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सहकारी चीनी मिल प्रबंधक सहित सात पर केस

Mon, 27 Jun 2016 11:44 PM IST
Amar ujala Bureau
Amar ujala Bureau Updated Mon, 27 Jun 2016 11:44 PM IST
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Case filled against  MD of cooperative sugar mill and seven other
चीनी ‌‌‌मिल - फोटो : अमर उजाला
कोतवाली पुलिस ने किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन पर कर्मचारी मजदूरोें के भविष्य निधि का लगभग आठ करोड़ रुपये गबन का आरोप है। यह केस सीजेएम के निर्देश पर दर्ज किया गया है। चीनी मिल के मजदूर सभा के महामंत्री रामसिंह ने बीते 10 नवंबर को सीजेएम न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया था।
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इसमें मिल के प्रधान प्रबंधक दानवीर सिंह, लेखाकार अनूप श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष हसन आगा, सहायक लेखाकार रामबाबू गुप्ता, भविष्य निधि लिपिक जयकृष्ण शर्मा, ब्वायलर फिटर जाकिर मेंहदी व रामेश्वर कुशवाहा के खिलाफ घपला करने का आरोप लगाया था।
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उनका कहना था कि सभी ने मिलकर कर्मचारियों के तीन करोड़ 74 लाख रुपये भविष्य निधि का गबन किया है। इस पर न्यायालय ने बीते सात जनवरी को मामले की विवेचना किए जाने के आदेश पुलिस को दिए गए थे।
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लेकिन आदेश के विरुद्ध जिला अधिकारी के यहां प्रस्तुत निगरानी पर लगी रोक के बाद वादी ने उच्च न्यायालय में प्रतिवेदन किया, जहां जिला जज की ओर से लगी रोक स्थगित किए जाने के बाद यह मामला फिर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपाली सक्सेना के न्यायालय में पेश हुआ।

न्यायालय ने भविष्य निधि के रूप में रुपये के गबन के अलावा कर्मचारियों के शेयर व बॉड में जमा रुपयों के ब्याज को मिलाकर 8.5 करोड़ रुपये के भुगतान में हीलाहवाली पाई। इस पर प्रथम दृष्टया आरोपियों को दोषी पाते हुए उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।

आदेश के बाद महमूदाबाद पुलिस ने सभी सातों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मजदूर सभा के महामंत्री रामसिंह का कहना है कि मिल के अधिकारी लगातार कर्मचारियों का शोषण करते आ रहे हैं। भविष्य निधि की रकम का अधिकारियों ने दुरुपयोग किया।


लगभग आठ करोड़ रुपये की रकम कर्मचारी मजदूरों के खाते में जमा ही नहीं की गई। इसको लेकर प्रधान प्रबंधक चीनी मिल के साथ जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को प्रार्थना पत्र भेजा गया। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
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