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150 गांवों की बिजली गुल, दो लाख लोग हुए परेशान

Fri, 16 Jul 2021 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:03 PM IST
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Electricity failure in 150 villages, two lakh people were upset
कुतुबनगर( सीतापुर)। भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही बिजली लगातार झटके दे रही है, लेकिन इन सबके बीच जिम्मेदारों की मनमानी भी कहीं कम परेशानी नहीं पैदा कर रही है। इसका खामियाजा भारी भरकम बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को उठाना पड़ा रहा है। पिसावां इलाके में देवगवां फीडर का हाल बेहाल है। आए दिन इस फीडर से जुड़े गांवों में बिजली का संकट बना रहता है। एक बार फिर पिछले 24 घंटे से इस फीडर से जुड़े करीब 150 गांवों की बिजली गुल है। करीब दो लाख की आबादी प्रभावित है। गांव अंधेरे में डूबे हैं, लेकिन अभी तक जिम्मेदारों ने कोई सुध नहीं लिया है। हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से यह समस्या खड़ी हुई है।
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पिसावां इलाके में देवगवां विद्युत उपकेंद्र का बुुरा हाल है। ज्यों-ज्यों गर्मी का सितम बढ़ रहा है, त्यों-त्यों इस फीडर से जुड़े गांवों में बिजली का संकट बढ़ता जा रहा है। अक्सर इस फीडर से जुड़े गांवों में बिजली गुल रहती है। उपभोक्ता इसको लेकर जिम्मेदारों से शिकायत करते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है। गुरुवार की दोपहर इस फीडर से गांवों को जाने वाली हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया था। उसके बाद से गांव के खानपुर, कुतुबनगर, सरौनी, इस्लामनगर, अर्थाना, कुसैला, दधनामउ, सेमरा, बिजौली, देवगवां, मोहम्मदनगर, सबेलिया, भगवानपुर, साहबनागर, गुलरिहा, लोहारखेड़ा, अर्थापुर, विश्वनाथपुर, सतनापुर, हुसैनपुर, रामपुरभूड़ा समेत करीब 150 गांवों की बिजली गुल है। करीब 2 लाख की आबादी इससे प्रभावित हो रही है। उपभोक्ता गुरुवार की दोपहर शुक्रवार की शाम तक बिजली आने की राह तक रहे थे, लेकिन बिजली के दर्शन नहीं हो सके हैं, इससे लोगों में बिजली की इस बदहाल व्यवस्था को लेकर भी आक्रोश पनप रहा है।
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बताया जाता है कि आए दिन तार टूटने की वजह पिछले डेढ़ साल से जर्जर हो चुकी ट्रॉली है। इसी वजह से समस्या आ रही है। जर्जर ट्रॉली के सहारे ही आपूर्ति की जा रही है। लगभग हर सप्ताह में एक बार लाइन खराब हो जाती है। इसके बाद 12 से 15 घंटे बिजली आपूर्ति बहाली में लगते हैं।, लेकिन इस बार 24 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। गर्मी में उनका हाल बेहाल है। 24 घंटे से बिजली नहीं आने से घरों में लगे इन्वर्टर तक जवाब दे गए हैं। मोबाइल चार्ज करना तक लोगों को मुश्किल हो रहा है।
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जिम्मेदारों की मनमानी
पिसावां इलाके में देवगवां फीडर से जुड़े गांवों में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे होकर रह गई है। भीषण गर्मी में वह पसीना से तरबतर हो रहे हैं, लेकिन सूचना देने के बाद भी अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक तार नहीं जोड़ा जा सका है।

किसानों को धान रोपाई में आ रही बाधा
बारिश न होने के कारण खेतों की सिंचाई के बाद धान रोपाई का कार्य चल रहा है। विद्युत सप्लाई न होने से यह कार्य प्रभावित हो रहा है। धान की रोपाई में काफी मात्रा में पानी खेत में भरना पड़ता है। कम वोल्टेज से पानी कम आता है, साथ ही बिजली कटौती के कारण फिर से पानी भूमि में चला जाता है। डीजल मंहगा होने के बावजूद किसान पंपिंग सेट इंजन से सिंचाई करने को मजबूर है। इन्वर्टर की चार्जिंग और घरेलू पानी लो वोल्टेज की वजह से नहीं मिल पाने से लोग परेशान है। भयंकर गर्मी में भी लोग दूर जाकर हैंडपंपों पर लाइन लगाने को मजबूर हैं।
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