आजम खां : जल निगम भर्ती घोटाले में लखनऊ कोर्ट में हुए पेश, नहीं तय हुए आरोप, अगली सुनवाई दो जून
विधायक आजम खां 27 फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं। उनके साथ में उनकी पत्नी और बेटे भी बंद थे, लेकिन दोनों जमानत पर रिहा हो चुके हैं। आजम खां पर वह 87 मामले दर्ज थे। 86 मामलों में जमानत हो चुकी है।
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जल निगम भर्ती घोटाला मामले में सीतापुर जेल में बंद पूर्व मंत्री आज़म खान को लखनऊ स्थित सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश मनोज पांडेय की कोर्ट में पेश किया गया। आज़म व अन्य आरोपियों की ओर से अभियोजन के प्रपत्रों की प्रति की मांग की गई, जिसके चलते आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए दो जून की तारीख़ तय की है। आज़म खान को वापस सीतापुर जेल भेज दिया गया। बताते चलें कि, विधायक आजम खां 27 फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं। उनके साथ में उनकी पत्नी और बेटे भी बंद थे, लेकिन दोनों जमानत पर रिहा हो चुके हैं। आजम खां पर वह 87 मामले दर्ज थे। 86 मामलों में जमानत हो चुकी है।
संपत्ति के मामले में अभी हाल ही में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, लेकिन इस मामले में जमानत मिलने के एक दिन पहले ही फर्जी दस्तावेज के सहारे स्कूल की मान्यता लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में रामपुर से सीतापुर जेल को वारंट भी भेजा गया था। इसी मामले में उनकी रिहाई अटकी है। वहीं, गुरुवार को आजम खां को सीतापुर जेल से सुबह करीब 9.00 बजे लखनऊ सीबीआई कोर्ट ले जाया गया है। जेलर आरएस यादव ने बताया कि जल निगम भर्ती घोटाले के मामले में आजम खां की लखनऊ सीबीआई कोर्ट में गुरुवार को पेशी है। उसी के लिए वह सुबह जेल से गए हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच में उन्हें ले जाया गया है। पेशी के बाद वापस आ जाएंगे। जेलर ने बताया कि इस मामले में उनकी जमानत भी हो चुकी है।
आजम को जाने क्यों नहीं देते, एक में जमानत मिलते ही दूसरा मुकदमा क्यों- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सपा नेता आजम खां के साथ हो रहे ‘इत्तेफाक’ पर चिंता जताई और यूपी सरकार से पूछा कि सपा नेता आजम को एक मामले में जमानत मिलती है तो उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज कर लिया जाता है, आखिर यह हो क्या रहा है?
जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने इस मामले में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और सुनवाई 17 मई तक के लिए स्थगित कर दिया। खां को जमानत मिलने के बाद जिस तरह से नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उससे चिंतित जस्टिस राव ने बुधवार को एएसजी राजू से कहा कि यह क्या है? आप उन्हें जाने क्यों नहीं देते।
जवाब में राजू ने कहा कि खां के खिलाफ सभी मामलों में तथ्य हैं। इससे नाराज जस्टिस राव ने कहा कि 89 मामले नहीं हो सकते। वह दो साल से जेल में हैं। वहीं जस्टिस गवई ने कहा कि क्या यह सिलसिला जारी रहेगा। जैसे ही उन्हें एक मामले में जमानत पर रिहा किया जाता है, आप एक नई प्राथमिकी दर्ज करते हैं। आप उन्हें सलाखों के पीछे रखना चाहते हैं।
जाली भवन प्रमाण पत्र को लेकर मामला दर्ज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को शत्रु संपत्ति को हथियाने और उस पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय बनाने के मामले में आजम खां को जमानत दी थी। जानकारी के मुताबिक, अब रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता प्राप्त करने के लिए जाली भवन प्रमाण पत्र का मामला दर्ज किया गया है।
आजम खां ने मांगा अभियोजन प्रपत्रों की पूरी नकल
जल निगम भर्ती घोटाला मामले में सीतापुर जेल में बंद विधायक आजम खां समेत अन्य आरोपियों संतोष रस्तोगी, हेमंत कुमार, अजय यादव व गिरीश चंद को बृहस्पतिवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश मनोज पांडे की कोर्ट में पेश किया गया। आरोपियों ने अभियोजन प्रपत्रों की अपूर्ण नकल दिए जाने कही और पूरी नकल देने की मांग की। इस पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए सात जून की तारीख तय की है।
वहीं मामले के अन्य आरोपियों जय प्रिया स्वप्निल, भवनेश जैन, आफताब खान, कुलदीप सिंह, कुमार विश्वजीत सिंह, रोमन फर्नांडीस और जितेंद्र दीक्षित की ओर से हाजिरी माफ करने की मांग वाली अर्जी कोर्ट को दी गई। पत्रावली के मुताबिक आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने सपा सरकार में मंत्री रहते हुए जल निगम में 1,342 पदों पर नियम विरुद्ध भर्ती करके घोटाला किया था। शासन ने मामले की जांच एसआईटी से कराई थी। जिसमें आरोप सही पाए जाने के बाद 25 अप्रैल 2018 को एसआईटी के निरीक्षक अटल बिहारी ने आजम खां तत्कालीन अध्यक्ष जल निगम, सैयद आफाक अहमद तत्कालीन ओएसडी, श्रीप्रकाश सिंह तत्कालीन सचिव नगर विकास, प्रेम प्रकाश आशुदानी तत्कालीन प्रबंध निदेशक जल निगम, अनिल कुमार खरे तत्कालीन मुख्य अभियंता और भर्ती प्रक्रिया में शामिल कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।