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Sitapur News: आदेश के बाद भी कार्रवाई सिफर, नहीं दर्ज हुई एफआईआर
Thu, 29 Jan 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:11 AM IST
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सीतापुर। गोंदलामऊ ब्लॉक की हिंडौरा ग्राम पंचायत में उजागर 50.13 लाख रुपये के भ्रष्टाचार मामले में डीएम के आदेश के सात दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डीएम डॉ राजा गणपति आर ने इस मामले में बीडीओ गोंदलामऊ को दोषी सचिव हरदासी राणा व प्रधान श्यामा देवी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये थे। बीडीओ गोंदलामऊ ने डीएम के आदेश में तकनीकी खामी बताई है। इसके चलते पूरी कार्रवाई बीच में अटकी है।
हिंडौरा ग्राम पंचायत निवासी कृष्ण कुमार व अन्य ने 13 दिसंबर 2024 को शपथ पत्र देकर प्रधान श्यामा देवी द्वारा विकास कार्याें में अनियमितता की शिकायत की थी। कार्रवाई होती न देखकर पीड़ितों ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने रिट याचिका की सुनवाई करते हुए 6 मार्च 2025 को तत्कालीन डीएम अभिषेक आनंद को जांच कमेटी बनाकर गहनता से जांच के आदेश दिये थे। डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी ने जांच कर 93.56 लाख रुपये का भ्रष्टाचार पकड़ा था। वहीं, इसके बाद हुई एक अन्य जांच में सचिव व प्रधान पर कुल 50.13 लाख रुपये का भ्रष्टाचार साबित हुआ। इसके बाद मामले में कार्रवाई लंबित रही। बीते दिनों डीएम ने हिंडौरा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में 50.13 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में प्रधान व सचिव को दोषी मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिये थे।
सचिव के अनुसार वह दोषी नहीं
बीजीओ गोंदलामऊ संदीप कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय से कार्रवाई के लिए पत्र आया है। इसके तहत प्रधान व सचिव पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता, प्रधान व सचिव को पत्रावली रिसीव करवा दी गई है। इस मामले में आरोपी सचिव के अनुसार घोटाले में वह दोषी नहीं है। कई मामले उनके कार्यकाल से पूर्व के हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके बाद सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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हिंडौरा ग्राम पंचायत निवासी कृष्ण कुमार व अन्य ने 13 दिसंबर 2024 को शपथ पत्र देकर प्रधान श्यामा देवी द्वारा विकास कार्याें में अनियमितता की शिकायत की थी। कार्रवाई होती न देखकर पीड़ितों ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने रिट याचिका की सुनवाई करते हुए 6 मार्च 2025 को तत्कालीन डीएम अभिषेक आनंद को जांच कमेटी बनाकर गहनता से जांच के आदेश दिये थे। डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी ने जांच कर 93.56 लाख रुपये का भ्रष्टाचार पकड़ा था। वहीं, इसके बाद हुई एक अन्य जांच में सचिव व प्रधान पर कुल 50.13 लाख रुपये का भ्रष्टाचार साबित हुआ। इसके बाद मामले में कार्रवाई लंबित रही। बीते दिनों डीएम ने हिंडौरा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में 50.13 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में प्रधान व सचिव को दोषी मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिये थे।
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सचिव के अनुसार वह दोषी नहीं
बीजीओ गोंदलामऊ संदीप कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय से कार्रवाई के लिए पत्र आया है। इसके तहत प्रधान व सचिव पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता, प्रधान व सचिव को पत्रावली रिसीव करवा दी गई है। इस मामले में आरोपी सचिव के अनुसार घोटाले में वह दोषी नहीं है। कई मामले उनके कार्यकाल से पूर्व के हैं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके बाद सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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