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अचार में मिला था खतरनाक रंग
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हाइवे पर खैराबाद के निकट आचार के बोरों को सीज करती एफएसडीए की टीम। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिले में मिलावटखोर काफी सक्रिय हैं। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में वह खाद्य पदार्थों में खतरनाक मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अचार में स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक सिथेटिंक कलर मिला रहे हैं। इसकी पुष्टि राजकीय प्रयोगशाला की जांच में हुई है। यह अचार दिल्ली का बना हुआ था।
बदायूं व शाहजहांपुर जनपद के व्यापारी इसकी बिक्री के लिए सीतापुर लाए थे, लेकिन एफएसडीए टीम ने यह बड़ी खेप जिले में सप्लाई होने से पहले ही खैराबाद इलाके में पकड़ ली थी। अब रिपोर्ट आने के बाद विभाग कारोबारी व निर्माता कंपनी के खिलाफ वाद दायर करेगी। जिले में मिलावटखोर कई बार मिलावट करते हुए पकड़े जा चुके है। फिर भी वह मौका पाते ही मिलावट करने से बाज नहीं आते है।
20 फरवरी 2021 में एफएसडीए विभाग को जानकारी मिली थी कि जिले में गैर जनपद का निर्मित मिलावटी अचार बिकने के लिए आ रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने खैराबाद रेलवे स्टेशन के निकट मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में छापा मारा था। जहां पर जनपद बदायूं के ग्राम चिरानी निवासी शाकिर, मंगल, अचनेश व शाहजहांपुर जनपद के ग्राम जशनपुर निवासी उमेश को अचार के साथ पकड़ा था।
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इन लोगों के पास से पचरंगा ब्रांड का अचार बरामद हुआ था। जिस पर निर्माता फर्म शाहू अचार फैक्टरी ए-632 हरी इनक्लेव, सुल्तानपुरी दिल्ली अंकित था। इन लोगों ने पूछताछ में बताया था कि वे दिल्ली से अचार लेकर सीतापुर आए थे। इनके पास से 125 बोरे बरामद हुए थे। जिसमें लाखों रुपये का अचार भरा हुआ था।
इस पर टीम ने संदेह के आधार पर अचार के बोरे सीज कर दिए थे। इसका एक नमूना एफएसओ रविंद्र नाथ वर्मा ने भरा था। इसको जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला मेरठ भेजा था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में यह अनसेफ घोषित हुआ है। अचार में सिथेटिक कलर की मिलावट हुई है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस पर टीम ने कारोबारी व निर्माता कंपनी को नोटिस दिया है। यह लोग 15 दिन के अंदर सेंट्रल लैब से जांच करा सकते हैं। उसके बाद इनके खिलाफ वाद दायर कराया जाएगा।
खप नहीं पाया था अचार
मार्च माह में होली आने वाली थी। इसका फायदा उठाकर यह लोग सीतापुर में अचार बेचने आए थे। इन लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि यह लोग मछरेहटा, खैराबाद, सीतापुर, मिश्रिख, बिसवां, महमूदाबाद, सिधौली आदि इलाकों में अचार बेचने का प्लान बनाया था। इस वजह से यह चार लोग सीतापुर आए थे। लेकिन इनके मंसूबे बेचने से पहले ही धराशाई हो गए थे।
लीवर व किडनी हो सकती डैमेज
खाद्य पदार्थों में सिथेंटिक कलर की मिलावट खतरनाक है। इसका सेवन करने से शुरुआत में पेट में दर्द होने लगता है। मल में खून आने की भी शिकायत हो सकती है। अगर लंबे समय तक इस मिलावटी अचार का प्रयोग करते है तो लीवर व किडनी डैमेज हो सकती है। मस्तिष्क पर असर पड़ता है। याददाश्त भी जा सकती है। कैंसर होने की आशंका रहती है। इसलिए इस तरह के बाजार में बिक रहे अचारों के सेवन से परहेज करने की जरूरत है।
- डॉ. जेएन सिंह, फिजीशियन, जिला अस्पताल
अचार का नमूना राजकीय प्रयोगशाला ने अनसेफ घोषित किया है। कारोबारी व निर्माता कंपनी को नोटिस भेजा जाएगा।
- अरविंद कुमार यादव, अभिहित अधिकारी
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बदायूं व शाहजहांपुर जनपद के व्यापारी इसकी बिक्री के लिए सीतापुर लाए थे, लेकिन एफएसडीए टीम ने यह बड़ी खेप जिले में सप्लाई होने से पहले ही खैराबाद इलाके में पकड़ ली थी। अब रिपोर्ट आने के बाद विभाग कारोबारी व निर्माता कंपनी के खिलाफ वाद दायर करेगी। जिले में मिलावटखोर कई बार मिलावट करते हुए पकड़े जा चुके है। फिर भी वह मौका पाते ही मिलावट करने से बाज नहीं आते है।
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20 फरवरी 2021 में एफएसडीए विभाग को जानकारी मिली थी कि जिले में गैर जनपद का निर्मित मिलावटी अचार बिकने के लिए आ रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने खैराबाद रेलवे स्टेशन के निकट मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में छापा मारा था। जहां पर जनपद बदायूं के ग्राम चिरानी निवासी शाकिर, मंगल, अचनेश व शाहजहांपुर जनपद के ग्राम जशनपुर निवासी उमेश को अचार के साथ पकड़ा था।
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इन लोगों के पास से पचरंगा ब्रांड का अचार बरामद हुआ था। जिस पर निर्माता फर्म शाहू अचार फैक्टरी ए-632 हरी इनक्लेव, सुल्तानपुरी दिल्ली अंकित था। इन लोगों ने पूछताछ में बताया था कि वे दिल्ली से अचार लेकर सीतापुर आए थे। इनके पास से 125 बोरे बरामद हुए थे। जिसमें लाखों रुपये का अचार भरा हुआ था।
इस पर टीम ने संदेह के आधार पर अचार के बोरे सीज कर दिए थे। इसका एक नमूना एफएसओ रविंद्र नाथ वर्मा ने भरा था। इसको जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला मेरठ भेजा था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में यह अनसेफ घोषित हुआ है। अचार में सिथेटिक कलर की मिलावट हुई है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस पर टीम ने कारोबारी व निर्माता कंपनी को नोटिस दिया है। यह लोग 15 दिन के अंदर सेंट्रल लैब से जांच करा सकते हैं। उसके बाद इनके खिलाफ वाद दायर कराया जाएगा।
खप नहीं पाया था अचार
मार्च माह में होली आने वाली थी। इसका फायदा उठाकर यह लोग सीतापुर में अचार बेचने आए थे। इन लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि यह लोग मछरेहटा, खैराबाद, सीतापुर, मिश्रिख, बिसवां, महमूदाबाद, सिधौली आदि इलाकों में अचार बेचने का प्लान बनाया था। इस वजह से यह चार लोग सीतापुर आए थे। लेकिन इनके मंसूबे बेचने से पहले ही धराशाई हो गए थे।
लीवर व किडनी हो सकती डैमेज
खाद्य पदार्थों में सिथेंटिक कलर की मिलावट खतरनाक है। इसका सेवन करने से शुरुआत में पेट में दर्द होने लगता है। मल में खून आने की भी शिकायत हो सकती है। अगर लंबे समय तक इस मिलावटी अचार का प्रयोग करते है तो लीवर व किडनी डैमेज हो सकती है। मस्तिष्क पर असर पड़ता है। याददाश्त भी जा सकती है। कैंसर होने की आशंका रहती है। इसलिए इस तरह के बाजार में बिक रहे अचारों के सेवन से परहेज करने की जरूरत है।
- डॉ. जेएन सिंह, फिजीशियन, जिला अस्पताल
अचार का नमूना राजकीय प्रयोगशाला ने अनसेफ घोषित किया है। कारोबारी व निर्माता कंपनी को नोटिस भेजा जाएगा।
- अरविंद कुमार यादव, अभिहित अधिकारी