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अस्पतालों में सुविधाएं ‘बीमार’, मरीज बेहाल
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सीतापुर में जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने के चलते कमरें लटक रहा ताला। - संव?
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी हैं। जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी तक में लगी अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे मशीनें खराब पड़ी हैं। इसके अभाव में मरीज जिला मुख्यालय जाते हैं या महंगे दामों पर प्राइवेट में ही जांच कराते है। इससे मरीज जिला मुख्यालय तक की करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय करने को मजबूर हैं।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक सीएचसी पर इलाज के साथ ही जांच की भी सुविधा दी गई है। यह जांच की सुविधा बहुत ही कम मरीजों को मिल रही है। यहां पर जांच के लिए लगी मशीनें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। अगर महमूदाबाद सीएचसी की बात की जाए तो यहां पर करीब सात वर्षों से मशीन खराब है। इसकी शिकायत कई बार लोग व जनप्रतिनिधि भी कर चुके हैं। अभी हाल ही में जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस ने निरीक्षण के समय इसे बनवाने के निर्देश दिए थे फिर भी मशीन सहीं नहीं हो सकी है।
जिला महिला चिकित्सालय में भी बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही महिलाएं इलाज करा रही है। जरूरत पड़ने पर वह बाहर से महंगे दामों पर जांच करवाती हैं। इससे उनको अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे है। इसी तरह तमाम सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे जांच की कोई सुविधा ही नहीं है। इसके अभाव में मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जांच के लिए नाप रहे लंबी दूरी
महोली सीएचसी में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे मशीन नहीं है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें आती है। उनके सामने दो ही विकल्प बचते हैं। वे प्राइवेट जांच करवाए या करीब 22 किलोमीटर दूर चलकर सीतापुर जिला मुख्यालय जाए। इसी तरह तंबौर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की कोई सुविधा नहीं है। सीएचसी कसमंडा, गोंदलामऊ, सांडा व मछरेहटा में जांच की मशीनें न होने से मरीज करीब 50 किलोमीटर दूर चलकर जिला मुख्यालय जाते है।
नोडल प्रभारी का निर्देश भी दरकिनार
पिसावां सीएचसी में एक्स-रे मशीन है, लेकिन फिल्म व अन्य उपकरण नहीं है। यहां 2019 से 2021 तक कृष्णा डायग्नोसिस प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ द्वारा डिजिटल एक्स-रे किए जाते थे। टेंडर खत्म होने पर वह अपने उपकरण उठा ले गए। इसके बाद डिजिटल मशीन आई थी। लेकिन मशीन इंस्ट्राल न होने के कारण एक्स-रे नहीं हो पा रहे है।
इससे लोगों को करीब 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। सीएचसी महमूदाबाद में सात वर्षों से एक्स-रे मशीन खराब है। जबकि यहां पर जिले की नोडल प्रभारी मिनिस्ती एस ने कुछ माह पूर्व निरीक्षण के बाद सीएमओ को इसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मशीन सुधर नहीं सकी है।
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब
जिला महिला चिकित्सालय में महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन लगी है पर यह मशीन कई माह से खराब पड़ी है। इससे यहां पर आने वाली महिलाएं अल्ट्रासाउंड नहीं करा पाती है। अगर महिला की गंभीर स्थिति होती है तो उसे जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर भेज दिया जाता है। वहां पर महिलाएं प्राइवेट में ही अल्ट्रासाउंड करवाती है। इससे उनको अधिक पैसे खर्च करने पड़ते है।
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मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक सीएचसी पर इलाज के साथ ही जांच की भी सुविधा दी गई है। यह जांच की सुविधा बहुत ही कम मरीजों को मिल रही है। यहां पर जांच के लिए लगी मशीनें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। अगर महमूदाबाद सीएचसी की बात की जाए तो यहां पर करीब सात वर्षों से मशीन खराब है। इसकी शिकायत कई बार लोग व जनप्रतिनिधि भी कर चुके हैं। अभी हाल ही में जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस ने निरीक्षण के समय इसे बनवाने के निर्देश दिए थे फिर भी मशीन सहीं नहीं हो सकी है।
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जिला महिला चिकित्सालय में भी बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही महिलाएं इलाज करा रही है। जरूरत पड़ने पर वह बाहर से महंगे दामों पर जांच करवाती हैं। इससे उनको अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे है। इसी तरह तमाम सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे जांच की कोई सुविधा ही नहीं है। इसके अभाव में मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जांच के लिए नाप रहे लंबी दूरी
महोली सीएचसी में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे मशीन नहीं है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें आती है। उनके सामने दो ही विकल्प बचते हैं। वे प्राइवेट जांच करवाए या करीब 22 किलोमीटर दूर चलकर सीतापुर जिला मुख्यालय जाए। इसी तरह तंबौर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की कोई सुविधा नहीं है। सीएचसी कसमंडा, गोंदलामऊ, सांडा व मछरेहटा में जांच की मशीनें न होने से मरीज करीब 50 किलोमीटर दूर चलकर जिला मुख्यालय जाते है।
नोडल प्रभारी का निर्देश भी दरकिनार
पिसावां सीएचसी में एक्स-रे मशीन है, लेकिन फिल्म व अन्य उपकरण नहीं है। यहां 2019 से 2021 तक कृष्णा डायग्नोसिस प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ द्वारा डिजिटल एक्स-रे किए जाते थे। टेंडर खत्म होने पर वह अपने उपकरण उठा ले गए। इसके बाद डिजिटल मशीन आई थी। लेकिन मशीन इंस्ट्राल न होने के कारण एक्स-रे नहीं हो पा रहे है।
इससे लोगों को करीब 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। सीएचसी महमूदाबाद में सात वर्षों से एक्स-रे मशीन खराब है। जबकि यहां पर जिले की नोडल प्रभारी मिनिस्ती एस ने कुछ माह पूर्व निरीक्षण के बाद सीएमओ को इसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मशीन सुधर नहीं सकी है।
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब
जिला महिला चिकित्सालय में महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन लगी है पर यह मशीन कई माह से खराब पड़ी है। इससे यहां पर आने वाली महिलाएं अल्ट्रासाउंड नहीं करा पाती है। अगर महिला की गंभीर स्थिति होती है तो उसे जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर भेज दिया जाता है। वहां पर महिलाएं प्राइवेट में ही अल्ट्रासाउंड करवाती है। इससे उनको अधिक पैसे खर्च करने पड़ते है।