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Sitapur News: हर्बल गार्डन से पर्यावरणीय शिक्षा प्राप्त करेंगे पीएम श्री स्कूलों के बच्चे
Tue, 10 Feb 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:15 AM IST
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सीतापुर। जिले के 23 पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) विद्यालयों में हर्बल-औषधीय गार्डन बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्कूल में सुगंधित पौधों का प्रत्यक्ष अनुभव, स्कूल के कैंपस को हरा भरा बनाना व हर्बल गार्डन के माध्यम से स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पुर्नचक्रण और पर्यावरणीय शिक्षा से जोड़ना है।
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि गार्डन में मुख्य रूप से अश्वगंधा, तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, नीम, हरड़, आंवला, लेमनग्रास, पुदीना, शतावरी, सिट्रोनेला, गेंदा, हल्दी, अदरक, सहजन आदि पौधे लगाए जाएंगे। शासन की ओर से हर्बल गार्डन के निर्माण के लिए 30 हजार रुपये प्रति विद्यालय का बजट उपलब्ध कराया गया है। हर्बल गार्डन के जरिये बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को स्वस्थ जीवन की दिशा में जागरूक किया जाएगा।
200 से 300 वर्ग मीटर में बनेंगे
बीएसए ने बताया 23 पीएमश्री विद्यालयों में हर्बल-औषधीय गार्डन बनेंगे। हर्बल गार्डन के लिए स्कूल में कम से कम 200 से 300 वर्ग मीटर की जगह होना अनिवार्य है। अगर किसी विद्यालय परिसर में इतनी जगह नहीं रहती है तो इसके स्थान पर क्लस्टर पद्धति से पौधरोपण कराया जाएगा। हर्बल औषधीय गार्डन में जो भी पौधे लगाए जाएंगे उनके नाम की पट्टी लगाई जाएगी। इसके साथ ही पौधों की विशेषताएं भी लिखवाई जाएगी। जिससे कि बच्चों को औषधीय पौधों की अच्छे से जानकारी मिल सकेगी। इससे बच्चों को औषधीय और सुगंधित पौधों का प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कराया जा सकेगा।
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पौधों की होगी सुरक्षा
पौधों की सुरक्षा के लिए ग्रीन शेड का निर्माण कराया जाएगा। सिंचाई के लिए पाइप, टंकी, स्प्रिंकलर आदि की व्यवस्था की जाएगी। गार्डन की देखरेख और इसकी सुरक्षा के लिए स्कूलों में पर्यावरण क्लब और संसद क्लब बनेंगे। यहीं क्लब इस गार्डन की देखरेख व साज सजावट करेंगे। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि इस बजट से विद्यालय में एक अच्छा हर्बल एवं औषधीय उद्यान की स्थापना कराएं। साथ जो औषधीय पौधे होंगे बच्चों को इसकी जानकारी भी देंगे। इससे होने वाले फायदे भी बताएंगे।
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बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि गार्डन में मुख्य रूप से अश्वगंधा, तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, नीम, हरड़, आंवला, लेमनग्रास, पुदीना, शतावरी, सिट्रोनेला, गेंदा, हल्दी, अदरक, सहजन आदि पौधे लगाए जाएंगे। शासन की ओर से हर्बल गार्डन के निर्माण के लिए 30 हजार रुपये प्रति विद्यालय का बजट उपलब्ध कराया गया है। हर्बल गार्डन के जरिये बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को स्वस्थ जीवन की दिशा में जागरूक किया जाएगा।
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200 से 300 वर्ग मीटर में बनेंगे
बीएसए ने बताया 23 पीएमश्री विद्यालयों में हर्बल-औषधीय गार्डन बनेंगे। हर्बल गार्डन के लिए स्कूल में कम से कम 200 से 300 वर्ग मीटर की जगह होना अनिवार्य है। अगर किसी विद्यालय परिसर में इतनी जगह नहीं रहती है तो इसके स्थान पर क्लस्टर पद्धति से पौधरोपण कराया जाएगा। हर्बल औषधीय गार्डन में जो भी पौधे लगाए जाएंगे उनके नाम की पट्टी लगाई जाएगी। इसके साथ ही पौधों की विशेषताएं भी लिखवाई जाएगी। जिससे कि बच्चों को औषधीय पौधों की अच्छे से जानकारी मिल सकेगी। इससे बच्चों को औषधीय और सुगंधित पौधों का प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कराया जा सकेगा।
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पौधों की होगी सुरक्षा
पौधों की सुरक्षा के लिए ग्रीन शेड का निर्माण कराया जाएगा। सिंचाई के लिए पाइप, टंकी, स्प्रिंकलर आदि की व्यवस्था की जाएगी। गार्डन की देखरेख और इसकी सुरक्षा के लिए स्कूलों में पर्यावरण क्लब और संसद क्लब बनेंगे। यहीं क्लब इस गार्डन की देखरेख व साज सजावट करेंगे। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि इस बजट से विद्यालय में एक अच्छा हर्बल एवं औषधीय उद्यान की स्थापना कराएं। साथ जो औषधीय पौधे होंगे बच्चों को इसकी जानकारी भी देंगे। इससे होने वाले फायदे भी बताएंगे।