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बाइस वर्ष बाद आया तिहरे हत्याकांड में फैसला
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:32 AM IST
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तिहरे हत्याकांड में सभी नौ अभियुक्तों को उम्रकैद
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने करीब 22 वर्ष पूर्व रेउसा थानाक्षेत्र के ग्राम बिजेहड़ा में घटित तिहरे हत्याकांड के नौ अभियुक्तों को आजीवन कारावास सजा सुनाई। साथ ही उन पर 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी संयुक्त निदेशक अभियोजन हरिपाल सिंह द्वारा की गई। मालूम हो, 19 फरवरी 1996 की रात करीब 9 बजे गांव की पार्टीबंदी व हत्या की रंजिश के चलते तंबौर थानाक्षेत्र के भिठनाकला निवासी राजाराम, पल्टू धोबी व उमेश पासी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस घटना में राममिलन व नकछेद को चोटें भी आई थीं। घटना की रिपोर्ट अगले दिन 20 फरवरी को रेउसा थाने में दर्ज कराते हुए वादी मुकदमा चेतराम ने भिठनाकला निवासी प्यारेलाल, गनेश पासी, दिनेश, रामभजन, ब्रजकिशोर, बुद्धसागर, बलराम, गोपाल व नीरज तथा सालपुर निवासी नन्हकन्हे को इस मामले में नामजद किया था।
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वादी के मुताबिक वादी, घायल व मृतकों सहित तमाम लोग बिजेहड़ा गांव में स्थित नत्था भुर्जी के क्रेशर पर मजदूरी कर रहे थे। तभी रात साढ़े नौ बजे के करीब उक्त आरोपीगण पूर्व में हुई श्रीकांत की हत्या तथा रामलखन की आंखें फोड़े जाने की रंजिश के चलते असलहों से लैस होकर क्रेशर पर आ गए और आते ही फायरिंग शुरू कर दी।
इसमें तीन लोगों का मौके पर ही मौत हो गई व दो लोग घायल हो गए। इस घटना की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सभी दस आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। जहां दौरान विचारण रामभजन की मृत्यु होने के बाद शेष नौ आरोपियों के विरुद्ध आए साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सभी को घटना का दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने करीब 22 वर्ष पूर्व रेउसा थानाक्षेत्र के ग्राम बिजेहड़ा में घटित तिहरे हत्याकांड के नौ अभियुक्तों को आजीवन कारावास सजा सुनाई। साथ ही उन पर 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी संयुक्त निदेशक अभियोजन हरिपाल सिंह द्वारा की गई। मालूम हो, 19 फरवरी 1996 की रात करीब 9 बजे गांव की पार्टीबंदी व हत्या की रंजिश के चलते तंबौर थानाक्षेत्र के भिठनाकला निवासी राजाराम, पल्टू धोबी व उमेश पासी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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इस घटना में राममिलन व नकछेद को चोटें भी आई थीं। घटना की रिपोर्ट अगले दिन 20 फरवरी को रेउसा थाने में दर्ज कराते हुए वादी मुकदमा चेतराम ने भिठनाकला निवासी प्यारेलाल, गनेश पासी, दिनेश, रामभजन, ब्रजकिशोर, बुद्धसागर, बलराम, गोपाल व नीरज तथा सालपुर निवासी नन्हकन्हे को इस मामले में नामजद किया था।
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वादी के मुताबिक वादी, घायल व मृतकों सहित तमाम लोग बिजेहड़ा गांव में स्थित नत्था भुर्जी के क्रेशर पर मजदूरी कर रहे थे। तभी रात साढ़े नौ बजे के करीब उक्त आरोपीगण पूर्व में हुई श्रीकांत की हत्या तथा रामलखन की आंखें फोड़े जाने की रंजिश के चलते असलहों से लैस होकर क्रेशर पर आ गए और आते ही फायरिंग शुरू कर दी।
इसमें तीन लोगों का मौके पर ही मौत हो गई व दो लोग घायल हो गए। इस घटना की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सभी दस आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। जहां दौरान विचारण रामभजन की मृत्यु होने के बाद शेष नौ आरोपियों के विरुद्ध आए साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सभी को घटना का दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।