{"_id":"f5d9045aac4dbfa46ae35f5d08a438fb","slug":"negligence-found-another-woman-who-born-a-child-in-toilet-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिली लापरवाही, एक और महिला ने शौचालय में जना बच्चा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मिली लापरवाही, एक और महिला ने शौचालय में जना बच्चा
सीतापुर/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2015 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार को रेउसा क्षेत्र के ग्राम हरिहरपुर निवासी आशा बहू अनीता गौतम ने रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स की अमानवीय कार्यशैली के चलते शौचालय में बच्ची को जन्म दिया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। शुक्रवार को डीएम डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी रेउसा को जांच के आदेश दिए।
डीएम के आदेश के बाद खंड विकास अधिकारी रेउसा अजय प्रताप सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर खंड विकास अधिकारी जांच कर ही रहे थे कि इसी बीच अस्पताल में भर्ती प्रसव पीड़िता ग्राम कोलिया छड़िया निवासी शांती देवी ने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया।
वह शौचालय में बेहाल पड़ी थी, तत्काल आशा बहुओं ने वहां पर पहुंचकर प्रसव पीड़िता को संभाला और बेड तक पहुंचाया। घटना के बाद चिकित्साधीक्षक डॉक्टर कमलेश चंद्रा ने बताया कि यहां पर तैनात स्टाप नर्स हद दर्जे की लापरवाही बरत रही हैं। अगर सुविधा शुल्क मिलता है, तब ही वे प्रसव पीड़िता को हाथ लगाती हैं, वर्ना दर्द से कराहती महिलाओं को उनके हाल पर छोड़ देती हैं।
विज्ञापन
डॉक्टर ने बताया कि गुरुवार की घटना में अंजना मिश्रा, भाग्यश्री व अनीता देवी की तैनाती थी। वे तीनों अपने कमरों में आराम कर रही थीं। जिसके कारण प्रसव पीड़िता ने शौचालय में बच्ची को जन्म दिया। आज स्टाफ नर्स नेहा भारती ड्यूटी पर थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। नतीजा दर्द से कराह रही शांती देवी ने भी शौचालय में बच्चे को जन्म दिया।
वहां मौजूद मरीजों ने बताया कि जिन स्टाफ नर्सों पर आरोप लग रहे हैं वे लंबे समय से यहां पर तैनात हैं। बगैर रुपये लिए वे किसी मरीज को एक इंजेक्शन भी नहीं लगाती है। बताया जा रहा है कि बीडीओ द्वारा जांच में स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट बहुत जल्द ही जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी।
विज्ञापन
डीएम के आदेश के बाद खंड विकास अधिकारी रेउसा अजय प्रताप सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर खंड विकास अधिकारी जांच कर ही रहे थे कि इसी बीच अस्पताल में भर्ती प्रसव पीड़िता ग्राम कोलिया छड़िया निवासी शांती देवी ने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया।
विज्ञापन
वह शौचालय में बेहाल पड़ी थी, तत्काल आशा बहुओं ने वहां पर पहुंचकर प्रसव पीड़िता को संभाला और बेड तक पहुंचाया। घटना के बाद चिकित्साधीक्षक डॉक्टर कमलेश चंद्रा ने बताया कि यहां पर तैनात स्टाप नर्स हद दर्जे की लापरवाही बरत रही हैं। अगर सुविधा शुल्क मिलता है, तब ही वे प्रसव पीड़िता को हाथ लगाती हैं, वर्ना दर्द से कराहती महिलाओं को उनके हाल पर छोड़ देती हैं।
विज्ञापन
डॉक्टर ने बताया कि गुरुवार की घटना में अंजना मिश्रा, भाग्यश्री व अनीता देवी की तैनाती थी। वे तीनों अपने कमरों में आराम कर रही थीं। जिसके कारण प्रसव पीड़िता ने शौचालय में बच्ची को जन्म दिया। आज स्टाफ नर्स नेहा भारती ड्यूटी पर थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। नतीजा दर्द से कराह रही शांती देवी ने भी शौचालय में बच्चे को जन्म दिया।
वहां मौजूद मरीजों ने बताया कि जिन स्टाफ नर्सों पर आरोप लग रहे हैं वे लंबे समय से यहां पर तैनात हैं। बगैर रुपये लिए वे किसी मरीज को एक इंजेक्शन भी नहीं लगाती है। बताया जा रहा है कि बीडीओ द्वारा जांच में स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट बहुत जल्द ही जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी।