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आयुष्मान योजना में गरीबों को मिलेगा फ्री इलाज
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:16 PM IST
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आयुष्मान योजना में गरीबों को मिलेगा फ्री इलाज
- कार्यशाला में निजी अस्पतालों को दी गई योजना की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। आयुष्मान भारत नेशनल हैल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत मंगलवार को आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में प्राइवेट अस्पतालों को योजना की जानकारी दी। साथ ही उन्हें योजना के क्रियान्वयन के तरीके भी बताए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी विनय पाठक ने की।
कार्यशाला में सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया कि आयुष्मान योजना में एसईसी डाटा बेस में सम्मिलित परिवारों को 5 लाख तक की सीमा तक प्रतिवर्ष परिवार फ्लोटर के आधार पर सूचीबद्ध प्राइवेट एवं सरकारी अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना से सूचीबद्ध करने के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। मसलन, 10 बेड का कम से कम हॉस्पिटल हो। 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता हो। पूर्ण रूप से मेडिकल-सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा व एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो आदि। शासन की गाइड लाइन पर खरे उतरने वाले हॉस्पिटलों को योजना में इम्पनेल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर 15 दिनों के अंदर डिस्ट्रिक्ट एम्पनेलमेंट कमिटी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में मानक पूर्ण होने के बाद ही प्राइवेट अस्पतालों को एम्पनेलमेंट किया जाएगा।प्राइवेट अस्पतालों को इम्पानेल करने के 7 दिनों के भीतर राज्य सरकार के साथ योजना में कार्य करने को अनुबंध निष्पादित किया जाएगा । बैठक में उन्होंने सभी प्राइवेट चिकित्सकों से जल्द से जल्द योजना से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यशाला में डॉ. पीके सिंह, डॉ. रूप कुमार टंडन, राज कुमार, सुजीत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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- कार्यशाला में निजी अस्पतालों को दी गई योजना की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। आयुष्मान भारत नेशनल हैल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत मंगलवार को आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में प्राइवेट अस्पतालों को योजना की जानकारी दी। साथ ही उन्हें योजना के क्रियान्वयन के तरीके भी बताए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी विनय पाठक ने की।
कार्यशाला में सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने बताया कि आयुष्मान योजना में एसईसी डाटा बेस में सम्मिलित परिवारों को 5 लाख तक की सीमा तक प्रतिवर्ष परिवार फ्लोटर के आधार पर सूचीबद्ध प्राइवेट एवं सरकारी अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना से सूचीबद्ध करने के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। मसलन, 10 बेड का कम से कम हॉस्पिटल हो। 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता हो। पूर्ण रूप से मेडिकल-सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा व एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो आदि। शासन की गाइड लाइन पर खरे उतरने वाले हॉस्पिटलों को योजना में इम्पनेल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर 15 दिनों के अंदर डिस्ट्रिक्ट एम्पनेलमेंट कमिटी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में मानक पूर्ण होने के बाद ही प्राइवेट अस्पतालों को एम्पनेलमेंट किया जाएगा।प्राइवेट अस्पतालों को इम्पानेल करने के 7 दिनों के भीतर राज्य सरकार के साथ योजना में कार्य करने को अनुबंध निष्पादित किया जाएगा । बैठक में उन्होंने सभी प्राइवेट चिकित्सकों से जल्द से जल्द योजना से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यशाला में डॉ. पीके सिंह, डॉ. रूप कुमार टंडन, राज कुमार, सुजीत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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