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पत्नी की हत्या में पति को सात साल की कैद
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:05 AM IST
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रहलाद टंडन ने पत्नी की हत्या के आरोप में उसके पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चौधरी द्वारा की गई।
मछरेहटा थानाक्षेत्र के ग्राम दौलतपुर निवासी बबलू के विरुद्ध उसके ससुर रामभरोसे ने एक केस दर्ज कराया था। रामभरोसे के मुताबिक उसने अपनी पुत्री सुमन देवी का विवाह घटना के लगभग 12 वर्ष पूर्व किया था। वर्ष 2012 में सुमन की देवरानी ने वादी के मोबाइल पर सूचना दी, कि बबलू कमरा बंद कर अपनी पत्नी को पीट रहा है।
इस सूचना पर सुबह वादी अपने लड़के व भतीजे के साथ दौलतपुर पहुंचा तो देखा उसकी बेटी की मृत्यु हो चुकी है। इस घटना की सूचना वादी द्वारा थाने पर देकर 28 अक्तूबर 2012 को बबलू के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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विवेचना में आरोप पत्र भेजे जाने के बाद न्यायालय में इस मुकदमे का विचारण हुआ। न्यायालय में आए साक्ष्य के बाद न्यायाधीश ने इसे हत्या का मामला पाया लेकिन आरोपी को मात्र 304 भारतीय दंड विधान सहित दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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मछरेहटा थानाक्षेत्र के ग्राम दौलतपुर निवासी बबलू के विरुद्ध उसके ससुर रामभरोसे ने एक केस दर्ज कराया था। रामभरोसे के मुताबिक उसने अपनी पुत्री सुमन देवी का विवाह घटना के लगभग 12 वर्ष पूर्व किया था। वर्ष 2012 में सुमन की देवरानी ने वादी के मोबाइल पर सूचना दी, कि बबलू कमरा बंद कर अपनी पत्नी को पीट रहा है।
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इस सूचना पर सुबह वादी अपने लड़के व भतीजे के साथ दौलतपुर पहुंचा तो देखा उसकी बेटी की मृत्यु हो चुकी है। इस घटना की सूचना वादी द्वारा थाने पर देकर 28 अक्तूबर 2012 को बबलू के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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विवेचना में आरोप पत्र भेजे जाने के बाद न्यायालय में इस मुकदमे का विचारण हुआ। न्यायालय में आए साक्ष्य के बाद न्यायाधीश ने इसे हत्या का मामला पाया लेकिन आरोपी को मात्र 304 भारतीय दंड विधान सहित दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।