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Sitapur News: 16 घंटे तक खंगाली खाद फैक्टरी, 80 बोरी नकली डीएपी बरामद

Wed, 13 Nov 2024 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Wed, 13 Nov 2024 12:39 AM IST
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Fertilizer factory searched for 16 hours, 80 bags of fake DAP recovered
इसी फैक्टरी में एसटीएफ ने मारा छापा।
खैराबाद। थाना क्षेत्र के असोढ़र गांव में एक खाद फैक्टरी पर लखनऊ एसटीएफ व कृषि विभाग की टीम ने छापा मारा। करीब 16 घंटे तक चली जांच पड़ताल में एसटीएफ ने जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार की मौजूदगी में फैक्टरी का कोना-कोना खंगाला। जांच में 80 बोरी नकली डीएपी बरामद हुई है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस मामले में आरोपी ज्ञानेंद्र दीक्षित व ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
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जिला प्रशासन व एसटीएफ को असोढ़र गांव में संचालित मैसर्स साईं बॉयोक्रॉप खाद फैक्टरी में बड़े पैमाने पर बाहर से कच्चा माल मंगवाकर अवैध तरीके से डीएपी तैयार करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद एसटीएफ ने कृषि विभाग के अफसरों को साथ लेकर फैक्टरी पर सोमवार देर रात छापा मारा।
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जांच के दौरान फैक्टरी से काफी मात्रा में कई दस्तावेज बरामद हुए, जिन्हें सील कर दिया गया। इसमें बिल, वाउचर, बिल्टी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक इस प्रतिष्ठान के पास खाद बनाने का लाइसेंस है, लेकिन डीएपी की 80 बोरियां मानकों के विपरीत मिली हैं। इन्हें कब्जे में लेकर केस दर्ज कराया गया है।
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कार्रवाई के दौरान हुई तीखी झड़प

फैक्टरी की जांच पड़ताल से जुड़ी पूरी कार्रवाई को काफी गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। इसके बावजूद जांच के दौरान कई रसूखदार लोग मौके पर पहुंच कर कार्रवाई को बंद करवाने के लिए पैरोकारी में जुटने लगे। इस दौरान कुछ लोगों की जांच कर रही एसटीएफ के अफसरों के साथ तीखी झड़प भी हुई।

पहले भी हो चुकी कार्रवाई
इससे पहले भी इस फैक्टरी में जांच पड़ताल के लिए कार्रवाई हो चुकी है। पहली कार्रवाई 12 जनवरी 2020 और फिर 8 जून 2021 में पड़े छापे के दौरान फैक्टरी से चांद छाप खाद के रैपर व नकली खाद भी बरामद हुई थी। इसके बाद इस फैक्टरी को सीज कर दिया था लेकिन बाद में पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल कर रसूख के दम पर फैक्टरी का संचालन पुन: शुरू हो गया।


डीएपी बनाने के कच्चे माल पर प्रतिबंध इफको के क्षेत्रीय अधिकारी की मानें तो विदेशों से डीएपी का कच्चा माल आयात नहीं हो पा रहा है। इसी कारण वर्तमान में डीएपी की किल्लत है। डीएपी का कच्चा माल सबसे ज्यादा चीन से आता था। चीन की तरफ से इसके निर्यात पर लगे प्रतिबंध के बाद कच्चे माल का आवागमन प्रभावित रहता है। इसी का फायदा उठाकर मोटा मुनाफा कमाने के लिए नकली डीएपी तैयार कर इसे ऊंचे दाम पर बाजार में खपाने का खेल चल रहा है।
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