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Sitapur News: नारी अदालत पहुंचे एएसपी, परखी कार्यप्रणाली
Fri, 18 Apr 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 18 Apr 2025 11:53 PM IST
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पिसावां(सीतापुर)। कस्बे के निरीक्षण भवन परिसर में महिला समाख्या की उपवन महासमिति द्वारा आयोजित नारी अदालत का अपर पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण किया। नारी अदालत के दौरान 12 महिलाओं की टीम ने विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की।
करौंदिया गांव निवासी माया देवी का तीन साल से अपने पति से विवाद चल रहा था। नारी अदालत के द्वारा निस्तारण कराया गया। इस दौरान एक फसल से जुड़े विवाद को भी सुलझाया गया। एएसपी प्रवीण रंजन ने नारी अदालत की सराहना करते हुए कहा कि छोटे विवादों का इस प्रकार से आपसी तालमेल से समझौता कराना बेहद ही सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि नारी अदालत की महिलाएं एंटी रोमियो टीम के साथ मिलकर महिला हिंसा पर अंकुश लगाने में भी मदद करें। इस दौरान नारी अदालत की रेखा गुप्ता, नीबू कली, प्रतिभा, माया, सुषमा, सुशीला आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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नारी अदालत को माना
पति-पत्नी सहित परिवारों के छोटे-छोटे विवादों को कोर्ट और थाने की दहलीज तक न जाना पड़े। आपसी तालमेल और समझौतों के साथ सभी समस्याओं का निराकरण आसानी से हो सके। इसलिए महिला समाख्या की उपवन महासमिति द्वारा 2005 से नारी अदालत का संचालन किया जा रहा है। नारी अदालत का आयोजन प्रत्येक माह की 14 व 28 तारीख को किया जाता है। सदस्य नींबू कली ने बताया कि अभी तक पति-पत्नी और महिला हिंसा के लगभग छह हजार से भी अधिक वादों का निस्तारण किया जा चुका है।
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करौंदिया गांव निवासी माया देवी का तीन साल से अपने पति से विवाद चल रहा था। नारी अदालत के द्वारा निस्तारण कराया गया। इस दौरान एक फसल से जुड़े विवाद को भी सुलझाया गया। एएसपी प्रवीण रंजन ने नारी अदालत की सराहना करते हुए कहा कि छोटे विवादों का इस प्रकार से आपसी तालमेल से समझौता कराना बेहद ही सराहनीय है।
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उन्होंने कहा कि नारी अदालत की महिलाएं एंटी रोमियो टीम के साथ मिलकर महिला हिंसा पर अंकुश लगाने में भी मदद करें। इस दौरान नारी अदालत की रेखा गुप्ता, नीबू कली, प्रतिभा, माया, सुषमा, सुशीला आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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नारी अदालत को माना
पति-पत्नी सहित परिवारों के छोटे-छोटे विवादों को कोर्ट और थाने की दहलीज तक न जाना पड़े। आपसी तालमेल और समझौतों के साथ सभी समस्याओं का निराकरण आसानी से हो सके। इसलिए महिला समाख्या की उपवन महासमिति द्वारा 2005 से नारी अदालत का संचालन किया जा रहा है। नारी अदालत का आयोजन प्रत्येक माह की 14 व 28 तारीख को किया जाता है। सदस्य नींबू कली ने बताया कि अभी तक पति-पत्नी और महिला हिंसा के लगभग छह हजार से भी अधिक वादों का निस्तारण किया जा चुका है।