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Sitapur News: जर्जर भवन की पुताई के नाम पर 73 हजार रुपये का खेल
Tue, 16 May 2023 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 16 May 2023 12:30 AM IST
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सीतापुर से आंगनवाड़ी केन्द्र विक्रमपुर।
सीतापुर। आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प की महत्वकांक्षी योजना को जिले में तैनात कुछ कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं। केंद्रों के भवनों की रंगाई-पुताई के नाम पर ग्राम पंचायत को मिलने वाले पांचवे वित्त के बजट से रुपये निकालने के सात माह बाद भी कोई कार्य नहीं कराया गया। मामला मछरेहटा विकास खंड की ग्राम पंचायत बारेपारा का है।
मछरेहटा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली बारेपारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत विक्रमपुर मजरा में आंगनबाड़ी भवन बना है। जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी भवनों के कायाकल्प की कवायद शुरू हुई, तो इस भवन की रंगाई-पुताई के नाम पर 73,101 रुपये का भुगतान अक्टूबर 2022 में कर दिया गया। ग्राम पंचायत को मिलने वाले बजट से भुगतान किया गया लेकिन सात माह बीतने के बाद भी रंगाई-पुताई का कार्य नहीं हुआ। आंगनबाड़ी भवन अब भी जर्जर है। इतना ही नहीं इसी ग्राम पंचायत में हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर 29 सितंबर 2022 को 90,710 रुपये का भुगतान कर दिया गया लेकिन कोई कार्य हुआ ही नहीं।
डोंगल सचिव के पास, प्रधान को पता नहीं
आंगनबाड़ी भवन की रंगाई-पुताई और हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर रुपये निकाले जाने और कोई काम न होने के बारे में ग्राम प्रधान जसोदा देवी से बात की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने बताया कि उनका डोंगल ग्राम सचिव छाया यादव के पास है। वह ही भुगतान करती हैं। जसोदा का यह भी कहना है कि सचिव मनमानी करती हैं और कोई जानकारी नहीं देती हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को डीएम और अन्य अधिकारियों से भी ग्राम सचिव की शिकायत दर्ज कराई है।
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बिना कार्य कराए भुगतान निकाल लेना बेहद गलत है। डोंगल प्रधान के पास ही होना चाहिए। अगर सचिव ने प्रधान का डोंगल अपने पास रख रखा है, तो यह नियम के विरुद्ध है। पूरे मामले की जानकारी कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
- मनोज कुमार, डीपीआरओ
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मछरेहटा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली बारेपारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत विक्रमपुर मजरा में आंगनबाड़ी भवन बना है। जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी भवनों के कायाकल्प की कवायद शुरू हुई, तो इस भवन की रंगाई-पुताई के नाम पर 73,101 रुपये का भुगतान अक्टूबर 2022 में कर दिया गया। ग्राम पंचायत को मिलने वाले बजट से भुगतान किया गया लेकिन सात माह बीतने के बाद भी रंगाई-पुताई का कार्य नहीं हुआ। आंगनबाड़ी भवन अब भी जर्जर है। इतना ही नहीं इसी ग्राम पंचायत में हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर 29 सितंबर 2022 को 90,710 रुपये का भुगतान कर दिया गया लेकिन कोई कार्य हुआ ही नहीं।
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डोंगल सचिव के पास, प्रधान को पता नहीं
आंगनबाड़ी भवन की रंगाई-पुताई और हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर रुपये निकाले जाने और कोई काम न होने के बारे में ग्राम प्रधान जसोदा देवी से बात की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने बताया कि उनका डोंगल ग्राम सचिव छाया यादव के पास है। वह ही भुगतान करती हैं। जसोदा का यह भी कहना है कि सचिव मनमानी करती हैं और कोई जानकारी नहीं देती हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को डीएम और अन्य अधिकारियों से भी ग्राम सचिव की शिकायत दर्ज कराई है।
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बिना कार्य कराए भुगतान निकाल लेना बेहद गलत है। डोंगल प्रधान के पास ही होना चाहिए। अगर सचिव ने प्रधान का डोंगल अपने पास रख रखा है, तो यह नियम के विरुद्ध है। पूरे मामले की जानकारी कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
- मनोज कुमार, डीपीआरओ