{"_id":"6986320f09a63fb6ba073359","slug":"dead-body-of-teacher-found-lying-in-school-sitapur-news-c-102-1-slko1055-149725-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: विद्यालय में पड़ा मिला शिक्षक का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: विद्यालय में पड़ा मिला शिक्षक का शव
Fri, 06 Feb 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 06 Feb 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
मृतक शिक्षक का फाइल फोटो।
सीतापुर। बिसवां के कंपोजिट विद्यालय, भागीपुर में तैनात सहायक अध्यापक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार को उनका शव विद्यालय के अंदर पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को उन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस विभाग की ओर से जारी किया था। इसके बाद से वह परेशान थे। शव पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि आगरा जिले के खेरागढ़ निवासी दारा सिंह (35) जुलाई 2024 से कंपोजिट विद्यालय, भागीपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। वह विद्यालय परिसर में ही रहते थे। इस बीच उनके दस्तावेज सत्यापित नहीं हो पाए थे। इसी कारण उन्हें अभी तक वेतन भी नहीं मिला था। बृहस्पतिवार को उन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया था। रात में वह विद्यालय में ही लेटे थे। सुबह एक शिक्षक ने उनके कमरे में देखा तो वह अचेत अवस्था में पड़े थे। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि मौके पर जाकर जांच की गई थी। शव पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। परिजनों को मामले की जानकारी दी गई है। मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगा।
टीईटी दस्तावेजों का नहीं हो सका था सत्यापन
दारा सिंह को जुलाई 2024 में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति मिली थी। उनके टीईटी प्रमाणपत्र का सत्यापन नहीं हो सका था। विभागीय जांच में उनका प्रमाणपत्र फर्जी मिला था। उन्हें दो साल से वेतन नहीं मिल रहा था। वेतन न मिलने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इसलिए विद्यालय परिसर में ही रुकते थे। वह भोजन में स्कूल में बनने वाले मिड-डे मील ही खाते थे।
विज्ञापन
अब तक बर्खास्त किए जा चुके हैं 25 शिक्षक
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में लगातार शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। जितनी नई नियुक्तियां हुई हैं, सबके दस्तावेजों की जांच चल रही है। फर्जी दस्तावेजों की जांच के आधार पर अब तक 25 फर्जी शिक्षकों को चिह्नित कर बर्खास्त किया जा चुका है।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि आगरा जिले के खेरागढ़ निवासी दारा सिंह (35) जुलाई 2024 से कंपोजिट विद्यालय, भागीपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। वह विद्यालय परिसर में ही रहते थे। इस बीच उनके दस्तावेज सत्यापित नहीं हो पाए थे। इसी कारण उन्हें अभी तक वेतन भी नहीं मिला था। बृहस्पतिवार को उन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया था। रात में वह विद्यालय में ही लेटे थे। सुबह एक शिक्षक ने उनके कमरे में देखा तो वह अचेत अवस्था में पड़े थे। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि मौके पर जाकर जांच की गई थी। शव पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। परिजनों को मामले की जानकारी दी गई है। मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगा।
विज्ञापन
टीईटी दस्तावेजों का नहीं हो सका था सत्यापन
दारा सिंह को जुलाई 2024 में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति मिली थी। उनके टीईटी प्रमाणपत्र का सत्यापन नहीं हो सका था। विभागीय जांच में उनका प्रमाणपत्र फर्जी मिला था। उन्हें दो साल से वेतन नहीं मिल रहा था। वेतन न मिलने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इसलिए विद्यालय परिसर में ही रुकते थे। वह भोजन में स्कूल में बनने वाले मिड-डे मील ही खाते थे।
विज्ञापन
अब तक बर्खास्त किए जा चुके हैं 25 शिक्षक
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में लगातार शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। जितनी नई नियुक्तियां हुई हैं, सबके दस्तावेजों की जांच चल रही है। फर्जी दस्तावेजों की जांच के आधार पर अब तक 25 फर्जी शिक्षकों को चिह्नित कर बर्खास्त किया जा चुका है।