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...आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई जिंदा जलाई गई युवती
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इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात के 35वें दिन लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम
तंबौर (सीतापुर)। ...आखिरकार छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस से करने पर दिनदहाड़े जिंदा जलाई गई युवती जिंदगी की जंग हार गई। लखनऊ में इलाज के दौरान वारदात के पैंतीसवे दिन शुक्रवार को पीड़िता ने दम तोड़ दिया। पीड़िता की मौत से गांव में मातम पसरा नजर आया। देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंचा था।
मालूम हो, कि थानाक्षेत्र के एक गांव की युवती से नवंबर 2018 में गांव के ही एक युवक ने छेड़छाड़ की थी। इसकी शिकायत युवती ने थाना तंबौर पुलिस के अलावा सीओ बिसवां से भी की। मगर पुलिस ने इस गंभीर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
पुलिसिया लापरवाही से आरोपी के हौसले इस कदर बुलंद हुए कि 1 दिसंबर 2018 की दोपहर खेत में युवती पर केरोसिन उड़ेलकर जिंदा जला दिया। यह दुस्साहसिक वारदात छेड़छाड़ के आरोपी ने अपने सगे भाई के साथ मिलकर अंजाम दी।
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चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाकर बुरी तरह झुलसी युवती को सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया था। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना जब मीडिया की सुर्खियां बनी तो अगले दिन 2 दिसंबर को डीजीपी ने आईजी रेंज को जांच के लिए सीतापुर भेजा।
डीजीपी की फटकार के बाद तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने तत्कालीन एसओ तंबौर हलका इंचार्ज व मुंशी को निलंबित कर दिया गया था। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था।
वहीं, कुछ दिनों तक जिला अस्पताल में इलाज के बाद पीड़िता को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया था। उसके बाद से पीड़िता लखनऊ में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही थी। वारदात के 35वें दिन शुक्रवार को आखिरकार पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई और दम तोड़ दिया।
खबर मिलने पर लखनऊ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़िता की मौत से यहां उसके गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीण शव गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंचा था।
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तंबौर (सीतापुर)। ...आखिरकार छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस से करने पर दिनदहाड़े जिंदा जलाई गई युवती जिंदगी की जंग हार गई। लखनऊ में इलाज के दौरान वारदात के पैंतीसवे दिन शुक्रवार को पीड़िता ने दम तोड़ दिया। पीड़िता की मौत से गांव में मातम पसरा नजर आया। देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंचा था।
मालूम हो, कि थानाक्षेत्र के एक गांव की युवती से नवंबर 2018 में गांव के ही एक युवक ने छेड़छाड़ की थी। इसकी शिकायत युवती ने थाना तंबौर पुलिस के अलावा सीओ बिसवां से भी की। मगर पुलिस ने इस गंभीर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
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पुलिसिया लापरवाही से आरोपी के हौसले इस कदर बुलंद हुए कि 1 दिसंबर 2018 की दोपहर खेत में युवती पर केरोसिन उड़ेलकर जिंदा जला दिया। यह दुस्साहसिक वारदात छेड़छाड़ के आरोपी ने अपने सगे भाई के साथ मिलकर अंजाम दी।
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चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाकर बुरी तरह झुलसी युवती को सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेज दिया था। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना जब मीडिया की सुर्खियां बनी तो अगले दिन 2 दिसंबर को डीजीपी ने आईजी रेंज को जांच के लिए सीतापुर भेजा।
डीजीपी की फटकार के बाद तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने तत्कालीन एसओ तंबौर हलका इंचार्ज व मुंशी को निलंबित कर दिया गया था। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था।
वहीं, कुछ दिनों तक जिला अस्पताल में इलाज के बाद पीड़िता को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया था। उसके बाद से पीड़िता लखनऊ में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही थी। वारदात के 35वें दिन शुक्रवार को आखिरकार पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई और दम तोड़ दिया।
खबर मिलने पर लखनऊ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़िता की मौत से यहां उसके गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीण शव गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंचा था।