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सीतापुर: सचिवालय व खेल के मैदान में बंद किए छुट्टा मवेशी
Mon, 13 Feb 2023 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 13 Feb 2023 12:40 AM IST
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तंबौर/सीतापुर। छुट्टा मवेशियों से त्रस्त भवानीपुर गांव के किसानों के सब्र का बांध टूटा तो उन्होंने विरोध स्वरूप सचिवालय व खेल के मैदान में गोवंश बंद कर दिए। करीब एक सैकड़ा गोवंश बंद करने के बाद किसान बोले कि समस्या का समाधान होने तक इसी तरह विरोध करते रहेंगे। ब्लॉक बेहटा इलाके में छुट्टा मवशियों से किसान त्रस्त हैं। किसानों के मुताबिक खेत में पहुंचकर बेसहारा मवेशी फसलों को तबाह कर देते हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन की ओर से छुट्टा मवेशियों के सरंक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। प्रशासनिक लापरवाही से आजिज भवानीपुर के मजरा कलनापुर व पहलवान सिंह पुरवा के किसानों ने रविवार की सुबह एक सैकड़ा छुट्टा मवेशी सचिवालय व खेल के मैदान में बंद कर दिए। किसान पुरुषोत्तम शुक्ला, सुरेश सिंह, दिनेश सिंह, अरुण कुमार, कमलेश श्रीवास्तव, आनंद सिंह व संदीप सिंह आदि ने बताया कि खेतों में फसल लगाने में हजारों रुपये खर्च करते हैं। यह छुट्टा पशु फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर देते हैं।
कई बार जिम्मेदारों से निदान की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार जब तक इनकी व्यवस्था नहीं करेगी, तब तक हम लोग इसी तरह आवाज उठाते रहेंगे। वहीं, उपजिलाधिकारी लहरपुर अनुपम मिश्रा ने बताया कि जानकारी मिली है। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
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कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन की ओर से छुट्टा मवेशियों के सरंक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। प्रशासनिक लापरवाही से आजिज भवानीपुर के मजरा कलनापुर व पहलवान सिंह पुरवा के किसानों ने रविवार की सुबह एक सैकड़ा छुट्टा मवेशी सचिवालय व खेल के मैदान में बंद कर दिए। किसान पुरुषोत्तम शुक्ला, सुरेश सिंह, दिनेश सिंह, अरुण कुमार, कमलेश श्रीवास्तव, आनंद सिंह व संदीप सिंह आदि ने बताया कि खेतों में फसल लगाने में हजारों रुपये खर्च करते हैं। यह छुट्टा पशु फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर देते हैं।
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कई बार जिम्मेदारों से निदान की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार जब तक इनकी व्यवस्था नहीं करेगी, तब तक हम लोग इसी तरह आवाज उठाते रहेंगे। वहीं, उपजिलाधिकारी लहरपुर अनुपम मिश्रा ने बताया कि जानकारी मिली है। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
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