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डीएम-एसपी से आस, मातहत कर रहे निराश

Tue, 02 Feb 2021 11:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 11:30 PM IST
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Expecting DM-SP, subordinates disappointed
तहसील सभागार में सम्पूूर्ण समाधान दिवस में पीड़ितों की शिकायत सुनते डीएम-एसपी। - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। ये चंद मामले तो महज एक बानगी भर हैं। जबकि जिले में काफी तादात में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अफसरों की चौखट के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता है। ऐसी ही समस्याओं का हल कराने के लिए संपूर्ण समाधान और थाना समाधान दिवस किए जाते हैं। इसके पीछे सरकार और जिला-पुलिस प्रशासन की मंशा रहती है कि फरियादियों को यहां से न्याय मिल सकेगा, लेकिन हैरानी की बात है कि संपूर्ण समाधान दिवस में भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है, जबकि यहां पर जिले के हाकिम तक आते हैं।
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वे मातहतों को मामले में कार्रवाई के आदेश देकर समस्या का हल करने पर जोर तो देते हैं, लेकिन अधीनस्थों के दिलचस्पी नहीं लेने से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी विशाल भरद्वाज, एसपी आरपी सिंह संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता सदर तहसील में कर रहे थे। दोपहर के 12 बजकर 10 मिनट हो रहे थे। एक-एक कर फरियादी डीएम-एसपी के पास जाकर अपनी समस्या बता कर समाधान की गुहार लगा रहे थे। ये सिलसिला दो बजे तक चलता रहा। पीड़ितों को मदद का भरोसा और मातहतों को मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने का आदेश देकर जिले के दोनों हाकिम यहां चले गए।
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इस बीच अमर उजाला की टीम ने सदर तहसील क्षेत्र से संपूर्ण समाधान दिवस में आए लोगों से बात की और उनकी समस्याएं जानी तो उनकी बातें चौंकाने वाली थी। फरियादियों ने कहा कि, उन्हें पता चला कि संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को डीएम-एसपी रहेंगे, इसलिए बहुत उम्मीद लेकर आएं हैं। कहा कि डीएम-एसपी से ही आस है, क्योंकि नीचे अधिकारी सुनते ही नहीं है। संपूर्ण तहसील दिवस में कई बार आ चुके हैं। समस्याओं के समाधान के आदेश डीएम, एसपी दे देते हैं। भरोसा भी दिलाते हैं पर दिक्कतें जस की तस बनी हुई हैं।
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ब्लॉक खैराबाद के मजलिसपुर निवासी दिव्यांग आनंद दोपहर 12:25 बजे तहसील सदर में पीएम आवास योजना ग्रामीण का लाभ न मिलने की शिकायत करने आए थे। बताया कि दो साल से भटक रहे हैं। बावजूद इसके आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ब्लाक में शिकायत करने पर सुनवाई नहीं हो रही है। अपात्रों को लाभ दिया जा रहा है। उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
खैराबाद क्षेत्र के टिकिया निवासी दिव्यांग करीम 12:20 बजे पहुंचे। बताया कि पेंशन के लिए बैंक में खाता खुलवाना है। शिकायत करने तहसील में आए थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय इलाहाबाद बैंक के कई चक्कर लगाने के बाद भी खाता नहीं खोला गया है। बैंक के अधिकारी खाता नहीं खोल रहे हैं। इससे पेंशन का काम लटका है। जब खाता खुलेगा, तभी पेंशन मिलेगी।
हरगांव के जालिमपुर निवासी राकेश कुमार 1:30 बजे तहसील पहुंचे थे। बताया कि कई माह से अन्त्योदय राशन कार्ड के लिए भटक रहे हैं। सफलता नहीं मिल रही है। पहले से कार्ड बना है। जनवरी में राशन लेने पर कोटेदार न मना कर दिया। कहा कि कार्ड कट गया है। 15 सितम्बर को शिकायत की थी। इसके बाद दो बार और शिकायत कर चुका हूं। लेकिन कार्ड नहीं बना है।
सूरेपारा मजरा बिरैंचा निवासिनी 12:45 बजे तहसील पहुंची। उन्होंने बताया कि घूरे पर बांस बंधे थे। आरोप है कि, लेखपाल ने तोड़कर फेंक दिया। गांव के सात लोगों पर उसकी जगह में नांद रखने का विरोध करने मारा पीटा। मानपुर थाने में तहरीर दी थी। पुलिस गांव भी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

सीओ सिटी और कई थानेदारों को फटकार
संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद लेकर पहुंचे कई पीड़ितों ने पुलिस से संबंधित मामलों की शिकायत की। फरियादियों की बात सुनने के बाद एसपी ने सीओ सिटी, खैराबाद, रामकोट, मानपुर और हरगांव एसओ को फटकारा। एसपी ने कहा कि मामलों में गंभीरता से पुलिस कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाए।
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