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बर्ड फ्लू : प्रशासन सतर्क, कंट्रोल रूम की हुई स्थापना
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सीतापुर। पक्षियों से फैलने वाली एवियम इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) बीमारी से बचाव के लिए प्रशासन सतर्क मोड पर आ गया है। हालांकि अभी तक जिले में इस बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है फिर भी प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। सभी पशु चिकित्साधिकारियों व पोल्ट्री फार्म संचालकों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पशु चिकित्साधिकारियों को पोल्ट्री फार्मो का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बर्ड फ्लू एक जूनोटिक पोटेंशियल वाली अति संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी पोल्ट्री उद्योग में भारी संख्या में पक्षियों की असामयिक मौत का कारण बनती है। एवियम इन्फ्लूएंजा का वायरस कम तापमान पर पनपता है। ठंड की शुरुआत में इसके फैलने का अधिक खतरा रहता है। प्रवासी पक्षियों के मल से यह बीमारी अधिक फैलती है।
इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से आवश्यक तैयारियां करने एवं सावधानी बरतने की जरूरत है। इसे दृष्टिगत रखते हुए जिले में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पशु पालन विभाग ने इसके लिए एक्शन प्लान जारी किया है।
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यह सर्विलांस प्लान अत्यंत सतर्कता से लागू किए जाने के निर्देश सभी पशु चिकित्साधिकारियों को दिए गए हैं। विशेषकर यह सर्विलांस बार्डर एरिया पर स्थित बाजार क्षेत्र एवं वॉटर-बाडीज जंगली पक्षियों के रहने के स्थान आदि क्षेत्रों में लागू किया जाना है।
सभी वीओ को नियमित रूप से सैंपल एकत्र करने एवं भेजने की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे क्षेत्र जहां पर प्रवासी पक्षियों का ठंड में आवागमन लगा रहता है, वहां पर कड़ी निगरानी के लिए कहा गया है। पक्षियों की आबादी वाले क्षेत्रों में विशेषकर सीरो सर्विलांस को प्रभावी तरीके से लागू किया जाना है।
पोल्ट्री फार्म संचालकों के साथ ही कुक्कुट मालिक व इस व्यापार से जुड़े व्यक्तियों को पशु पालन विभाग ने एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। फार्म के बाहर पोटाश का घोल बनाकर रखना है। फार्म के चारों ओर चूना एवं फिनायल का छिड़काव नियमित रूप से कराना है। गंदगी से बचाव करना है। यदि कोई दिक्कत आए तो तत्काल निकट के पशु चिकित्साधिकारी को सूचना देनी है ताकि वह एक्शन प्लान के अनुसार कार्रवाई कर सकें।
बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए पशु चिकित्साधिकारी रामकोट के मोबाइल नंबर 9005188356, डिप्टी सीवीओ सदर के मोबाइल नंबर 8273479008 पर एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मोबाइल नंबर 8765957925 पर सूचना दी जा सकती है।
कुक्कुट व्यापार से जुड़े व्यापारियों ने बताया कि बर्ड फ्लू की अफवाह से बाहर से माल अधिक आने लगा है। इससे मीट के रेट कम हो गए हैं। पोल्ट्री फार्म एवं मीट की दुकान चलाने वाले मो. गुफरान ने बताया कि मुर्गे का जो मीट पहले 180 रुपये प्रति किलो बिकता था, वह अब 150 रुपये में बिक रहा है। मो. आरिज ने बताया कि मीट की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। सामान्य तरीके से बिक्री हो रही है। मीट कारोबारी सुभाष चंद्र एवं अजय ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर व्यापार पर असर पड़ा है। रेट कम होने से आमदनी घटी है। अंडा कारोबारी शिवा ने बताया कि बिक्री पर असर नहीं पड़ा है। पहले की ही तरह सप्लाई हो रही है।
जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कुल 162 पोल्ट्री फार्म हैं। पशु पालन विभाग की कुक्कुट नीति 2013 के तहत छह फार्मों पर प्रतिदिन 30 हजार अंडे व अन्य चार फार्मों पर प्रतिदिन दस हजार अंडे का उत्पादन होता है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम अचल ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू का अभी तक कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। सीरो सर्विलांस के तहत सैंपल जांच के लिए बरेली में स्थित प्रयोगशाला को भेजे जा रहे हैं। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बर्ड फ्लू एक जूनोटिक पोटेंशियल वाली अति संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी पोल्ट्री उद्योग में भारी संख्या में पक्षियों की असामयिक मौत का कारण बनती है। एवियम इन्फ्लूएंजा का वायरस कम तापमान पर पनपता है। ठंड की शुरुआत में इसके फैलने का अधिक खतरा रहता है। प्रवासी पक्षियों के मल से यह बीमारी अधिक फैलती है।
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इस बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से आवश्यक तैयारियां करने एवं सावधानी बरतने की जरूरत है। इसे दृष्टिगत रखते हुए जिले में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पशु पालन विभाग ने इसके लिए एक्शन प्लान जारी किया है।
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यह सर्विलांस प्लान अत्यंत सतर्कता से लागू किए जाने के निर्देश सभी पशु चिकित्साधिकारियों को दिए गए हैं। विशेषकर यह सर्विलांस बार्डर एरिया पर स्थित बाजार क्षेत्र एवं वॉटर-बाडीज जंगली पक्षियों के रहने के स्थान आदि क्षेत्रों में लागू किया जाना है।
सभी वीओ को नियमित रूप से सैंपल एकत्र करने एवं भेजने की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे क्षेत्र जहां पर प्रवासी पक्षियों का ठंड में आवागमन लगा रहता है, वहां पर कड़ी निगरानी के लिए कहा गया है। पक्षियों की आबादी वाले क्षेत्रों में विशेषकर सीरो सर्विलांस को प्रभावी तरीके से लागू किया जाना है।
पोल्ट्री फार्म संचालकों के साथ ही कुक्कुट मालिक व इस व्यापार से जुड़े व्यक्तियों को पशु पालन विभाग ने एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। फार्म के बाहर पोटाश का घोल बनाकर रखना है। फार्म के चारों ओर चूना एवं फिनायल का छिड़काव नियमित रूप से कराना है। गंदगी से बचाव करना है। यदि कोई दिक्कत आए तो तत्काल निकट के पशु चिकित्साधिकारी को सूचना देनी है ताकि वह एक्शन प्लान के अनुसार कार्रवाई कर सकें।
बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए पशु चिकित्साधिकारी रामकोट के मोबाइल नंबर 9005188356, डिप्टी सीवीओ सदर के मोबाइल नंबर 8273479008 पर एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के मोबाइल नंबर 8765957925 पर सूचना दी जा सकती है।
कुक्कुट व्यापार से जुड़े व्यापारियों ने बताया कि बर्ड फ्लू की अफवाह से बाहर से माल अधिक आने लगा है। इससे मीट के रेट कम हो गए हैं। पोल्ट्री फार्म एवं मीट की दुकान चलाने वाले मो. गुफरान ने बताया कि मुर्गे का जो मीट पहले 180 रुपये प्रति किलो बिकता था, वह अब 150 रुपये में बिक रहा है। मो. आरिज ने बताया कि मीट की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। सामान्य तरीके से बिक्री हो रही है। मीट कारोबारी सुभाष चंद्र एवं अजय ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर व्यापार पर असर पड़ा है। रेट कम होने से आमदनी घटी है। अंडा कारोबारी शिवा ने बताया कि बिक्री पर असर नहीं पड़ा है। पहले की ही तरह सप्लाई हो रही है।
जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कुल 162 पोल्ट्री फार्म हैं। पशु पालन विभाग की कुक्कुट नीति 2013 के तहत छह फार्मों पर प्रतिदिन 30 हजार अंडे व अन्य चार फार्मों पर प्रतिदिन दस हजार अंडे का उत्पादन होता है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम अचल ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू का अभी तक कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। सीरो सर्विलांस के तहत सैंपल जांच के लिए बरेली में स्थित प्रयोगशाला को भेजे जा रहे हैं। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।