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नागपंचमी पर महादेव के मंदिरों में उमड़े भक्त
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सीतापुर। नागपंचमी का त्योहार शुक्रवार को पूरे जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने मंदिरों में भगवान भोले शंकर का दूध से अभिषेक किया। इसके बाद नाग देवता को दूध चढ़ाकर उनका भी आशीर्वाद लिया। शाम को गुड़िया पूजन कर घरों में लजीज व्यंजन बनाकर परिवार के साथ मिलकर लोगों ने खुशी मनाई।
सावन के महीने में पड़ने वाला पर्व नागपंचमी बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन का महीना भगवान भोले शंकर व माता पार्वती को अत्यंत ही प्रिय है। इसके साथ ही सर्प महादेव के गले की शोभा भी है। यह देवों के देव महादेव को बहुत प्रिय है। नागपंचमी पर शिवजी के साथ सांपों को भी पूजा जाता है।
मान्यता है कि जो भी व्यक्ति नागपंचमी के दिन सांपों की पूजा करता है, उसकी कुंडली में अगर कालसर्प या पितृदोष है तो वह खत्म हो जाता है। इसे लेकर शुक्रवार को पूरे जिले में श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के मंदिरों में पूजा-अर्चना की। दूध से भोले शंकर का अभिषेक कर आशीर्वाद मांगा। साथ ही इस दिन घरों में लजीज व्यंजन बनाए गए।
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वहीं शाम के समय गुड़िया पूजन कार्यक्रम हुआ। महमूदाबाद संवाद के अनुुसार पूरे हर्षोल्लास के साथ नागपंचमी मनाई गई। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों पर भक्तों ने दूध से महादेव का अभिषेक कर भोग लगाया। लोगों ने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए।
घरों की दीवारों पर नाग व सर्पों की आकृतियां बनाकर विधिविधान से पूजन किया। महमूदाबाद-बिसवां मार्ग पर स्थित श्री हनुमान मंदिर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंबरीश गुप्ता ने कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जिसमें महमूदाबाद व बड्डपुर की टीमों ने हिस्सा लिया। विजेता टीम को अम्बरीश गुप्ता ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उधर, मछरेहटा में नागपंचमी के अवसर पर गुड़िया झुलाओ कार्यक्रम का आयोजन बरचंदपुर गांव में हुआ। मंच संचालन ड्रीम क्रिएशन के सचिव पुनीत ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुनीता चौधरी व मछरेहटा थाने से सुरेंद्र सिंह व माधुरी रहे। एसआई सुरेंद्र ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाएं। कार्यक्रम का सामपन गुड़ियों को झुलाने के साथ हुआ।
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सावन के महीने में पड़ने वाला पर्व नागपंचमी बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन का महीना भगवान भोले शंकर व माता पार्वती को अत्यंत ही प्रिय है। इसके साथ ही सर्प महादेव के गले की शोभा भी है। यह देवों के देव महादेव को बहुत प्रिय है। नागपंचमी पर शिवजी के साथ सांपों को भी पूजा जाता है।
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मान्यता है कि जो भी व्यक्ति नागपंचमी के दिन सांपों की पूजा करता है, उसकी कुंडली में अगर कालसर्प या पितृदोष है तो वह खत्म हो जाता है। इसे लेकर शुक्रवार को पूरे जिले में श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर के मंदिरों में पूजा-अर्चना की। दूध से भोले शंकर का अभिषेक कर आशीर्वाद मांगा। साथ ही इस दिन घरों में लजीज व्यंजन बनाए गए।
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वहीं शाम के समय गुड़िया पूजन कार्यक्रम हुआ। महमूदाबाद संवाद के अनुुसार पूरे हर्षोल्लास के साथ नागपंचमी मनाई गई। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों पर भक्तों ने दूध से महादेव का अभिषेक कर भोग लगाया। लोगों ने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए।
घरों की दीवारों पर नाग व सर्पों की आकृतियां बनाकर विधिविधान से पूजन किया। महमूदाबाद-बिसवां मार्ग पर स्थित श्री हनुमान मंदिर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंबरीश गुप्ता ने कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जिसमें महमूदाबाद व बड्डपुर की टीमों ने हिस्सा लिया। विजेता टीम को अम्बरीश गुप्ता ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उधर, मछरेहटा में नागपंचमी के अवसर पर गुड़िया झुलाओ कार्यक्रम का आयोजन बरचंदपुर गांव में हुआ। मंच संचालन ड्रीम क्रिएशन के सचिव पुनीत ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुनीता चौधरी व मछरेहटा थाने से सुरेंद्र सिंह व माधुरी रहे। एसआई सुरेंद्र ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाएं। कार्यक्रम का सामपन गुड़ियों को झुलाने के साथ हुआ।