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बिना बिजली के आया पांच लाख का बिल
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सिधौली के कनेरा गांव में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : SITAPUR
सिधौली (सीतापुर)। सिधौली में पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही का एक नया मामला सामने आया है। कुनेरा के 35 लोगों को करीब पांच लाख रुपये के बिजली बिल थमा दिए गए। जिस दौरान के बिल दिए गए हैं, उस समय गांव में बिजली ही नहीं थी। जब ये बिल किसानों के घर पहुंचे तो वे दंग रह गए। अब वह बिल दुरुस्त कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि 2006 में गांव में एक प्राइवेट कंपनी द्वारा विद्युतीकरण किया गया था। उस समय गांव के 35 लोगों के यहां बिजली मीटर लगा दिए थे। पावर कॉर्पोरेशन ने बताया था कि जल्द ही विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाएगी। लेकिन धीरे-धीरे समय बीतता गया, गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
केवल बिजली मीटर शोपीस बनकर रह गए। इसके बाद 2018 में गांव में फिर से विद्युतीकरण हुआ। गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई। इस अवधि का ग्रामीण बराबर बिजली बिल जमा कर रहे हैं। ग्रामीणो को 2006 से 2018 के बीच के बिजली बिल मुहैया कराए गए हैं। इसको देखकर ग्रामीण हैरान हैं। अब वह अफसरों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।
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इनके आए है बिजली बिल
बिना बिजली आपूर्ति के बिल आने पर ग्रामीण परेशान हैं। जयप्रकाश, कमलेश, नवमी, रामकुमार, बृजेश कुमार, छत्रपाल, जगदीश प्रसाद, दिवाकर सिंह, रामस्वरुप सहित करीब 35 लोगों का करीब पांच लाख रुपये का बिल आया है। लोगों का कहना है कि गलती पावर कॉर्पोरेशन की ओर से हुई है। अब अधिकारियों के चक्कर लगाकर समय हमारा बर्बाद हो रहा है।
यह पुराना मामला है। अगर गलत तरीके से बिजली बिल पहुंच गए हैं तो उपभोक्ताओ को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह शिकायती पत्र दे। समस्या दूर की जाएगी।
- आमोद कुमार, एसडीओ
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ग्रामीणों का कहना है कि 2006 में गांव में एक प्राइवेट कंपनी द्वारा विद्युतीकरण किया गया था। उस समय गांव के 35 लोगों के यहां बिजली मीटर लगा दिए थे। पावर कॉर्पोरेशन ने बताया था कि जल्द ही विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाएगी। लेकिन धीरे-धीरे समय बीतता गया, गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
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केवल बिजली मीटर शोपीस बनकर रह गए। इसके बाद 2018 में गांव में फिर से विद्युतीकरण हुआ। गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई। इस अवधि का ग्रामीण बराबर बिजली बिल जमा कर रहे हैं। ग्रामीणो को 2006 से 2018 के बीच के बिजली बिल मुहैया कराए गए हैं। इसको देखकर ग्रामीण हैरान हैं। अब वह अफसरों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।
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इनके आए है बिजली बिल
बिना बिजली आपूर्ति के बिल आने पर ग्रामीण परेशान हैं। जयप्रकाश, कमलेश, नवमी, रामकुमार, बृजेश कुमार, छत्रपाल, जगदीश प्रसाद, दिवाकर सिंह, रामस्वरुप सहित करीब 35 लोगों का करीब पांच लाख रुपये का बिल आया है। लोगों का कहना है कि गलती पावर कॉर्पोरेशन की ओर से हुई है। अब अधिकारियों के चक्कर लगाकर समय हमारा बर्बाद हो रहा है।
यह पुराना मामला है। अगर गलत तरीके से बिजली बिल पहुंच गए हैं तो उपभोक्ताओ को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह शिकायती पत्र दे। समस्या दूर की जाएगी।
- आमोद कुमार, एसडीओ