{"_id":"5c3a2f85bdec22736060330e","slug":"51547317125-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपात्रों का आवास देने पर दो पंचायत सचिव दोषी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपात्रों का आवास देने पर दो पंचायत सचिव दोषी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीणों की शिकायत पर परियोजना निदेशक ने की जांच
सीतापुर। शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों व कार्रवाई के बाद भी जिम्मेदार द्वारा अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लग पा रही है। एक मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर पीडी डीआरडीए ने जांच की। इसमें चार अपात्रों को आवास देने पर दो पंचायत सचिवों को दोषी पाया गया है। इसकी रिपोर्ट सीडीओ को दी गई है।
प्रकरण विकासखंड सिधौली के ग्राम जजौर का है। यहां के निवासियों क्रमश: कुलदीप, गीता शुक्ला, विपिन, दीपू, गिरीश, राजकुमार आदि ने शिकायत की कि 15 अपात्रों को पीएम आवास दिए गए हैं। साथ ही ग्राम समाज की भूमि पर तमाम लोगों के अवैधानिक ढंग से आवास बनवाए गए हैं।
इसकी जांच परियोजना निदेशक अरुण कुमार सिंह ने करने के बाद सीडीओ को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें पाया गया कि सुनील कुमार, कैलाश, संकटा प्रसाद, शीतला प्रसाद आवास के लिए अपात्र हैं। इनके चयन के लिए जिम्मेदार पंचायत सचिव भूपेंद्र कुमार रस्तोगी ग्राम विकास अधिकारी और विवेक अवस्थी ग्राम पंचायत अधिकारी दोषी हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान व लेखपाल भी दोषी
जजौर में पीएम आवास देने में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। दस ऐसे लाभार्थी हैं, जिनके आवास अवैधानिक ढंग से ग्राम समाज की भूमि पर बनाए गए हैं।
पीडी की रिपोर्ट के मुताबिक शरीफ, जाहिद, रामपती, विमला, सजमा, जलीफा, मोमिना, सरीफन, रमाकांत, मुस्तकीम के आवास ग्राम समाज की भूमि पर अनाधिकृत तरीके से बनाए गए हैं। इसके लिए ग्राम प्रधान आनंद कुमार और लेखपाल सच्चिदानंद दुबे की मिलीभगत है। इसके लिए यह दोनों दोषी हैं।
विज्ञापन
सीतापुर। शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों व कार्रवाई के बाद भी जिम्मेदार द्वारा अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लग पा रही है। एक मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर पीडी डीआरडीए ने जांच की। इसमें चार अपात्रों को आवास देने पर दो पंचायत सचिवों को दोषी पाया गया है। इसकी रिपोर्ट सीडीओ को दी गई है।
प्रकरण विकासखंड सिधौली के ग्राम जजौर का है। यहां के निवासियों क्रमश: कुलदीप, गीता शुक्ला, विपिन, दीपू, गिरीश, राजकुमार आदि ने शिकायत की कि 15 अपात्रों को पीएम आवास दिए गए हैं। साथ ही ग्राम समाज की भूमि पर तमाम लोगों के अवैधानिक ढंग से आवास बनवाए गए हैं।
विज्ञापन
इसकी जांच परियोजना निदेशक अरुण कुमार सिंह ने करने के बाद सीडीओ को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें पाया गया कि सुनील कुमार, कैलाश, संकटा प्रसाद, शीतला प्रसाद आवास के लिए अपात्र हैं। इनके चयन के लिए जिम्मेदार पंचायत सचिव भूपेंद्र कुमार रस्तोगी ग्राम विकास अधिकारी और विवेक अवस्थी ग्राम पंचायत अधिकारी दोषी हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान व लेखपाल भी दोषी
जजौर में पीएम आवास देने में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। दस ऐसे लाभार्थी हैं, जिनके आवास अवैधानिक ढंग से ग्राम समाज की भूमि पर बनाए गए हैं।
पीडी की रिपोर्ट के मुताबिक शरीफ, जाहिद, रामपती, विमला, सजमा, जलीफा, मोमिना, सरीफन, रमाकांत, मुस्तकीम के आवास ग्राम समाज की भूमि पर अनाधिकृत तरीके से बनाए गए हैं। इसके लिए ग्राम प्रधान आनंद कुमार और लेखपाल सच्चिदानंद दुबे की मिलीभगत है। इसके लिए यह दोनों दोषी हैं।