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फर्जी क्लीनिक का भंडाफोड़, सील
अमर उजाला सीतापुर
Updated Wed, 22 Jul 2015 11:32 PM IST
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शहर में चल रहे एक फर्जी क्लीनिक का स्वास्थ्य विभाग ने भंडाफोड़ किया है। क्लीनिक पर मनचाही संतान पैदा कराने का दावा किया जा रहा था। क्लीनिक चलाने वाले के पास स्वास्थ्य संबंधी कोई डिग्री नहीं है। इसके अलावा आयुर्वेद पद्धति से इलाज करने की बात कही जा रही थी।
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जबकि क्लीनिक पर एलोपैथ की दवाओं के साथ एक्सपायरी दवाएं भी मिली। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील कर दिया है। झोलाछाप के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। शहर के घूरामऊ बंगला में मां भाव्या महिला आयुर्वेद चिकित्सालय चल रहा था। इसका संचालन झोलाछाप महिला पी. देवी द्वारा किया जा रहा था। फर्जी क्लीनिक की ओर से पर्चे छपवाकर शहर में बांटे जा रहे थे।
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जिस पर मनचाही संतान पैदा कराने का दावा किया जा रहा था। इसका इलाज आयुर्वेद पद्धति से करने की बात कही जा रही थी। जबकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मनचाही संतान पैदा कराने का दावा करना अपराध है। इसकी शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के निर्देश दिए।
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बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट महेश चंद्र शर्मा, सदर उप जिलाधिकारी बीएन यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी वीके वर्मा आदि ने क्लीनिक पर छापा मारा। इस दौरान झोलाछाप मौजूद मिली। इसके अलावा दो मरीज भी मिले। क्लीनिक पर आयुर्वेद के अलावा एलोपैथ की भी दवाएं मिली। कुछ दवाएं एक्सपायरी थी। जिस पर टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया है।
महीने में तीन दिन बैठती थी झोलाछाप
आस पड़ोस के लोगों के मुताबिक चार महीने से घूरामऊ बंगला में क्लीनिक चल रहा था। झोलाछाप हर माह की 20, 21 व 22 तारीक को बैठती थी। इस दौरान काफी मरीज आते थे। कुछ मरीजों को लिंग परीक्षण के लिए शहर के एक निजी क्लीनिक पर भेजा जाता था। कुछ को लखीमपुर जिले में भेजा जाता था।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.बीके वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर क्लीनिक पर छापा मारा गया था। जांच में डॉक्टर के पास स्वास्थ्य संबंधी कोई डिग्री नहीं मिली। क्लीनिक पर एलोपैथ व एक्सपायरी दवाएं मिली है। क्लीनिक को सील कर दिया गया है। लिंग परीक्षण किस क्लीनिक पर कराया जाता था, इसका अभी पता नहीं चल सका है।