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मां के दर्शन को मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

Tue, 12 Oct 2021 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:45 PM IST
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Devotees gathered in the temples to see the mother
सीतापुर में आंख अस्पताल परिसर में श्री श्री सार्वजनीन दुर्गोत्सवो में माता का पूजन करती महिलाए। - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप को कालरात्रि कहते हैं। मंगलवार को इस स्वरूप की भक्तों ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। घरों में स्थापित कलश पूजन करके मन्नतें मांगी। पूरे दिन भक्त मां की आराधना में लीन रहे। इस दौरान घरों से लेकर मंदिरों में दुर्गा पाठ की धूम रही। मंदिरों में शाम को मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े।
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मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में भयानक है लेकिन ये सदैव शुभ फल देने वाली मानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सप्तम दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र में स्थित रहता है। उसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों के द्वार खुलने लगते हैं। इस चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णत: मां कालरात्रि के स्वरूप में अव्यवस्थित रहता है।
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मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश और ग्रह बाधाओं को दूर करने वाली हैं। इससे साधक भयमुक्त हो जाता है। इस स्वरूप की भक्तों ने घर व देवी मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की। परिवार के साथ माता दुर्गा की आरती उतारी। सुबह से लेकर देर शाम तक देवी मंदिरों में काफी भीड़ मौजूद रही। शहर के आलम नगर का दुर्गा मंदिर, आंख अस्पताल रोड का संतोषी माता मंदिर, डालडा मिल स्थित माता काली मंदिर व नैमिषारण्य के मां ललिता देवी मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर अनुष्ठान पूरा किया।
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श्रद्धालुओं ने भंडारे का छका प्रसाद
सीतापुर। शहर के आंख अस्पताल परिसर में आयोजित श्री श्री सर्वजनिन दुर्गोत्सव में महासप्तमी पूजा पुरोहित पियूषकांत बनर्जी ने विधि विधान से संपन्न कराई। श्रद्धालु महिलाओं ने केले के पौधे को स्थापित कर वस्त्र पहनाया। दोपहर को सभी श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। पूजा कमेटी की ओर से मंदिर व पंडालों के प्रवेश द्वार पर ही सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई।

श्रद्धालु मास्क पहनकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर मंदिर व पंडालों में प्रवेश किया। सायंकाल में ढाक की ध्वनि पर आरती की गई। मां को हलवा, नारियल व विभिन्न प्रकार के लड्डुओं से भोग लगाया गया। इस दौरान एनएन चटर्जी, रंजीत दास, संजीव दास, एसके दत्ता, बी सी मजुमदार, पंकज मुखर्जी, पीके राय व वंदना राय आदि उपस्थित रहे।
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