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एसओ हटे, दो दरोगा लाइन हाजिर
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:26 PM IST
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जबकि दोनों दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच सीओ सिधौली अजीत कुमार रजक को सौंपी गई है। उन्हें दो दिन में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सीओ की जांच में प्रथम दृष्टया तीनों दोषी पाए गए हैं। थाने में अमर्यादित भाषा व पब्लिक के सामने आपस में हुए विवाद को लेकर एसपी काफी सख्त दिखे।
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कमलापुर एसओ रामऔतार यादव और दरोगा त्रिवेणी यादव व मुकुट यादव के बीच वसूली के बंटवारे को लेकर शुक्रवार दोपहर थाने में जमकर बवाल हुआ था। पब्लिक के बीच एसओ व दोनों दरोगा ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। दरोगा ने एसओ व अवैध वसूली करने के साथ कई गंभीर आरोप मढ़े।
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थाने में ही तीनों पुलिस अधिकारियों के बीच अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कमलापुर थाने में मौजूद एक जागरूक नागरिक पूरे मामले को मोबाइल में कैद कर लिया। कुछ देर बाद ही यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। ‘अमर उजाला’ ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया।
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उधर, मामला सुर्खियां बना तो पुलिस अफसर भी सकते में आ गए और आननफानन में जांच शुरू कराई। एसपी ने सख्ती दिखाते हुए पूरे मामले की जांच सिधौली सीओ अजीत कुमार रजक को सौंपी है। इधर, डीएम के निर्देश के बाद भी बिसवां विधायक रामपाल यादव की गाड़ी सीज करने के बजाय महज चालान कर छोड़ देने के चलते एसओ कमलापुर पहले से ही अफसरों के निशाने पर थे।
एसओ के खिलाफ डीएम ने चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा था। शुक्रवार को फिर नए विवाद में फंसे एसओ रामऔतार यादव का उन्नाव स्थानांतरण हो गया। जिसके कारण एसपी ने एसओ रामऔतार को तत्काल थाने से हटाकर उन्नाव के लिए रिलीव कर दिया। साथ ही दरोगा त्रिवेणी यादव व मुकुट यादव को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मामले की जांच कर रहे सीओ सिधौली का कहना है कि मामले में थाने में कई पुलिस कर्मियों से बयान लिए गए हैं। वायरल हुए वीडियो को भी देखा गया है। प्रथम दृष्टया एसओ व दरोगा दोषी पाए जा रहे हैं, लेकिन जांच प्रक्रिया दो दिन बाद पूरी होगी। जिसके बाद जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।