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बालामऊ ट्रैक पर जल्द दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन
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नैमिषारण्य में गोमती पुलिस का निरीक्षण करते चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक। (संवा?
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब जल्द ही सीतापुर से बालामऊ के बीच आप इलेक्ट्रिक ट्रेन में सफर का आनंद ले सकेंगे। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद सोमवार को सीआरएस हुआ। चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी उत्तर रेलवे ने टीम के साथ ट्रैक का निरीक्षण किया। 100 किमी की रफ्तार से इलेक्ट्रिक लोको को दौड़ाकर ट्रॉयल किया गया। सीआरएस के सफल होने के बाद इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने की हरी झंडी दे दी गई है। उम्मीद है कि अगले महीने से इलेक्ट्रिक ट्रेन फर्राटा भरने लगेगी।
लखनऊ से सीतापुर और सीतापुर से लखीमपुर तक विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद सीआरएस भी हो चुका है। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने की हरी झंडी मिल चुकी है। इस सबके बीच बालामऊ से सीतापुर रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए विद्युतीकरण का काम पिछले साल से शुरू हुआ था। रेलवे विद्युतीकरण (आरई) के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर (सीपीडी) सुधांशू कुमार के नेतृत्व में टीबीआईए की संस्था इनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बालामऊ से सीतापुर के बीच करीब 62 किमी में विद्युतीकरण का काम कर रही थी। इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए कई महीनों से किया जा रहा कार्य पूरा हो चुका था।
इसके बाद 15 मार्च को सीआरएस की तारीख तय हुई। तय तारीख पर सोमवार को स्पेशल ट्रेन से चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी सैलेश कुमार पाठक दिल्ली से बालामऊ पहुंचे। बालामऊ से सीतापुर शाम साढ़े तीन बजे सिटी स्टेशन पहुंचे। इसके बाद जंक्शन भी गए। बालामऊ-सीतापुर रूट पर करीब 100 किमी की रफ्तार इलेक्ट्रिक लोको को दौड़ाकर ट्रॉयल किया, जो पूरी तरह से सफल रहा। जंक्शन से चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी सिटी स्टेशन से होते हुए शाम साढ़े पांच बजे बालामऊ की ओर स्पेशल ट्रेन से रवाना हो गए। इस बीच उन्होंने रास्ते में नैमिषारण्य स्टेशन, गोमती ब्रिज समेत कई स्टेशनों पर रुककर कराए गए विद्युतीकरण के कार्यों को बारीकी से देखा।
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उसका जायजा लिया। टीबीआईए के असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर मुक्तेश्वर मल्ल ने बताया कि सीआरएस पूरी तरह से सफल रहा है। चीफ कमिश्ननर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने इलेक्ट्रिक लोको को दौड़ाकर ट्रॉयल लिया। कहीं कोई दिक्क्त नहीं आई है। उन्होंने सीआरएस के ट्रॉयल को सफल करार देते हुए इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए हरी झंडी दी है। असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर मुक्तेश्वर मल्ल ने बताया कि ट्रैक इलेक्ट्रिक ट्रेन के दौड़ने के लिए पूरी तरह से फिट है। उम्मीद है कि अगले माह यानी अप्रैल से इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन फर्राटा भरने लगेगी। सीआरएस के दौरान डिप्टी मृत्युजंय मिश्रा, डीडीआई डीएस यादव, सेक्शन इंजीनियर एसके सिंह मौजूद रहे।
बोर्ड को सौंपेंगे रिपोर्ट, रेलवे करेगा तय
रेलवे के जानकारों की माने तो सीआरएस के बाद पूरी रिपोर्ट बनाकर चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी इसे रेलवे बोर्ड को सौंपेंगे, जिसमें वह बताएंगे कि इस रूट पर कितनी स्पीड में ट्रेन दौड़ाई जा सकती है। इसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन इस रूट पर कब से दौड़ेगी, ये आखिरी फैसला रेलवे बोर्ड ही तय करे तारीख मुकर्रर करेगा।
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लखनऊ से सीतापुर और सीतापुर से लखीमपुर तक विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद सीआरएस भी हो चुका है। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने की हरी झंडी मिल चुकी है। इस सबके बीच बालामऊ से सीतापुर रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए विद्युतीकरण का काम पिछले साल से शुरू हुआ था। रेलवे विद्युतीकरण (आरई) के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर (सीपीडी) सुधांशू कुमार के नेतृत्व में टीबीआईए की संस्था इनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बालामऊ से सीतापुर के बीच करीब 62 किमी में विद्युतीकरण का काम कर रही थी। इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए कई महीनों से किया जा रहा कार्य पूरा हो चुका था।
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इसके बाद 15 मार्च को सीआरएस की तारीख तय हुई। तय तारीख पर सोमवार को स्पेशल ट्रेन से चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी सैलेश कुमार पाठक दिल्ली से बालामऊ पहुंचे। बालामऊ से सीतापुर शाम साढ़े तीन बजे सिटी स्टेशन पहुंचे। इसके बाद जंक्शन भी गए। बालामऊ-सीतापुर रूट पर करीब 100 किमी की रफ्तार इलेक्ट्रिक लोको को दौड़ाकर ट्रॉयल किया, जो पूरी तरह से सफल रहा। जंक्शन से चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी सिटी स्टेशन से होते हुए शाम साढ़े पांच बजे बालामऊ की ओर स्पेशल ट्रेन से रवाना हो गए। इस बीच उन्होंने रास्ते में नैमिषारण्य स्टेशन, गोमती ब्रिज समेत कई स्टेशनों पर रुककर कराए गए विद्युतीकरण के कार्यों को बारीकी से देखा।
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उसका जायजा लिया। टीबीआईए के असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर मुक्तेश्वर मल्ल ने बताया कि सीआरएस पूरी तरह से सफल रहा है। चीफ कमिश्ननर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने इलेक्ट्रिक लोको को दौड़ाकर ट्रॉयल लिया। कहीं कोई दिक्क्त नहीं आई है। उन्होंने सीआरएस के ट्रॉयल को सफल करार देते हुए इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए हरी झंडी दी है। असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर मुक्तेश्वर मल्ल ने बताया कि ट्रैक इलेक्ट्रिक ट्रेन के दौड़ने के लिए पूरी तरह से फिट है। उम्मीद है कि अगले माह यानी अप्रैल से इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन फर्राटा भरने लगेगी। सीआरएस के दौरान डिप्टी मृत्युजंय मिश्रा, डीडीआई डीएस यादव, सेक्शन इंजीनियर एसके सिंह मौजूद रहे।
बोर्ड को सौंपेंगे रिपोर्ट, रेलवे करेगा तय
रेलवे के जानकारों की माने तो सीआरएस के बाद पूरी रिपोर्ट बनाकर चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी इसे रेलवे बोर्ड को सौंपेंगे, जिसमें वह बताएंगे कि इस रूट पर कितनी स्पीड में ट्रेन दौड़ाई जा सकती है। इसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन इस रूट पर कब से दौड़ेगी, ये आखिरी फैसला रेलवे बोर्ड ही तय करे तारीख मुकर्रर करेगा।