएगा।