फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   BJP got the chair after 34 years of struggle

34 वर्षों के संघर्ष के बाद मिली भाजपा को कुर्सी

Fri, 09 Jul 2021 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:21 PM IST
विज्ञापन
BJP got the chair after 34 years of struggle
खैराबाद/सीतापुर। खैराबाद विकासखंड प्रमुख पद की कुर्सी भाजपा को 34 वर्षों के लंबे बनवास के बाद हासिल हो सकी है। जहां एक ओर भाजपा खेमे में खुशी है तो वहीं भाजपा के ही दूसरे खेमे में सिर्फ मायूसी हाथ लगी हैं।
विज्ञापन

इस बार खैराबाद की प्रमुख पद की कुर्सी के लिए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय प्रकाश त्रिपाठी ने सपा को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। लंबे समय से प्रमुख पद उन्हें विरासत में मिला था। वह इस पद को कभी खोना नहीं चाहते थे। इससे पहले उनकी पत्नी ऊषा त्रिपाठी काबिज थीं।
विज्ञापन

गौरतलब है कि भाजपा ने जिले से तीन नाम भेजे थे जिनमें अजय कुमार विश्वकर्मा, सतीश जायसवाल और अजय प्रकाश त्रिपाठी का नाम शामिल था। इन लोगों के बाहरी होने से भाजपा ने सक्रिय कार्यकर्ता अजय कुमार विश्वकर्मा को प्रत्याशी बनाया। अब इनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। इन तीनों में सबसे ताकतवर अजय प्रकाश त्रिपाठी को ही माना जा रहा था लेकिन पार्टी ने अपने वफादार कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अजय प्रकाश त्रिपाठी भाजपा के इस फैसले को निर्णय लेने वालों पर छोड़ रहे हैं। उनका कहना है पार्टी का निर्णय सर्वमान्य है जबकि 1962 से 1983 तक इनके पिता बालक राम त्रिपाठी प्रमुख पद पर रहे। भाजपा समर्थित चंद्र प्रकाश मिश्रा इस कुर्सी पर 1983 से 1987 तक काबिज रहे। 1987 से 2005 तक अपने पिता की छीनी हुई कुर्सी पर अजय प्रकाश त्रिपाठी काबिज रहे।
2005 में कार्यकाल पूरा होने पर सीट बदलने पर अपनी प्रत्याशी विद्या देवी को प्रमुख बनवाकर 2010 तक काबिज रहे। 2010 में फिर से सीट बदलने पर सपा के पूर्व विधायक ने अपनी पत्नी दुलारी जायसवाल के जरिये प्रमुख पद की कुर्सी पर दावेदारी ठोककर सबको चौंका दिया था।
बसपा सरकार में पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ने कुर्सी जीतकर सबको चौंका दिया था। दुलारी जायसवाल 2016 तक काबिज रहीं। 2016 में फिर अजय प्रकाश त्रिपाठी की पत्नी ऊषा त्रिपाठी प्रमुख की कुर्सी पर 2021 तक काबिज रहीं।
अब यह कुर्सी भाजपा को 34 वर्षों के बनवास के बाद हासिल हुई है। पूर्व सपा विधायक राधेश्याम जायसवाल का कहना है भाजपा अखाड़े में ही नहीं आई। उसे हार का भय सता रहा था। इसलिए निर्विरोध बनाकर कुर्सी हथियाने के खेल में कामयाब हो गई।

भाजपा से निर्विरोध चुने गए अजय कुमार विश्वकर्मा कहते हैं कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो एक छोटे कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दे रही है। यह जीत भाजपा के विकास की है। यह जीत क्षेत्र के सभी बीडीसी और क्षेत्र की सभी जनता को समर्पित है। मौका मिला ह,ै समूचे क्षेत्र को विकास के पथ पर ले जाएंगे। राज्य व केंद्र सरकार की सभी योजनाओं से क्षेत्र को जगमगाने का कार्य करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed