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एयर लिफ्ट कर बचाई जा सकेगी जान
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:35 PM IST
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घाघरा में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर बचाएंगे
बाढ़ आने पर शासन से हैलीकॉप्टर की भी मदद लेने का भेजा प्रस्ताव
सीतापुर। जिले में घाघरा में बाढ़ आने पर फंसे लोगाें की मदद के लिए इस बार जिला प्रशासन हैलीकॉप्टर की भी मदद लेगा। नाव व स्टीमर से मदद न पहुंचने की स्थिति में लोगों को एयरलिफ्ट कर निकाला जाएगा। प्रशासन ने इस बार बचाव का जो खाका तैयार किया है, उसमें हवाई मदद भी शामिल है। जिसको लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
लहरपुर, बिसवां व महमूदाबाद क्षेत्र के करीब 150 से 200 गांव शारदा, घाघरा के उफनाते ही बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। हालांकि प्रशासन का आंकड़ा इससे बेहद कम है। इनमें लहरपुर व बिसवां क्षेत्र में 20 से 25 ऐसे गांव हैं, जहां अचानक बाढ़ आने पर बच निकलना मुश्किल होगा। जबकि घाघरा के बीच टापू पर ही तीन पुरवे बसे हुए हैं। जिनमें करीब 300 परिवार रहते हैं। एक अनुमानित आंकड़े के हिसाब से 1200 से 1500 की जनसंख्या हर वक्त घाघरा के बीच टापू पर मौजूद रहती है। ऐसे में जब नदी विकराल रूप धरेगी, तब स्टीमर व नाव बेबस नजर आएंगी। प्रशासन ने इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए टापू पर फंसे लोगों को बचाने के लिए एयरलिफ्ट की योजना बनाई है। जिला प्रशासन ने इस बार शासन को हैलीकॉप्टर की मदद के लिए भी पत्र लिखा है।
मांगी गई है मदद
बाढ़ पीड़ितों को एयरलिफ्ट कर बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालने की इस बार योजना बनाई गई है। जब नाव व स्टीमर से काम नहीं चलेगा, तो हैलीकॉप्टर की मदद ली जाएगी। इसको लेकर शासन को पत्र भेजा गया है।
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राकेश चंद्र शर्मा, एडीएम
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बाढ़ आने पर शासन से हैलीकॉप्टर की भी मदद लेने का भेजा प्रस्ताव
सीतापुर। जिले में घाघरा में बाढ़ आने पर फंसे लोगाें की मदद के लिए इस बार जिला प्रशासन हैलीकॉप्टर की भी मदद लेगा। नाव व स्टीमर से मदद न पहुंचने की स्थिति में लोगों को एयरलिफ्ट कर निकाला जाएगा। प्रशासन ने इस बार बचाव का जो खाका तैयार किया है, उसमें हवाई मदद भी शामिल है। जिसको लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
लहरपुर, बिसवां व महमूदाबाद क्षेत्र के करीब 150 से 200 गांव शारदा, घाघरा के उफनाते ही बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। हालांकि प्रशासन का आंकड़ा इससे बेहद कम है। इनमें लहरपुर व बिसवां क्षेत्र में 20 से 25 ऐसे गांव हैं, जहां अचानक बाढ़ आने पर बच निकलना मुश्किल होगा। जबकि घाघरा के बीच टापू पर ही तीन पुरवे बसे हुए हैं। जिनमें करीब 300 परिवार रहते हैं। एक अनुमानित आंकड़े के हिसाब से 1200 से 1500 की जनसंख्या हर वक्त घाघरा के बीच टापू पर मौजूद रहती है। ऐसे में जब नदी विकराल रूप धरेगी, तब स्टीमर व नाव बेबस नजर आएंगी। प्रशासन ने इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए टापू पर फंसे लोगों को बचाने के लिए एयरलिफ्ट की योजना बनाई है। जिला प्रशासन ने इस बार शासन को हैलीकॉप्टर की मदद के लिए भी पत्र लिखा है।
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मांगी गई है मदद
बाढ़ पीड़ितों को एयरलिफ्ट कर बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालने की इस बार योजना बनाई गई है। जब नाव व स्टीमर से काम नहीं चलेगा, तो हैलीकॉप्टर की मदद ली जाएगी। इसको लेकर शासन को पत्र भेजा गया है।
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राकेश चंद्र शर्मा, एडीएम